03/06/2026
Akram P@APCongress1885
·Jun 2
मज़ाक-मज़ाक में शेखर सुमन वो सवाल पूछ रहे हैं, जो कई बड़े पत्रकार पूछने से कतराते हैं। 😄
कभी-कभी एक व्यंग्य हजार प्रेस कॉन्फ्रेंस पर भारी पड़ जाता है।
हंसते-हंसाते हुए भी उन्होंने व्यवस्था की कमज़ोरियों पर सीधा निशाना साध दिया।