05/09/2026
एक शिक्षक का विश्वास, जिसने मेरी ज़िंदगी की दिशा बदल दी…
आज जब मैं पीछे मुड़कर अपने जीवन को देखता हूँ, तो आईआईटी दिल्ली से लेकर भारतीय पुलिस सेवा तक का सफर याद आता है। लेकिन इस सफर की नींव कहाँ पड़ी थी, यह सोचता हूँ तो मुझे अपना छोटा-सा सरकारी स्कूल और अपने गणित के शिक्षक श्री ओम प्रकाश जी याद आते हैं।
मैं पानीपत के कुराना गाँव के एक छोटे से सरकारी स्कूल में पढ़ता था। ओम प्रकाश जी गणित के असाधारण शिक्षक थे। उनका अपने बोर्ड परीक्षा का स्कोर हमारे स्कूल में 25 वर्षों से सबसे ऊँचा था। एक पूरी पीढ़ी के लिए उनका रिकॉर्ड तोड़ना लगभग असंभव सा लगता था।
मैं ऐसा विद्यार्थी नहीं था जो दिन-रात किताबों में ही डूबा रहता हो। लेकिन ओम प्रकाश जी ने मेरे भीतर कुछ ऐसा देखा, जिसे मैं खुद भी उस समय पूरी तरह पहचान नहीं पाया था।
एक दिन उन्होंने पूरी कक्षा के सामने कहा—
“अगर कोई मेरा रिकॉर्ड तोड़ सकता है, तो वो अशोक है।”
शायद उनके लिए यह एक सामान्य-सा वाक्य रहा हो, लेकिन मेरे लिए यह वाक्य मेरी जिंदगी का टर्निंग पॉइंट बन गया।
उस दिन पहली बार मुझे लगा कि शायद मैं भी कुछ बड़ा कर सकता हूँ।
फिर मैंने सिर्फ परीक्षा के लिए नहीं, बल्कि उनके विश्वास को सही साबित करने के लिए मेहनत शुरू की। जब बोर्ड का परिणाम आया, तो मैंने उनके 25 साल पुराने रिकॉर्ड को तोड़ दिया।
लेकिन असली बदलाव सिर्फ उस रिकॉर्ड के टूटने से नहीं आया।
उन्होंने मेरे अंदर आत्मविश्वास पैदा किया।
गणित में उन्होंने मेरी नींव इतनी मजबूत कर दी कि आगे चलकर जब मैं आईआईटी दिल्ली पहुँचा, तो वहाँ के कठिन गणित को समझने और उसे क्लियर करने की क्षमता मेरे अंदर थी। सच कहूँ तो आईआईटी तक पहुँचने की मेरी क्षमता की नींव मेरे गाँव के उसी सरकारी स्कूल में और ओम प्रकाश जी की कक्षा में रखी गई थी।
बाद में जीवन मुझे आईआईटी दिल्ली से भारतीय पुलिस सेवा तक ले गया। कई उपलब्धियाँ मिलीं, कई पड़ाव आए, लेकिन उन सबके पीछे कुछ ऐसे लोग होते हैं, जिनका योगदान किसी प्रमाणपत्र या पद से नहीं मापा जा सकता।
ओम प्रकाश जी मेरे लिए उन्हीं लोगों में से एक हैं।
एक शिक्षक सिर्फ विषय नहीं पढ़ाता। एक अच्छा शिक्षक अपने विद्यार्थी को यह एहसास कराता है कि “तुम कर सकते हो।”
और कभी-कभी एक शिक्षक का यही विश्वास किसी विद्यार्थी की पूरी जिंदगी बदल देता है।
आज शिक्षक दिवस के अवसर पर मैं अपने गुरु श्री ओम प्रकाश जी को हृदय से नमन करता हूँ और उनका आभार व्यक्त करता हूँ।
सर, आपने मुझे सिर्फ गणित नहीं सिखाया…
आपने मुझे मेरी अपनी क्षमता पर विश्वास करना सिखाया।
आपका वह एक वाक्य आज भी मेरे मन में गूंजता है—
“अगर कोई मेरा रिकॉर्ड तोड़ सकता है, तो वो अशोक है।”
मेरे जीवन की इस यात्रा में आपका योगदान हमेशा मेरे लिए विशेष रहेगा।
शिक्षक दिवस पर उन सभी शिक्षकों को नमन, जो अपने विद्यार्थियों में वह क्षमता देख लेते हैं, जिसे विद्यार्थी खुद भी नहीं देख पाता। 🙏
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