25/07/2026
उत्तराखण्ड भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट जी ने धर्मेंद्र प्रधान जी के इस्तीफ़े के सवाल पर मीडिया से बातचीत के दौरान जंतर-मंतर में प्रदर्शन कर रहे छात्रों के लिए जिस प्रकार की भाषा का प्रयोग किया, वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और आपत्तिजनक है।
एक संवैधानिक पद पर बैठे जनप्रतिनिधि से ऐसी भाषा की अपेक्षा नहीं की जाती। यह पहली बार नहीं है। इससे पहले भी उत्तराखण्ड में अपने अधिकारों के लिए आंदोलन कर रहे युवाओं को कभी “माओवादी” तो कभी “देशद्रोही” कहा जा चुका है।
मेरी राय में, इस बयान की नैतिक ज़िम्मेदारी लेते हुए महेंद्र भट्ट जी को तत्काल अपने पद से इस्तीफ़ा देना चाहिए तथा देश के सभी युवाओं से सार्वजनिक रूप से माफ़ी माँगनी चाहिए।
लोकतंत्र में अपनी बात रखना हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। असहमति का जवाब संवाद और तर्क से दिया जाना चाहिए, अपमानजनक भाषा से नहीं।
#हिमालय_क्रांति_पार्टी