25/11/2025
नमस्कार मेरे पूर्वांचल के भाइयों–बहनों 🙏❤️
आज मैं आपसे एक ऐसा सच कहना चाहता हूँ…
वो सच, जिसे हम सबने महसूस किया है,
लेकिन शायद कह नहीं पाए।
हम सब अपने गाँव–घर से हज़ारों किलोमीटर दूर आए हैं।
कोई पेट पालने आया…
कोई परिवार का सपना पूरा करने आया…
कोई बच्चों को अच्छी पढ़ाई दिलाने आया…
और कोई बस इतना चाहता था कि “घर वालों की ज़िंदगी थोड़ी बेहतर हो जाए।”
लेकिन इस सफ़र में हमने क्या-क्या नहीं झेला?
👉 किराए के कमरे ढूँढ़ते हुए बेइज़्ज़ती।
👉 “आप कहाँ के हो?” पूछकर अजीब नज़रों से देखना।
👉 भाषा पर ताना, मेहनत पर शक, और पहचान पर सवाल।
👉 नौकरी में भेदभाव…
👉 स्कूल–कॉलज में बच्चों को अलग समझना…
👉 अस्पताल, ऑफिस, बैंक—सब जगह छोटी–छोटी दिक्कतें।
और सबसे ज़्यादा दर्द देता है ये—
कि हम अपने देश में रहते हुए भी कई बार अपने जैसे महसूस नहीं कर पाते।
पर एक बात आज साफ़ कर दूँ…
हम कमजोर नहीं हैं—हम बस बिखरे हुए हैं।
यही वजह है कि मैंने ये पेज बनाया है—
“पूर्वांचल सम्मान परिवार”
एक ऐसी जगह, जहाँ हर कोई सुना जाएगा,
जहाँ कोई अकेला नहीं रहेगा,
जहाँ हम सब एक-दूसरे का हाथ पकड़कर आगे बढ़ेंगे।
यहाँ हम मिलकर ये सब करेंगे:
🌟 जॉब / काम की जानकारी
🌟 रूम / PG / किराए का घर सहायता
🌟 स्कूल–कॉलज एडमिशन और डॉक्यूमेंट मदद
🌟 भेदभाव या गलत व्यवहार की स्थिति में सपोर्ट
🌟 हॉस्पिटल / मेडिकल / इमरजेंसी हेल्प
🌟 लड़कियों और महिलाओं के लिए सुरक्षा जानकारी
🌟 कानूनी अधिकार और जागरूकता
🌟 हमारे त्यौहार, बोली, संस्कृति की इज़्ज़त और पहचान
ये पेज सिर्फ़ एक पेज नहीं है…
ये हमारा परिवार है।
हमारे संघर्षों की आवाज़ है।
हमारी पहचान का सम्मान है।
और परिवार बढ़ता है एकता से,
इसलिए मैं आप सबसे दिल से एक अपील करता हूँ—
✔ इस पेज को FOLLOW करें
✔ अपने दोस्तों, रूममेट्स, सहकर्मियों, परिवार को SHARE करें
✔ कमेंट में बताइए—
आप किस शहर में रहते हैं?
क्या काम करते हैं?
आपकी सबसे बड़ी परेशानी क्या है?
आइए, हम सब एक मजबूत आवाज़ बनें।
क्योंकि…
“अकेला प्रवासी सिर्फ़ एक आदमी होता है,
लेकिन साथ आए प्रवासी—एक पूरा परिवार बन जाता है।”
❤️🙏
पूर्वांचल की मिट्टी की ख़ुशबू दिल में लेकर,
इज़्ज़त और एकता के साथ—
आइए, हम सब जुड़ें।
आपका अपना,
ROSHAAN
Purvanchal SAMAJ EKTA