Rashtriya Manuwadi Party, Gautam Buddh Nagar

Rashtriya  Manuwadi Party, Gautam Buddh Nagar आप सभी की अपनी मनुवादी पार्टी में स्वागत है
अभिनन्दन है
जय मनुवाद , जय भारत माता की

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26/07/2021

😢😢हमारे देश का क़ानून बंटवारे की नीति आपस मे मिल नही पाए 😢😢
👍मुल्क के राष्ट्रपति के बेडरूम की खिड़की सड़क की ओर खुलती थी। रोज़ाना हज़ारों आदमी और वाहन उस सड़क से गुज़रते थे। राष्ट्रपति इस बहाने जनता की परेशानी और दुःख-दर्द को निकट से जान लेते👌
राष्ट्रपति ने एक सुबह खिड़की का परदा हटाया। भयंकर सर्दी आसमान से गिरते रुई के फाहे ओले दूर-दूर तक फैली सफ़ेद चादर अचानक उन्हें दिखा कि बेंच पर एक आदमी बैठा है। ठंड से सिकुड़ कर गठरी सा होता हुआ😢
राष्ट्रपति ने पीए को कहा -उस आदमी के बारे में जानकारी लो और उसकी ज़रूरत पूछो💐
दो घंटे बाद पीए ने राष्ट्रपति को बताया - सर, वो एक भिखारी है। उसे ठंड से बचने के लिए एक अदद कंबल की ज़रूरत है👍
राष्ट्रपति ने कहा -ठीक है, उसे कंबल दे दो💐
अगली सुबह राष्ट्रपति ने खिड़की से पर्दा हटाया। उन्हें घोर हैरानी हुई। वो भिखारी अभी भी वहां जमा है। उसके पास ओढ़ने का कंबल अभी तक नहीं है😢
राष्ट्रपति गुस्सा हुए और पीए से पूछा - यह क्या है? उस भिखारी को अभी तक कंबल क्यों नहीं दिया गया😢
पीए ने कहा -मैंने आपका आदेश सेक्रेटरी होम को बढ़ा दिया था। मैं अभी देखता हूं कि आदेश का पालन क्यों नहीं हुआ👌
थोड़ी देर बाद सेक्रेटरी होम राष्ट्रपति के सामने पेश हुए और सफाई देते हुए बोले - सर, हमारे शहर में हज़ारों भिखारी हैं। अगर एक भिखारी को कंबल दिया तो शहर के बाकी भिखारियों को भी देना पड़ेगा और शायद पूरे मुल्क में भी। अगर न दिया तो आम आदमी और मीडिया हम पर भेदभाव का इल्ज़ाम लगायेगा😢
राष्ट्रपति को गुस्सा आया - तो फिर ऐसा क्या होना चाहिए कि उस ज़रूरतमंद भिखारी को कंबल मिल जाए👍
👍सेक्रेटरी होम ने सुझाव दिया -सर, ज़रूरतमंद तो हर भिखारी है। आपके नाम से एक 'कंबल ओढ़ाओ, भिखारी बचाओ' योजना शुरू की जाये। उसके अंतर्गत मुल्क के सारे भिखारियों को कंबल बांट दिया जाए💐
राष्ट्रपति खुश हुए। अगली सुबह राष्ट्रपति ने खिड़की से परदा हटाया तो देखा कि वो भिखारी अभी तक बेंच पर बैठा है। राष्ट्रपति आग-बबूला हुए😢
सेक्रेटरी होम तलब हुए।
उन्होंने स्पष्टीकरण दिया -सर भिखारियों की गिनती की जा रही है ताकि उतने ही कंबल की खरीद हो सके👌
😢राष्ट्रपति दांत पीस कर रह गए। अगली सुबह राष्ट्रपति को फिर वही भिखारी दिखा वहां खून का घूंट पीकर रहे गए वो।
सेक्रेटरी होम की फ़ौरन पेशी हुई।
विनम्र सेक्रेटरी ने बताया -सर ऑडिट ऑब्जेक्शन से बचने के लिए कंबल ख़रीद का शार्ट-टर्म कोटेशन डाला गया है। आज शाम तक कंबल ख़रीद हो जायेगी और रात में बांट भी दिए जाएंगे💐
👍राष्ट्रपति ने कहा -यह आख़िरी चेतावनी है। अगली सुबह राष्ट्रपति ने खिड़की पर से परदा हटाया तो देखा बेंच के इर्द-गिर्द भीड़ जमा है। राष्ट्रपति ने पीए को भेज कर पता लगाया।💐
😢पीए ने लौट कर बताया -कंबल नहीं होने के कारण उस भिखारी की ठंड से मौत हो गयी है😢
गुस्से से लाल-पीले राष्ट्रपति ने फौरन से सेक्रेटरी होम को तलब किया😢
सेक्रेटरी होम ने बड़े अदब से सफाई दी -सर, खरीद की कार्यवाही पूरी हो गई थी। आनन-फानन में हमने सारे कंबल बांट भी दिए। मगर अफ़सोस कंबल कम पड़ गये😢😢
👍राष्ट्रपति ने पैर पटके -आख़िर क्यों? मुझे अभी जवाब चाहिये
👌सेक्रेटरी होम ने नज़रें झुकाकर बोले: श्रीमान पहले हमने कम्बल अनुसूचित जाती ओर जनजाती के लोगो को दिया. फिर अल्पसंख्यक लोगो को. फिर ओ बी सी ... करके उसने अपनी बात उनके सामने रख दी. आख़िर में जब उस भिखारी का नंबर आया तो कंबल ख़त्म हो गए😢
👍राष्ट्रपति चिंघाड़े -आखिर में ही क्यों😢
👍सेक्रेटरी होम ने भोलेपन से कहा -सर, इसलिये कि उस भिखारी की जाती ऊँची थी और वह आरक्षण की श्रेणी में नही आता था, इसलिये उस को नही दे पाये ओर जब उसका नम्बर आया तो कम्बल ख़त्म हो गये😢
नोट : वह बड़ा मुल्क भारत है जहाँ की योजनाएं इसी तरह चलती हैं और कहा जाता है कि इंडिया में सब समान हैं सबका बराबर का हक़ है।
😢😢 यह हमारे देश कानून है जो झूठा ढोंग समानता का कहता है जो भी समान्यवर्ग से भेदभाव करता है😢😢जन्म से मरने तक का का उल्टा समान्यवर्ग को उनके हाल पर छोड़ जिसको केवल निमन्जाति में हिंदुओ के अंदर फुट धर्मनक आधार पर हिन्दू मुस्लिम में फूट जिस सविधान में वर्गीकृत करके अलग किया है किया उस देश मे एकता बनी रहेगी कदापि नही😢 भारत तेरे टुकड़े होंगे 😢कहते हुए भी आँखे भर आती है पर आने वाला समय कुछ ऐसा नजर आरहा 😢 अब भी समय है एक देश एक कानून आरक्षण मुक्त भारत बनाओ समय💐💐
जय हिन्द जय भारत

26/07/2021

😢😢हमारे देश का क़ानून बंटवारे की नीति आपस मे मिल नही पाए 😢😢
👍मुल्क के राष्ट्रपति के बेडरूम की खिड़की सड़क की ओर खुलती थी। रोज़ाना हज़ारों आदमी और वाहन उस सड़क से गुज़रते थे। राष्ट्रपति इस बहाने जनता की परेशानी और दुःख-दर्द को निकट से जान लेते👌
राष्ट्रपति ने एक सुबह खिड़की का परदा हटाया। भयंकर सर्दी आसमान से गिरते रुई के फाहे ओले दूर-दूर तक फैली सफ़ेद चादर अचानक उन्हें दिखा कि बेंच पर एक आदमी बैठा है। ठंड से सिकुड़ कर गठरी सा होता हुआ😢
राष्ट्रपति ने पीए को कहा -उस आदमी के बारे में जानकारी लो और उसकी ज़रूरत पूछो💐
दो घंटे बाद पीए ने राष्ट्रपति को बताया - सर, वो एक भिखारी है। उसे ठंड से बचने के लिए एक अदद कंबल की ज़रूरत है👍
राष्ट्रपति ने कहा -ठीक है, उसे कंबल दे दो💐
अगली सुबह राष्ट्रपति ने खिड़की से पर्दा हटाया। उन्हें घोर हैरानी हुई। वो भिखारी अभी भी वहां जमा है। उसके पास ओढ़ने का कंबल अभी तक नहीं है😢
राष्ट्रपति गुस्सा हुए और पीए से पूछा - यह क्या है? उस भिखारी को अभी तक कंबल क्यों नहीं दिया गया😢
पीए ने कहा -मैंने आपका आदेश सेक्रेटरी होम को बढ़ा दिया था। मैं अभी देखता हूं कि आदेश का पालन क्यों नहीं हुआ👌
थोड़ी देर बाद सेक्रेटरी होम राष्ट्रपति के सामने पेश हुए और सफाई देते हुए बोले - सर, हमारे शहर में हज़ारों भिखारी हैं। अगर एक भिखारी को कंबल दिया तो शहर के बाकी भिखारियों को भी देना पड़ेगा और शायद पूरे मुल्क में भी। अगर न दिया तो आम आदमी और मीडिया हम पर भेदभाव का इल्ज़ाम लगायेगा😢
राष्ट्रपति को गुस्सा आया - तो फिर ऐसा क्या होना चाहिए कि उस ज़रूरतमंद भिखारी को कंबल मिल जाए👍
👍सेक्रेटरी होम ने सुझाव दिया -सर, ज़रूरतमंद तो हर भिखारी है। आपके नाम से एक 'कंबल ओढ़ाओ, भिखारी बचाओ' योजना शुरू की जाये। उसके अंतर्गत मुल्क के सारे भिखारियों को कंबल बांट दिया जाए💐
राष्ट्रपति खुश हुए। अगली सुबह राष्ट्रपति ने खिड़की से परदा हटाया तो देखा कि वो भिखारी अभी तक बेंच पर बैठा है। राष्ट्रपति आग-बबूला हुए😢
सेक्रेटरी होम तलब हुए।
उन्होंने स्पष्टीकरण दिया -सर भिखारियों की गिनती की जा रही है ताकि उतने ही कंबल की खरीद हो सके👌
😢राष्ट्रपति दांत पीस कर रह गए। अगली सुबह राष्ट्रपति को फिर वही भिखारी दिखा वहां खून का घूंट पीकर रहे गए वो।
सेक्रेटरी होम की फ़ौरन पेशी हुई।
विनम्र सेक्रेटरी ने बताया -सर ऑडिट ऑब्जेक्शन से बचने के लिए कंबल ख़रीद का शार्ट-टर्म कोटेशन डाला गया है। आज शाम तक कंबल ख़रीद हो जायेगी और रात में बांट भी दिए जाएंगे💐
👍राष्ट्रपति ने कहा -यह आख़िरी चेतावनी है। अगली सुबह राष्ट्रपति ने खिड़की पर से परदा हटाया तो देखा बेंच के इर्द-गिर्द भीड़ जमा है। राष्ट्रपति ने पीए को भेज कर पता लगाया।💐
😢पीए ने लौट कर बताया -कंबल नहीं होने के कारण उस भिखारी की ठंड से मौत हो गयी है😢
गुस्से से लाल-पीले राष्ट्रपति ने फौरन से सेक्रेटरी होम को तलब किया😢
सेक्रेटरी होम ने बड़े अदब से सफाई दी -सर, खरीद की कार्यवाही पूरी हो गई थी। आनन-फानन में हमने सारे कंबल बांट भी दिए। मगर अफ़सोस कंबल कम पड़ गये😢😢
👍राष्ट्रपति ने पैर पटके -आख़िर क्यों? मुझे अभी जवाब चाहिये
👌सेक्रेटरी होम ने नज़रें झुकाकर बोले: श्रीमान पहले हमने कम्बल अनुसूचित जाती ओर जनजाती के लोगो को दिया. फिर अल्पसंख्यक लोगो को. फिर ओ बी सी ... करके उसने अपनी बात उनके सामने रख दी. आख़िर में जब उस भिखारी का नंबर आया तो कंबल ख़त्म हो गए😢
👍राष्ट्रपति चिंघाड़े -आखिर में ही क्यों😢
👍सेक्रेटरी होम ने भोलेपन से कहा -सर, इसलिये कि उस भिखारी की जाती ऊँची थी और वह आरक्षण की श्रेणी में नही आता था, इसलिये उस को नही दे पाये ओर जब उसका नम्बर आया तो कम्बल ख़त्म हो गये😢
नोट : वह बड़ा मुल्क भारत है जहाँ की योजनाएं इसी तरह चलती हैं और कहा जाता है कि इंडिया में सब समान हैं सबका बराबर का हक़ है।
😢😢 यह हमारे देश कानून है जो झूठा ढोंग समानता का कहता है जो भी समान्यवर्ग से भेदभाव करता है😢😢जन्म से मरने तक का का उल्टा समान्यवर्ग को उनके हाल पर छोड़ जिसको केवल निमन्जाति में हिंदुओ के अंदर फुट धर्मनक आधार पर हिन्दू मुस्लिम में फूट जिस सविधान में वर्गीकृत करके अलग किया है किया उस देश मे एकता बनी रहेगी कदापि नही😢 भारत तेरे टुकड़े होंगे 😢कहते हुए भी आँखे भर आती है पर आने वाला समय कुछ ऐसा नजर आरहा 😢 अब भी समय है एक देश एक कानून आरक्षण मुक्त भारत बनाओ समय💐💐
जय हिन्द जय भारत।

16/12/2020

मनुवादी पार्टी के संस्थापक अध्यक्ष शारदा प्रसाद त्रिपाठी

गाँव आशागढ़ जलालपुर में 01/05/1970 को जन्मे, पीओ कटेहरी जिला अम्बेडकरनगर शारदा प्रसाद त्रिपाठी ने लखनऊ विश्वविद्यालय से एमए पूरा किया। जब माननीय सर्वोच्च न्यायालय के फैसले को पलटने के लिए अटल बिहारी वाजपेयी के प्रधान मंत्री जहाज के दौरान संविधान में संशोधन किया गया था और सामान्य रूप से संबंधित लोगों में उस समय प्रचलित अवसाद को दूर करने के लिए पदोन्नति में बैकलॉग और आरक्षण से संबंधित प्रावधान किया गया था। श्रेणी शारदा प्रसाद त्रिपाठी ने मनुवादी पार्टी का बिगुल फूंका। यूपी और बिहार में चुनाव लड़ा गया। पार्टी 27/10/2000 को अस्तित्व में आई और उस समय से शारदा प्रसाद त्रिपाठी 23/11/2015 तक पार्टी अध्यक्ष बने रहे, जब उन्होंने श्री सुव्रत त्रिपाठी, सेवानिवृत्त आईपीएस (पूर्व डीजी यूपी) को पदभार सौंप

14/12/2020

इतिहास गवाह है हमेशा किले के दरवाज़े अंदर से ही खोले गए है।
#शिवाजी की शमशीरें,
#जयसिंह ने ही रोकी थीं,

#पृथ्वीराज की पीठ में बरछी,
#जयचंदों नें भोंकी थी ।

#हल्दीघाटी में बहा लहू,
शर्मिंदा करता पानी को,

#राणा_प्रताप सिर काट काट,
करता था भेंट भवानी को।

#राणा रण में उन्मत्त हुआ,
#अकबर की ओर चला चढ़ के,

#अकबर के #प्राण बचाने को,
तब #मान_सिंह आया बढ़ के।

इक #राजपूत के कारण ही,
तब वंश #मुगलिया जिंदा था,

इक #हिन्दू की गद्दारी से,
#चित्तौड़ हुआ #शर्मिंदा था।

जब #रणभेरी थी #दक्खिन में,
और #मृत्यु फिरे मतवाली सी,

और वीर #शिवा की तलवारें,
भरती थीं खप्पर #काली सी।

किस #म्लेच्छ में रहा जोर,
जो #छत्रपती को झुका पाया,

ये #जयसिंह का ही रहा द्रोह,
जो वीर #शिवा को पकड़ लाया।

गैरों को हम क्योंकर कोसें,
अपने ही #विष बोते हैं,

#कुत्तों की गद्दारी से,
#मृगराज पराजित होते हैं।

#बापू जी के मौन से हमने
#भगत सिंह को खोया है,

धीरे हॉर्न बजा रे पगले,
देश का हिन्दू सोया है ।

जय श्री राम🚩🚩🚩🚩

10/12/2020

मनुवादी पार्टी का घोषणा पत्र

अध्याय 2
मनुवादी पार्टी का लक्ष्य
मनुवादी पार्टी का लक्ष्य है ....... मनुस्मृति के ऐसे अंशो को जो भारतीय संविधान के प्रतिकूल ना हो , लागू करना हमारा मनुस्मृति से उतना ही रिश्ता है जितना सम्ययावादी पार्टी का KARLMAX के DAS CAPITAL से | MARX ने ANNIHILATION OF THE CLASS ENEMIES तथा DICTATORSHIP OF THE PROLETARIAT सिद्धांत प्रतिपादित किया था जिसके अनुसार वर्ग शत्रुओं का उन्मूलन करके सर्वहारा की तानाशाही लानी होगी | यह अवधारणा सरासर अवैध है फिर भी सम्ययावादी पार्टी एक वैध मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल है | इसी प्रकार मनुस्मृति के कुछ प्रावधान संविधान के विपरीत हो सकते है किन्तु हम संविधान की सीमाओं के अन्दर रहकर मनुस्मृति को लागू करेंगे हमारा लक्ष्य है कि डॉ अम्बेडकर की लिखी अम्बेडकर स्मृति ( भारतीय संविधान ) मूल रूप में लागू हो | भारतीय संविधान में यदि जबाहर लाल नेहरु के समय से लेकर वाजपेयी और मोदी के जमाने तक जितने भी सशोधन किये गये है , हम उन्हे निरस्त कर देंगे | यदि भारतीय संविधान के सारे सशोधनो को निरस्त कर दिया जाये तो स्वत: मनुस्मृति का युग आ जाएगा | मूल संविधान के अनुसार केवल 10 वर्ष के लिए आरक्षण लागू किया गया था |नेहरू , विश्वनाथ , प्रताप सिंह , अटल विहारी वाजपेयी तथा मोदी के कारण आज भी आरक्षण लागू है | संविधान के सारे संशोधनो के निरस्त होते ही हर प्रकार का आरक्षण अपने आप समाप्त हो जाएगा | आरक्षण के समाप्त होने का अर्थ होगा वर्ण व्यवस्था की वापसी | जाति के आधार पर कोई व्यक्ति महत्व नही पायेगा वल्कि अपनी योग्यता के आधार पर पायेगा यही मनुस्मृति का संदेश है यही अम्बेडकर स्मृति का सारांश है
भारतीय संविधान के अंतर्गत जबाहरलाल नेहरू ने CIVIL RIGITS ACT पारित कराया जिसका अम्बेडकर ने भी विरोध नही किया | यह ACT छुआ छूत को रोकने के लिए बनाया गया हम भी इसका समर्थन करते है | किन्तु मोदी ने 2016 में जो अनुसूचितजाति अत्याचार निवारण अधिनियम पारित कराया वह सर्वथा भेद भावपूर्ण है |यदि कोई अनुसूचित जाति की महिला को देख कर आँख मार दे या मुस्करा दे तो इस मुक़दमे के निस्तारण के लिय SPECIAL COURT बनायी जायेगी जो दो महीने में अपना निर्यण दे देगी | इसके विपरीत यदि किसी सवर्ण या पिछड़ी महिला के साथ सामूहिक बलात्कार भी हो जाए तो इसका निर्यण दस वर्षो में होगा तथा इस बीच गवाहों को मारा जाएगा धमकाया जाएगा | मुझे पूर्ण विस्वाश है कि यदि किसी अनुसूचित जाति की प्रबुद्ध महिला से पूछा जाए तो वह इस क़ानून को उचित नही बताएगी ये एक प्रकार से बलात्कार में आरक्षण है तथा उसके BACKLOG को भरने का प्रयास है हम सभी जाति की महिलाओं की इज्जत हो सम्मान महत्व देते है तथा हर बलात्कार को बराबर सम्बेदनशील मानते हुए समानदंड की मांग करते है |
भारतीय संविधान की मूलरूप निवासी में वापसी की मांग को कदापि असंवैधानिक नही कहा जा सकता |
जय मनुवाद
मनुवादी पार्टी जिन्दाबाद

06/12/2020

मनुवादी पार्टी आप सभी का तहे दिल से स्वागत करती हैं मनुवादी पार्टी को सपोर्ट करके देश की तरक्की में अपना अनमोल योगदान दें।
कमला पति त्रिपाठी
जिला अध्यक्ष मनुवादी पार्टी
गौतमबुद्ध नगर 9818152112

30/11/2020

मनुवादी पार्टी का कोई विकल्प नहीं है क्योकि –
(भाग-2)
4.मनुवादी पार्टी एक मात्र आरक्षण विरोधी पार्टी है जोकि कई सीटो पर प्रत्याशी घोषित कर चुकी है तथा लगभग सभी 403 सीटो पर चुनाव लड़ने का लक्ष्य रखे हुए है I इसमें अनुसूचित जाति के, पिछड़े वर्ग के तथा अल्पसंख्यक उम्मीदवार भी है I मनुवादी पार्टी की घोषणा है कि जितने सतीश मिश्रा किसी मायावती को मिलेंगे उतने कमलेश पासी या कमलेश पुजारी हम ढूंढ लेंगे I जितने जनेश्वर मिश्र तथा अमर सिंह जैसे लोग किसी लोहिया या उनके अनुयायियो को मिलेंगे उतने पिछड़े वर्ग से लोग हमे मिल जायेंगे I 403 सीटो को लड़ने का लक्ष्य लेकर मात्र मनुवादी पार्टी चल रही है जोकि जवाहरलाल नेहरु से लेकर मोदी तक के अत्याचारों पर परिचर्चा हर घर में तथा हर चाय की दूकान पर करवा रही है I
5. मा. सर्वोच्च न्यायालय के 27 अप्रैल, 2012के फैसले को निष्प्रभावी करने हेतु केंद्र सरकार द्वारा 117 वें संविधान संशोधन बिल को पारित कराने की कोशिश का मनुवादी पार्टी प्रबल विरोध कर रही है I स्मरणीय है कि उत्तर प्रदेश सरकार ने पदोन्नति में आरक्षण तथा परिणामी ज्येष्ठता लागू करने का आदेश 2007 में किया था जिसके परिणामस्वरूप सामान्य व अन्य पिछड़ी जाति के अधिकारियो / कर्मचारियों की पदोन्नति बुरी तरह प्रभावित हुई तथा उनसे बीस-पच्चीस साल कनिष्ठ कार्मिक उनके सुपर बॉस बन गए I इसका मतलब परोक्ष रूप से उच्च पदों पर अनुसूचित जाति/ जनजाति के सेवको का शत-प्रतिशत आरक्षण होता है I इस प्रतिगामी आदेश के विरोध में लम्बी सुनवाई के बाद 4 जनवरी, 2011 को मा. उच्च न्यायालय ने अपना फैसला सुनाया – The effect of such reservation in promotion with accelerated seniority was never considered by the State keeping in mind the efficiency of administration, which is bound to be compromised where reservation quota exceeds and results into reverse discrimination. ….Rule 8-A thus introduced by the Third Amendment Rules, 2007 is ultra vires and unconstitutional.
मा. न्यायाधीशों द्वारा दिए गए फैसले में साफ़ कहा गया कि यह संशोधन संविधान सम्मत नहीं है अत : इन नियमो के तहत 8-क, 2007 लागू कर सरकारी विभागों व निगमो में जारी की गयी समस्त ज्येष्ठता सूचिया पूरी तरह से निरस्त कर दी गयी है I तत्कालीन उत्तर प्रदेश सरकार ने मा. उच्चतम न्यायालय का निर्णय लागू करने बजाय एक वर्ग विशेष के पक्ष में मा. सर्वोच्च न्यायालय में विशेष अनुमति याचिका दायर कर मा. उच्च न्यायालय के फैसले को निरस्त करने की मांग की I मा.सर्वोच्च न्यायालय ने 27 अप्रैल, 2012 को सुनाये गए ऐतिहासिक निर्णय में लिखा – “In the ultimate analysis, we conclude and hold that Section3(7) of the 1994 Act and Rule 8-A of the 2007 Rules are ultra vires as they run counter to the dictum in M.Nagaraj (Supra)”
इस प्रकार मा. सर्वोच्च न्यायालय ने पदोन्नति में आरक्षण का प्रावधान करने वाले 1994 के अधिनियम के सेक्शन (7) और परिणामी ज्येष्ठता प्रदान करने के 2007 के नियमो के 8-क को अवैधानिक घोषित कर दिया I उल्लेखनीय है कि इंद्रा साहनी (सुप्रा) में पदोन्नति में आरक्षण की व्यवस्था अवैध करार दिए जाने के बाद 77व संविधान संशोधन किया गया और परिणामी ज्येष्ठता प्रदान करने हेतु 85वा संविधान संशोधन किया गया I कर्मचारियों, अधिकारियो व शिक्षको की उपेक्षा कर 17 दिसम्बर,2012 को राज्य सभा में 117वा संविधान संशोधन बिल पारित किया गया I उत्तर प्रदेश के लाखो कर्मचारियों ने इसका प्रबल विरोध किया जिसके चलते 117वा संविधान संशोधन बिल लोक सभा में पारित नहीं हो पाया I लोक सभा की अवधि समाप्त होने के साथ 117 वा संविधान संशोधन बिल लैप्स हो गया I केंद्र सरकार ने दुबारा इस बिल को पारित कराने हेतु 30 सदस्यीय पार्लियामेंटरी पैनल का चुनाव किया I पैनल की रिपोर्ट 11 अगस्त, 2016 को लोक सभा व राज्य सभा में प्रस्तुत कर दी गयी है I रिपोर्ट में 117 वा संविधान संशोधन बिल संसद से शीघ अति शीघ्र लागू कराने की जोरदार अनुशंसा की गयी है I चूकी यह रिपोर्ट संसद में रखी जा चूकि है अत: इस बात की पूरी सम्भावना है कि संसद के शीतकालीन सत्र में 117वा संविधान संशोधन बिल लागू कराने की पूरी तैयारी है जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है I पार्लियामेंटरी पैनल की रिपोर्ट संलग्न है -

29/10/2020

आरक्षण का विरोध इसलिए करते है क्योंकि मैंने इसका दंश झेला है और चाहता था कि बच्चें ना झेले पर अफसोस आज मेरे बच्चें भी झेल रहे है😢
96%लाने के बाद भी मेरी बच्चों का एड्मिसन उसके मनलायक कॉलेज में नही हो पा रहा है और उसी कॉलेज में आरक्षण के कारण इससेभी कम नम्बर पर किसी का हो रहा है!
भाइयो आप सब से विनम्र निवेदन है कि आप सब हमारी मुहिम में बढ चढ़ कर समर्थन करें

जय मनुवादी पार्टी
जय श्री सुब्रत त्रिपाठी
कमला पति त्रिपाठी
मनुवादी पार्टी जिला अध्यक्ष
गौतम बुद्ध नगर
9818152112

22/10/2020

मनुवादी पार्टी सभी भारतीयों को सम्मानित करते हुए उचित जिम्मेदारी सौंपी जाती हैं पार्टी को किसी जाति और धर्म के साथ किसी प्रकार का कोई मतभेद नहीं करती।

22/10/2020

आदरणीय बंधुओं आप सब से अनुरोध ही कि जो भी हमारी पार्टी की व्यवस्था और विचारों से सहमत हैं कृपया पार्टी में सहभागिता के लिए 9818152112 पर संपर्क करें
जिला अध्यक्ष गौतम बुद्ध नगर

08/10/2020

आरक्षण मुक्त भरत की मुहिम में हमारे अभियान में साथ देने के लिए मनुवादी पार्टी से जुड़े 9818152112

08/10/2020

मनुवादी पार्टी में सदस्यता अभियान में शामिल होने के लिये संपर्क करे
के पी त्रिपाठी
जिला अध्यक्ष मनुवादी पार्टी
9818152112

08/10/2020

मनुवादी पार्टी में आप सभी का तहे दिल से स्वागत है

11/09/2020

जहाँ तक मैं समझता हूं मनुवाद कोई जातीय व्यवस्था नहीं थी बल्कि तत्कालीन समय में प्रचलित एक कानून व्यवस्था थी जिसके अंतर्गत नियम और कानून बनाये गए थे तथा जिसका पालन करना जनता के लिए अनिवार्य था।मनुवाद की व्यवस्था के अंतर्गत कर्म और गुण के आधार पर पद प्राप्त करता था न कि जाति के आधार पर।
संबिधान के निर्माता ने मनुवाद की गलत व्याख्या करते हुए देश को जातियों और वर्गों में बाँट दिया जिसको कांसीराम रामविलाश पासवान वी पी सिंह मायावती मुलायम सिंह लालू आदि लोग समय समय पर अपने फायदे केलिए गलत व्याख्या करते हुए इसको और विकृत रूप दते रहे।मनुवादी व्यवस्था में भृष्टचार और अपराध का कोई स्थान नही था परंतु आज संविधान द्वारा जातिवादी व्यवस्था का निर्माण किया गया है इसलिए संविधान का बदलाव आवश्यक है।
महात्मा गांधी भी एक व्यक्ति नही बल्कि एक विचार थे और महान भी थे लेकिन थे एक मनुष्य ही और मनुष्य गलतियां करता ही रहता है गांधी जी ने भी नेहरू के मोह में अनेकों गलतियां किया है इसका परिणम देश आज तक भुगत रहा है।इसी तरह गोडसे भी एक विचार थे जो गांधी जी से भिन्न थे परंतु गांधी जी के विचार एक विकृति के रूप में प्रभावशाली होते जा रहे थे इन्ही विचारों का अंत करने के लिए गोडसे ने गांधी रूपी विचार का अंत कर दिया मैं इसको मानव हत्त्या नहीं मानता हूं और न गोडसे को मानव हत्त्यारा समझता हूँ क्यों कि यह तो केवल विचारधारा का अंत था।
जय मनुवाद
जय भारत माता की

11/09/2020

मनुवादी पार्टी का घोषणा पत्र

अध्याय 1 -
मनुवाद क्या है
मनुवाद की परिभाषा समय समय पर भिन्न भिन्न विद्वानो ने अलग अलग तरीके से की है | हम उस परिभाषा को प्रामाणिक मानते है जो अनंत श्री बिभूषित करपात्री जी महाराज ने दी है किन्तु हम डॉ आंबेडकर और मायावती अथवा डॉ लोहिया या मुलायम या लालू या नितीश अथवा भगवान् बुद्ध द्वारा की गयी आलोचनात्मक व्याख्या भी नकारते नही है | महात्मा गांधी ने लिखा है कि ( ONLY THE TOAD UNDER THE HARROW KNOWS WHERE IT PINCHES HIM ) अथार्त ( जाके पैर न फटी बेवाई , सो का जाने जाने पीर पराई ) हम RSS राहुल गाँधी तथा दिग्विजय सिंह की तरह दुराग्रही नहीं है कि कुतर्क करे | मै ये मानता हु कि RSS का गाँधी जी की हत्या में कोई योगदान नही था राहुल गाँधी तथा दिग्विजय सिंह के द्वारा लगाए गये आरोप गलत है किन्तु इस तथ्य को नकारा नही जा सकता कि साक्षी जी महाराज के दिल में गोंडसे के लिए पर्याप्त जगह है | हम ये नकार नही सकते की यदि गोंडसे की लाश को शव यात्रा के लिए परिजनों के हबाले किया गया होता तो उस शव यात्रा में काफी लोग ( नमस्ते सदा वत्सले मातृभूमे ) गाते हुए भाग लेते | मै ये मानता हु कि मौलाना मदनी कि तो बात ही छोडिये ( ओवैशी तक का आतंकबाद से कोई लेना देना नही है किन्तु यदि किसी आतंकबादी को पकड़ कर पुलिस गोली मार दे तो उसके मानवाधिकारो की रक्षा के लिए याचिका तैयार करने को उन्हे जितना शीघ्र समय मिलेगा उतनी जल्दी किसी नक्सलाईट के मारे जाने पर वे समय ना निकाल पाते | मायावती और डॉ अम्बेडकर ने उदितराज और रामविलाश पासवान ने मनुवाद के जिस रूप को झेला है वह भी एक तथ्य है | हम वर्णाश्रम व्यवस्था में विश्वास रखते है किन्तु यह एक कटु सत्य है कि वह जाति व्यवस्था में बदल गयी | यदि घर में रखी हुई मिठाई सड़ जाए तो उसके लिए हलवाई दोषी नही है | डॉ अम्बेडकर ने जो संविधान बनाया था उसमे वंशवाद के लिए को स्थान नही था किन्तु कश्मीर से लेकर कन्या कुमारी तक हर पार्टी में किसी ना किसी रूप में वंशवाद फल फूल रहा है तथा 2050 तक मात्र 100 वर्षो में लगभग वंशवाद जकड़ लेगा आज भैस के सींग पकड कर भैस पर चढ़ने बाला किसी गरीव यादव का बच्चा लालू नहीं बन सकता क्यों कि उसका रास्ता रोके कोई तेजस्वी तथा उसका परिवार खड़ा होगा | जब शिवपाल जैसे राजवंश के यादव अखिलेश के आंगे नहीं टिक सके तो एक भैस चराने बाले यादव के बच्चे कि औकात अब राजनीति करने की नहीं होगी क्यों कि वह अखिलेश और डिम्पल के बच्चो के धनबल के सामने नहीं टिक पायेगा |यदि अखिलेश का बच्चा किसी यादव को पैर छूने की अनुमति देदे तो वह यादव जितना प्रसन्न होगा उतना वह किसी गरीव यादव नेता के पेट के वल लेट कर पैर छूने पर नहीं होगा | इस वंशवाद के लिए जिस प्रकार डॉ अबेडकर को दोषी नहीं ठहराया नहीं जा सकता वैसे ही वंशवाद के चलते यदि वर्ण व्यवस्था जाति व्यवस्था में बदल गयी तो इसके लिए मनु को अथवा उनकी स्मृति को दोषी नहीं करार दिया जा सकता |
डॉ लोहिया ने लिखा है कि ( हमें शम्बूक के वध का वदला लेना है किन्तु उन्ही के चेलो द्वारा STATE GUEST HOUSE ) कांड में मायावती बाल बाल शम्बूक बनते बची | आखिर मायावती भी तो एक तपस्या ही कर रही थी | जैसे डॉ अम्बेडकर ने संविधान कि किसी धारा में नही लिखा था कि किसी मायावती को शम्बूक बनाया जाये उसी प्रकार मनुस्मृति में कही भी शम्बूक वध का प्रावधान नही था |
इसी प्रकार क्या आज भी एकलव्य का अंगूठा नहीं काटा जा रहा है ? सूचना के अधिकार का प्रयोग करके तथा इन्टरनेट से डाउनलोड करके लोकसेबा आयोग के अध्यक्ष श्री अनिल यादव के कार्यकाल में चयनित PCS अधिकारियों की सूची को पढ़ले तो पचासों पिछली जातियां मिल कर के भी क्या उतने PCS दे पायी जितने अकेले यादव समाज ने दिए | मै कोई आरोप नही लगा रहा हू मै जाटो से पूछना चाहूँगा कि UP में तो उन्हे आरक्षण मिला हुआ है | किन्तु आजादी के समय ब्राह्मणों के बाद सर्वाधिक अधिकारी जाट समाज में थे | किन्तु आरक्षण लागू होने के बाद ये संख्या बदने की वजह चौथाई भी क्यों नही रह गयी लाल सिंह वर्मा जैसे जाट तथा महेंद्र सिंह गंगवार जैसे कुर्मी DG के अधीन मैंने सेवा सेवा प्रारम्भ की किन्तु एक की जगह 20 DG होने के बावजूद अब कोई जाट या कुर्मी DG क्यों नही बनता मै आरक्षण के आन्दोलन चलाने वाले जाटों तथा हार्दिक पटेल से पूछता हू कि के आरक्षण को समाप्त करने की मांग करो आरक्षण का झुन झुना लेकर क्या करोगे ? बिना आरक्षण के जितने जाट और कुर्मी होते थे आज आरक्षण के बावजूद UP में उतने भी नहीं हो रहे है | इसी को एकलव्य को अंगूठा काटना कहते है आरक्षण की जगह न्याय मांगो तुम्हारा कल्याण होगा |
और अंगूठा तो यादवो का भी काटा जा रहा है जरा पुलिस बिभाग में लाखो की संख्या में जो सिपाही दरोगा भर्ती हुए उनकी सूची तथा भर्ती के जिले को ध्यान से पढले इटावा एटा मैनपुरी कन्नौज फर्रुखाबाद फिरोजाबाद बदायू जैसे कुछ जिलो को छोड़ दे तो क्या शेष समस्त यादव मिल कर के भी क्या उतनी संख्या में भर्ती हो पाए जितनी संख्या में 7 .8 जिलो के यादव हुए | जो थोड़े बहुत पूर्वांचल में हुए भी वे आजमगढ़ से श्री मुलायम सिंह के सांसद होने का प्रसाद है अधिकांश जिलो में यादवो की भर्ती भी लगभग शून्य थी | हर युग में अर्जुन को आगे बढाने के लिए हर समाज में पूजनीय महारथी एकलव्य का अंगूठा काटते रहे है आज भी काट रहे है तथा आगे भी काटेंगे | इसे रोकने के लिए सतत जागरूकता आवश्यक है | जो भी भर्तियाँ हो रही है वे भारतीय संविधान के अंतर्गत हो रही है किन्तु बिभिन्न भर्ती बोर्डो तथा लोकसेवा आयोग सदस्य अथवा अध्यक्ष PROTOCOL में द्रोणाचार्य से कम नही है किन्तु अवसर मिलते ही वे एकलव्य का अंगूठा काटने लगते है | अनिल यादव के कार्यकाल में जितने % यादव सामान्य सीटो पर कब्जा कर लिए उसके आधे भी कभी पहले या बाद में क्यों नही कब्ज़ा कर पाए | आखिर अनिल यादव के आने से पहले अथवा अनिल यादव के जाने के बाद यादवो की प्रतिभा कहा चली जाती है | इसी प्रकार यदि केशवदेव मौर्य मुख्यमंत्री होने पर अपने ही समान निर्दोष आपराधिक इतिहास बाले को लोकसेवा आयोग का अध्यक्ष बना देंगे तो उस समय के अनिल मौर्य का चेहरा देखते ही सवर्णों तथा शेष पिछडो की प्रतिभा तिरोहित हो जायेगी | एकलव्य अपना अंगूंठा बढाये हुए खड़ा होगा जैसे राजनीति में टिकट चाहने बाले भाजपा प्रत्याशी अपमानित होने के बावजूद लगातार FACEBOOK तथा TWITTER पर इस आशय की पोस्ट डाल रहे है कि प्रत्याशी कोई भी हो आप प्रत्याशी के बारे में मत सोचिये केवल मोदी के बारे में सोचिये तथा भाजपा के नाम पर वोट दीजिये भाजपा में महेश नारायण तिवारी जैसे जो लोग अंगूठा काटने का विरोध करेंगे उनका राजनीतिक वध कर दिया जाएगा तथा जो लोग सादर काटने के लिए अपना अंगूठा बड़ा देंगे उनपर आज के द्रोणाचार्य अमित शाह प्रसन्न हो कर आशीर्वाद देंगे कि तुम्हे एकलव्य की भांति सर्वश्रेष्ठ शिष्य घोषित किया जाता है तथा तुम्हे शिव प्रताप शुक्ल की भांति राज्यसभा या विधान परिषद् में भेज दिया जाएगा अथवा किसी वोर्ड या निगम में समायोजित करके लालबत्ती देकर मलाई चाटने का अवसर दिया जाएगा | सव्र का फल मीठा होता है | इतने दिनों तक शिव प्रताप शुक्ल के अंगूठे से खून रिश्ता रहा तथा उन्होंने उफ़ नही किया तो उन्हें इसका फल मिला जिस प्रकार एकलव्य महाभारत में द्रोणाचार्य की ओर से लड़ा था उसी प्रकार अधिकांश एकलव्यों को मोदी भक्त समझा लेंगे तथा वे अपने हाँथ से अपना टिकट रुपी अंगूठा काट कर अमित शाह के चरणों में डाल देंगे तथा उफ़ तक नही करेंगे | आखिर ओमप्रकाश सिंह विनय कटियार प्रेमलता कटियार रामकुमार वर्मा संतोष गंगवार पंकज गंगवार तथा उनके परिजन एक आध अपवादों को छोड़ कर अपने अंगूठे के बहते खून को देख कर प्रसन्नता के भाव चेहरे पर लाने का प्रयास कर रहे है
जिस प्रकार उपरोक्त सभी एकलव्य के अंगूठा दान के उदाहरणों के लिए डॉ अम्बेडकर दोषी नही है भले ही भर्ती तथा चुनाव संविधान के अधीन हो रहे हो उसी प्रकार एकलव्य का अंगूठा कटने के लिए मनुस्मृति जिम्मेदार नही है
डॉ राममनोहर लोहिया मुलायम सिंह यादव अखिलेश यादव शरद यादव लालू यादव नितीश कुमार मोदी तथा शिवराज को हम अपना B श्रेणी का STAR प्रचारक मानते है क्यों कि इन्होने मनुवाद को एकलव्य की भांति आधा अधूरा चखा है | इसके विपरीत राम विलास पासवान उदितराज तथा मायावती को हम A श्रेणी का STAR प्रचारक मानते है क्यों कि उन्हे मनुवाद का पूरा स्वाद चखने का अवसर प्राप्त हुआ है | हम ये मानते है कि मनुवाद का जो स्वाद इन महापुरषों को मिला उसके लिए मनु या मनुस्मृति को दोषी ठहराना उतना ही गलत है जितना भर्ती घोटालो टिकट वितरण की गड़बडियो अथवा राजनीति में वंशवाद के लिए डॉ आंबेडकर अथवा उनके संविधान को दोष देना
मनुस्मृति को शुद्ध भाव से लागू कर वर्णाश्रम व्यस्था की स्थापना ही हमारा लक्ष्य है

04/09/2020

*उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री के आदेशानुसार सभी जिलाधिकारी व्हाट्सआप पर ऑन लाइन कर दिए गए हैं ।सीधे डीएम के व्हाट्सएप पर शिकायत कर सकते हैं .उत्तर प्रदेश के सभी जिलों के जिलाधिकारियों के संपर्क...*
*District Magistrate Uttar Pradesh CUG*
*No's*
*Sl.No District CUG No.*
*1 DM Agra 9454417509*
*3 DM Aligarh 9454415313*
*4 DM Allahabad 9454417517*
*5 DM Ambedkar Nagar 9454417539*
*6 DM Amroha 9454417571*
*7 DM Auraiya 9454417550*
*8 DM Azamgarh 9454417521*
*9 DM Badaun 9415908422*
*10 DM Baghpat 9454417562*
*11 DM Bahraich 9454417535*
*12 DM Ballia 9454417522*
*13 DM Balrampur 9454417536*
*14 DM Banda 9454417531*
*15 DM Barabanki 9454417540*
*16 DM Bareilly 9454417524*
*17 DM Basti 9454417528*
*18 DM Bijnor 9454417570*
*19 DM Budaun 9454417525*
*20 DM Bulandshahar 9454417563*
*21 DM Chandauli 9454417576*
*22 DM Chitrakoot 9454417532*
*23 DM CSJM Nagar 9454418891*
*24 DM Deoria 9454417543*
*25 DM Etah 9454417514*
*26 DM Etawah 9454417551*
*27 DM Faizabad 9454417541*
*28 DM Farrukhabad 9454417552*
*29 DM Fatehpur 9454417518*
*30 DM Firozabad 9454417510*
*31 DM Gautambudh Nagar 94544*
*32 DM Ghaziabad 9454417565*
*33 DM Ghazipur 9454417577*
*34 DM Gonda 9454417537*
*35 DM Gorakhpur 9454417544*
*36 DM Hamirpur 9454417533*
*37 DM Hapur 8449053158*
*38 DM Hardoi 9454417556*
*39 DM Hathras 9454417515*
*40 DM J.P.Nagar 5922262999*
*41 DM Jalaun 9454417548*
*42 DM Jaunpur 9454417578*
*43 DM Jhansi 9454417547*
*44 DM Kannauj 9454417555*
*45 DM Kanpur Nagar 9454417554*
*46 DM Kashiram Nagar 9454417516*
*47 DM Kaushambhi 9454417519*
*48 DM Kheri 9454417558*
*49 DM Kushinagar 9454417545*
*50 DM Lalitpur 9454417549*
*51 DM Lucknow 9454417557*
*52 DM Maharaj Ganj 9454417546*
*53 DM Mahoba 9454417534*
*54 DM Mainpuri 9454417511*
*55 DM Mathura 9454417512*
*56 DM Mau 9454417523*
*57 DM Meerut 9454417566*
*58 DM Mirzapur 9454417567*
*59 DM* *Moradabad9897897040*
*61 DM MRT 1212664133*
*62 DM Muzaffar Nagar 9454417574*
*63 DM Mzn 9454415445*
*64 DM PA Mujeeb 9415908159*
*65 DM Pilibhit 9454417526*
*66 DM Pratapgarh 9454417520*
*67 DM Raebareili 9454417559*
*68 DM Ramabai Nagar 9454417553*
*69 DM Rampur 9454417573*
*70 DM Saharanpur 9454417575*
*71 DM Sambhal 9454416890*
*72 DM Sant Kabir Nagar 9454417529*
*73 DM Sant Ravidaas Nagar*
*9454417568*
*74 DM Shahjhanpur 9454417527*
*75 DM Shamli 9454416996*
*76 DM Shrawasti 9454417538*
*77 DM Siddhathnagar 9454417530*
*78 DM Sitapur 9454417560*
*79 DM Sonbhadra 9454417569*
*80 DM Sultanpur 9454417542*
*81 DM Unnao 9454417561*
*82 DM Varansi 9454417579*

*ना जुर्म करें ना होने दें ,*
*करें सीधे जिलाधिकारी से संपर्क। अपने सगे संबंधियों के पास भी भेजें। अपराध रोकने में उत्तर प्रदेश सरकार की मदद करें।*
*धन्यवाद*

28/08/2020

*एक आदमी था, जो हमेशा अपने संगठन में सक्रिय रहता था उसको सभी जानते थे बड़ा मान सम्मान मिलता था, अचानक किसी कारण वश वह निश्क्रिय रहने लगा , मिलना - जुलना बंद कर दिया ,और संगठन से दूर हो गया।*
*कुछ सप्ताह पश्चात् एक बहुत ही ठंडी रात में उस संगठन के मुखिया ने उससे मिलने का फैसला किया ।*
*मुखिया उस आदमी के घर गया और पाया कि आदमी घर पर अकेला ही था। एक बोरसी में जलती हुई लकड़ियों की लौ के सामने बैठा आराम से आग ताप रहा था। उस आदमी ने आगंतुक मुखिया का बड़ी खामोशी से स्वागत किया।*
*दोनों चुपचाप बैठे रहे। केवल आग की लपटों को ऊपर तक उठते हुए ही देखते रहे।*
*कुछ देर के बाद मुखिया ने बिना कुछ बोले, उन अंगारों में से एक लकड़ी जिसमें लौ उठ रही थी (जल रही थी) उसे उठाकर किनारे पर रख दिया। और फिर से शांत बैठ गया।*
*मेजबान हर चीज़ पर ध्यान दे रहा था। लंबे समय से अकेला होने के कारण मन ही मन आनंदित भी हो रहा था कि वह आज अपने संगठन के मुखिया के साथ है।*
*लेकिन उसने देखा कि अलग की हुए लकड़ी की आग की लौ धीरे धीरे कम हो रही है। कुछ देर में आग बिल्कुल बुझ गई। उसमें कोई ताप नहीं बचा। उस लकड़ी से आग की चमक जल्द ही बाहर निकल गई।*
*कुछ समय पूर्व जो उस लकड़ी में उज्ज्वल प्रकाश था और आग की तपन थी वह अब एक काले और मृत टुकड़े से ज्यादा कुछ शेष न था।*
*इस बीच.. दोनों मित्रों ने एक दूसरे का बहुत ही संक्षिप्त अभिवादन किया, कम से कम शब्द बोले।*
*जानें से पहले मुखिया ने अलग की हुई बेकार लकड़ी को उठाया और फिर से आग के बीच में रख दिया। वह लकड़ी फिर से सुलग कर लौ बनकर जलने लगी, और चारों ओर रोशनी और ताप बिखेरने लगी।*
*जब आदमी, मुखिया को छोड़ने के लिए दरवाजे तक पहुंचा तो उसने मुखिया से कहा मेरे घर आकर मुलाकात करने के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद।*
*आज आपने बिना कुछ बात किए ही एक सुंदर पाठ पढ़ाया है। कि अकेले व्यक्ति का कोई अस्तित्व नहीं होता, संगठन का साथ मिलने पर ही वह चमकता है और रोशनी बिखेरता है संगठन से अलग होते ही वह लकड़ी की भाँति बुझ जाता है।*
*संगठन से ही हमारी पहचान बनती है इसलिए संगठन हमारे लिए सर्वोपरि होना चाहिए!*
जय मनुवाद
जय भारत माता

18/08/2020

आजकल पता चला हैं कि कुछ लोगो को ब्राह्मणो की बहुत चिंता हो रही है में उनसे पूछना चाहता हूँ कि आप कितने होशियार हो।

जबाब दो कि

1.बसपा सरकार में 17842 हरिजन ऐक्ट ब्राह्मणों पर लगे थे तब ये ब्राह्मण प्रेम कहा था।

2.उत्तर प्रदेश में ब्राह्मणों की 126 एकड़ भूमि पर जबरन डॉ. अम्बेडकर जी की मूर्ति लगवा थी तब ये ब्राह्मण प्रेम कहा था ।

3.तिलक,तराजू और तलबार इनमें जूते मारो चार का नारा देते समय आपका ये ब्राह्मण प्रेम कहा चला गया था।

4.मनुवादी कहकर जब ब्राह्मणों को गाली दी जाती थी तब ये ब्राह्मण प्रेम कहा चला गया था।

अब कृपया श्री अखिलेश आप भी कुछ जबाब दे दो ।

1.जब आप कन्नौज से अपना पहला लोकसभा चुनाव लड़ रहे थे तब अपने भाजपा कार्यकर्ता नीरज मिश्रा का क्या हाल किया था तब कहा गया था आपका परशुरामजी का प्रेम ।

2.जब आपके पिता जी ने अयोध्या में रामभक्तो पर गोलियां चलवायी थी तब कहा था परशुरामजी का प्रेम ।

3.यदि आप इतना ही ब्राह्मणो से प्यार करते हो तो अपनी पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष व प्रदेश अध्यक्ष कभी ब्राह्मण क्यो नही बनाया ।

4.ब्राह्मण नेता स्वर्गीय श्री ब्रह्मदत्त द्विवेदी जी के हत्यारे को आपने क्यो विधायक बनाया।

5.पूर्वांचल के ब्राह्मण नेता स्व.श्री कृष्णा नन्द राय जी के हत्यारे को आपने क्यो सांसद और विधायक बनाया।

6 अपनी सरकार में मुजफ्फरनगर में दंगा भड़का कर हिन्दू का कत्लेआम करवा कर और मुसलमानों के घर जा कर हाल लेकर पैसे दिये जो कि जख्मी हुए थे बस
और जीन हिन्दूओ का कत्लेआम करवाया था जिनके घर में चिराग बुझा दिये मुस्लिमो ने उन हिन्दू के घर एक भी बार देखने तक नहीं गए
तब कहाँ था तुम्हारा ब्राह्मण प्रेम

सपा और बसपा ब्राह्मणो को बेवकूफ ना समझे कि भगवान परशुराम जी की मूर्ति लगवाने की घोषणा कर ब्राह्मणो का समर्थन व वोट लेना चाहते हो तो आपको कभी नही मिलने बाला हैं।

यदि आप दोनों ही दल वास्तव में ब्राह्मणो के हितैषी होते तो घोषणा करते कि 2022 उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में अपनी पार्टी से मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार किसी ब्राह्मण को बनायेंगे ?

सूतिये है वो लोग जो सपा/बसपा का सर्मथन करते है।
ये वही नोटा गैंग है जो आज ब्रम्हाण की चिंता कर रही है।
जो राष्ट्र हित की बात करेगा वोही देश और यूपी में राज करेगा।

हम तो मनुवादी पार्टी के साथ हैं

जय श्री परशुराम 🚩🙏

Address

Uttar Pradesh
Noida
201009

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