26/03/2026
उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार द्वारा शहीद रामप्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खान और रोशन सिंह की प्रतिमाओं को ध्वस्त किया जाना मानवता के विरुद्ध एक आपराधिक कृत्य है। इस संबंध में एसयूसीआई (कम्युनिस्ट) के महासचिव श्री प्रभास घोष ने आज 26 मार्च को निम्नलिखित वक्तव्य जारी किया:
“भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में 1925 का ‘काकोरी एक्शन’ एक ऐतिहासिक घटना है, जिसने पूरे भारत के स्वतंत्रता-प्रेमी लोगों को प्रेरित किया। इस संघर्ष में रामप्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खान और रोशन सिंह हंसते-हंसते फांसी के फंदे पर झूल गये और इतिहास का एक नया अध्याय रच दिया।
उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर की आम जनता ने इन शहीदों के प्रति गहरी भावना और सम्मान व्यक्त करते हुए 1972 में शहर के केन्द्र में उनकी प्रतिमाएं स्थापित की थीं। उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार ने शहर के सौंदर्यीकरण के नाम पर 23 मार्च को उन प्रतिमाओं को ध्वस्त कर दिया।
उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार का यह कृत्य कोई अलग-थलग घटना नहीं है। यह उनकी लम्बे समय से चली आ रही नीति का प्रतिबिंब है, क्योंकि आरएसएस के गुरुजी गोलवलकर के अनुसार, ब्रिटिश साम्राज्यवाद के विरुद्ध भारतीय स्वतंत्रता संग्राम देशभक्तिपूर्ण नहीं, बल्कि प्रतिक्रियावादी था। वे भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के स्वर्णिम अध्यायों को मिटा देना चाहते हैं।
हम भारत की जनता से आह्वान करते हैं कि वे आगे आयें, भाजपा नेतृत्ववाली उत्तर प्रदेश सरकार की इन आपराधिक करतूतों का प्रतिरोध करें और निम्नलिखित मांगें उठायें:
1) उन प्रतिमाओं को तत्काल पूर्ण सम्मान के साथ पुनः स्थापित किया जाये।
2) इस जघन्य कृत्य में शामिल लोगों को तत्काल दंडित किया जाये।”