02/09/2026
आज ितंबर के ही दिन 1946 में भारत की #अंतरिम_सरकार का गठन किया गया था. इसके मुखिया थे #जवाहर_लाल_नेहरू जो इस प्रकार थी:
विस्काउंट वावेल – वायसराय और गवर्नर जनरल इंडिया
सर क्लाउड ओचिंलेक – कमांडर इन चीफ
जवाहर लाल नेहरू – प्रधानमंत्री और एग्जीक्यूटिव कौंसिल के उप राष्ट्रपति, विदेश मामले और कामनवेल्थ रिलेशन
वल्लभ भाई पटेल – गृह मंत्रालय, सूचना और प्रसारण
राजेंद्र प्रसाद – खाद्य और कृषि
शाफत अहमद खान – कला, शिक्षा और स्वास्थ्य
सीएच भाभा – कामर्स
बलदेव सिंह – रक्षा
वित्त – जान मथाई
सी राजगोपालाचारी – उद्योग और आपूर्ति मंत्री
जगजीवन राम – श्रम
कानून – सैयर अली जहीर
आसफ अली – रेलवे औऱ परिवहन, डाक और वायु R
शरत बोस – खान और ऊर्जा
ये सरकार 15 अगस्त 1947 तक कामकाज संभालती रही. जब नेहरू जी ने अंतरिम सरकार बनाई तब तक देश का बंटवारा नहीं हुआ था. लिहाजा इस सरकार में कई मुस्लिम लीग के नेता भी शामिल थे. हालांकि जिस समय ये अंतरिम सरकार गठित हो रही थी, उस समय देशभर में कई जगह सांप्रदायिक दंगे फूट पड़े थे. वैसे अब तक ये भी करीब तय हो चुका था कि अंग्रेज देश छोड़कर तो चले जाएंगे लेकिन इसका भारत और पाकिस्तान में बटवारा करके ही जाएंगे. जिन्ना की निगाह पाकिस्तान पर लगी थी.
नेहरू ने लीग के प्रस्ताव को ठुकराया
जब अंतरिम सरकार का गठन हो रहा था तब जिन्ना ने नेहरू के इस प्रस्ताव को तुरंत अस्वीकार कर दिया कि उनके 14 सदस्यीय मंत्रिमंडल में लीग को 05 सीटें मिल जाएंगी. आखिरकार जिन्ना से बात नहीं बन सकी. इसका नतीजा देश को #प्रत्यक्ष_कार्रवाई_दिवस के रूप में भी भुगतना पड़ा.
बाद में यूं लिया मुस्लिम लीग ने टर्न
जो अंतरिम सरकार बनी, उसमें नेहरू, पटेल, राजेंद्र प्रसाद, राजगोपालचारी, आसफ अली, शरत चंद्र बोस, जान मथाई, बलदेव सिंह, शफियत अहमद खान, जगजीवन राम, अली जहीर और सीएच भाभा शामिल थे. शुरू में तो जिन्ना ने मुस्लिग लीग को अंतरिम सरकार में शामिल नहीं होने देने का रुख दिखाया, बाद में वायसराय वेवेल के साथ मिलकर अंतरिम सरकार में अहम पोजिशन में लीग के सदस्यों को बिठाने की कोशिश की.
अंतरिम सरकार तयशुदा तरीके से भंग ही हो जाती, अगर इसी समय एक महत्वपूर्ण घटना नहीं हुई होती. 20 फरवरी को एटली ने लंदन में इस बात की घोषणा की कि ब्रिटेन ने जून 1948 तक भारत छोड़ने का निश्चित फैसला कर लिया है. ये घोषणा भी की गई कि अब वेवेल के स्थान पर लार्ड माउंटबेटन वायसराय नियुक्त कर दिए गए हैं.