26/02/2026
प्रेस विज्ञप्ति
नई दिल्ली।
अब्दुल मुईद हाशमी दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष, Social Democratic Party of India (SDPI) ने महान क्रांतिकारी चन्द्रशेखर आजाद की पुण्यतिथि के अवसर पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि चंद्रशेखर आजाद भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के ऐसे अमर सेनानी थे, जिन्होंने अपने साहस, रणनीति और अदम्य आत्मविश्वास से ब्रिटिश हुकूमत की नींव हिला दी थी।
हाशमी ने अपने बयान में कहा कि आजाद ने किशोरावस्था में ही देश की स्वतंत्रता के लिए संघर्ष का मार्ग चुन लिया था। असहयोग आंदोलन के दौरान गिरफ्तारी के समय जब उनसे उनका नाम पूछा गया, तो उन्होंने गर्व से कहा — “मेरा नाम आजाद है, पिता का नाम स्वतंत्रता और पता जेलखाना।” यह घटना उनके व्यक्तित्व की दृढ़ता और देशभक्ति का परिचायक है।
उन्होंने आगे कहा कि चंद्रशेखर आजाद Hindustan Socialist Republican Association (HSRA) के प्रमुख स्तंभ थे। उन्होंने युवाओं को संगठित कर क्रांतिकारी आंदोलन को नई दिशा दी और अन्याय के विरुद्ध संघर्ष का साहस पैदा किया। उनका जीवन त्याग, अनुशासन और संगठन क्षमता का उत्कृष्ट उदाहरण है।
अब्दुल मुईद हाशमी ने कहा कि 27 फरवरी 1931 को इलाहाबाद के अल्फ्रेड पार्क (वर्तमान आजाद पार्क) में जब वे अंग्रेज़ों से घिर गए, तब उन्होंने आत्मसमर्पण के बजाय वीरगति को चुना और अपने संकल्प को निभाया कि वे कभी भी जीवित पकड़े नहीं जाएंगे। यह बलिदान भारतीय इतिहास की अमिट गाथा है।
उन्होंने कहा कि आज जब देश सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक चुनौतियों का सामना कर रहा है, तब चंद्रशेखर आजाद के विचार और संघर्ष की भावना हमें लोकतंत्र, संविधान और समानता की रक्षा के लिए प्रेरित करते हैं। युवाओं को चाहिए कि वे उनके जीवन से प्रेरणा लेकर अन्याय, भेदभाव और शोषण के खिलाफ संगठित होकर आवाज़ बुलंद करें।
हाशमी ने अंत में कहा कि चंद्रशेखर आजाद केवल एक क्रांतिकारी नहीं, बल्कि राष्ट्र की अस्मिता और स्वाभिमान के प्रतीक हैं। उनका बलिदान सदैव देशवासियों को स्वतंत्रता, साहस और आत्मसम्मान की राह दिखाता रहेगा
जारी कर्ता:
मीडिया प्रभारी
सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (SDPI)
नई दिल्ली