12/02/2014
ज्ञानशिलता की मैं, प्रदर्शिनी दिखा रहा,
मैं जलाता हूँ दिया, प्रकाश की ही चाह में,
मैंने देखा है खड़े, कई को अपनी राह में,
मै चेतना जगाता हूँ, नए – नए विचार से,
बचाना चाहता हूँ मैं, समाज को विकार से,
प्रयत्नशील अब भी हूँ, इसी लिए हूँ गा रहा,
कागजों, कलम को मैं ”हथियार हूँ बना रहा”
इंसान के लिए यहाँ, शैतान ही है रह गए,
इंसान जो बने यहाँ, तूफ़ान में है बह गए,
विचित्र रोग है यहाँ, समाज में भरा पड़ा,
इंसानियत के खून से, है लाल हो चुका धड़ा,
इंसान के ही खून को, मैं भी तो हूँ उठा रहा,
कागजों, कलम को मैं ”हथियार हूँ बना रहा”
देखा है उन्हें भी जो, तलवार रखते पास में,
डरा के जितने की इक, उम्मीद और आस में,
है कौन सा वो धार जो, तलवार को गिराएगा,
कटता रहेगा यूँ ही या, कभी इसे मिटाएगा,
कलम की ताकतों से मैं, शक्ति ये घटा रहा,
कागजों, कलम को मैं ”हथियार हूँ बना रहा”
नवीनता को मैं यहाँ, आधार ना बनाऊँगा,
प्राचीनता को ही मैं अब, संशोधित कर के लाऊँगा,
क्या मिला समाज को, नविन इन विचार से,
अभद्र रूप में यहाँ, हो रहे प्रचार से,
समाज का वो शुद्ध रूप, को ही मैं बता रहा,
कागजों, कलम को मैं ”हथियार हूँ बना रहा”
सामान्य सा जो मैं यहाँ, दिख रहा था आज तक,
बुद्धिमता का मैं यहाँ, था खो चुका आकार तक,
सामान्य जानकारियों को, मैं सरल बनाऊँगा,
योग्यता भड़ी हुई है, इसको मैं दिखाऊँगा,
प्रवेश हो चूका मेरा, सभी को मैं जता रहा,
कागजों, कलम को मैं ”हथियार हूँ बना रहा”
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वॊट 4 आम जनता पार्टी प्रजात्तान्त्रीक
श्री विकास तिवारी कॊ विधान सभा चुनाव मॆ अपनॆ बहुमुल्य वॊटॊ सॆ विजयी बनायॆ
It is political party which is founded in 2014, whose persident is Mr. Vikash Tiwari