छोटा पीके

छोटा पीके सरसी का छोटा पीके

05/09/2026

मामला डस्टबिन का है, लेकिन आग भाजपा के अंदर लगी हुई है ! 😐

बिहार भाजपा में सबकुछ ठीक नहीं है !

भाजपा साफ़ तौर पर दो खेमों में बंटी दिख रही है—
एक खेमा मंगल पांडे के साथ,
दूसरा खेमा सम्राट चौधरी के साथ!
इसी बीच ओम प्रकाश यादव ने डस्टबिन घोटाले को लेकर मंगल पांडे पर सीधे सवाल उठाए।
भाजपा ने जवाब में ओम प्रकाश यादव से ही जवाब मांग लिया।
और अब जवाब में ओम प्रकाश यादव की ये फेसबुक पोस्ट सामने आई है… 👀🔥

05/09/2026

चारा घोटाला — जगन्नाथ मिश्रा से शुरू होकर लालू यादव पर खत्म।

डस्टबिन घोटाला — तेजस्वी यादव से शुरू होकर मंगल पांडे पर खत्म।

यानी बिहार में घोटालों की कोई पार्टी नहीं होती…

हर पार्टी, हर वर्ग और हर दौर के नेताओं ने बिहार को अपने-अपने हिस्से में लूटा है।

05/09/2026

आरक्षण पर आज जो खेल चल रहा है, उसके पीछे भाजपा और उसका IT Cell है—और मोहरे हैं उसके चुनिंदा स्वर्ण कार्यकर्ता।

कैसे पूरा खेल खेला जा रहा है, आइए समझिए 👇

अजीत भारती किसी सेमिनार में जाते हैं, आरक्षण के विरोध में भाषण देते हैं और क्लिप वायरल हो जाती है।

फिर वही पुराना खेल शुरू—भाजपा अजीत भारती को आगे करती है।

पहले आरक्षण के विरोध में आंदोलन खड़ा करो।
फिर देशभर के भाजपा समर्थित स्वर्ण कार्यकर्ताओं को उसके पीछे खड़ा करो।

भाजपा और आंदोलन में शामिल लोगों—दोनों को पता है कि आरक्षण को रातों-रात खत्म करना संभव नहीं है।

तो असली मकसद क्या है?

ऐसा माहौल तैयार करो कि स्वर्ण समाज को लगे—सिर्फ भाजपा ही आरक्षण खत्म कर सकती है।

और दूसरी तरफ पिछड़े एवं दलित समाज को लगे—भाजपा ही आरक्षण की सबसे बड़ी रक्षक है।

यानी दोनों तरफ डर और उम्मीद पैदा करो,
और फायदा सिर्फ भाजपा को पहुँचाओ।

अजीत भारती और उनके साथियों का असली काम यही है—भाजपा के पक्ष में नैरेटिव बनाना।

स्वर्ण समाज और आरक्षण के नाम पर राजनीति सिर्फ एक मुखौटा है।

और हाँ, इस पोस्ट को बुकमार्क करके रख लीजिए।

UP चुनाव आते-आते अजीत भारती एक बार फिर भाजपा के लिए खुलेआम बैटिंग करते नजर आएंगे।

खेल आरक्षण का नहीं है—खेल वोटों के ध्रुवीकरण का है। 🔥

तेजस्वी को बचाने के लिए मोटा पैकेज भेलारी जी ले लिए हैं क्या? 😐भेलारी जी शायद पहले व्यक्ति हैं, जो प्रशांत किशोर को यह स...
05/09/2026

तेजस्वी को बचाने के लिए मोटा पैकेज भेलारी जी ले लिए हैं क्या? 😐

भेलारी जी शायद पहले व्यक्ति हैं, जो प्रशांत किशोर को यह समझाने में लगे हैं कि मंगल पांडे को “पांडे” होने की वजह से टारगेट नहीं किया जा रहा है, ताकि पूरा मामला सिर्फ प्रशांत किशोर बनाम मंगल पांडे तक ही सीमित रहे और तेजस्वी यादव बच जाएं।

लेकिन प्रशांत किशोर is not everyone’s cup of tea! 😏

प्रशांत किशोर ने जब से तेजस्वी यादव और मंगल पांडे—दोनों की डस्टबिन घोटाले में संलिप्तता की बात कही है, तब से भेलारी जी लगातार मंगल पांडे को बचाने और तेजस्वी यादव को फँसाने का रोना रो रहे हैं।

लेकिन जनता सब जानती है, भेलारी जी! 👀

मंगल पांडे ने चोरी की है और तेजस्वी यादव ने भी चोरी की है—तो दोनों से सवाल होगा।

किसी एक को बचाने के लिए दूसरे को बलि का बकरा बनाने की कोशिश अब जनता समझ चुकी है। 🔥

04/09/2026

यदा यदा हि धर्मस्य ग्लानिर्भवति भारत।
अभ्युत्थानमधर्मस्य तदात्मानं सृजाम्यहम् ll

~ जय श्री कृष्णा ❤️

04/09/2026

प्रशांत किशोर ने गिराया बीजेपी का दूसरा विकेट; तीसरा भी दांव पर।

24/08/2026

सावन का आखिरी सोमवार है, बाबा जाते-जाते मेरा खुशियां देकर जाना जिसके लिए मैं इंतजार कर रहा हूं.
🙏🙏🙏

24/08/2026

प्रशांत किशोर जी ने एक नया खुलासा किया है कि रोड सेफ्टी के लिए 1000 करोड़ रुपये बिहार में पड़े हैं।

बिहार में पिछले एक साल में दो फिल्मों का ग्रैंड स्तर पर प्रमोशन हुआ—1️⃣ पुष्पा 2 — स्मगलिंग पर आधारित फिल्म2️⃣ मिर्जापुर...
24/08/2026

बिहार में पिछले एक साल में दो फिल्मों का ग्रैंड स्तर पर प्रमोशन हुआ—
1️⃣ पुष्पा 2 — स्मगलिंग पर आधारित फिल्म
2️⃣ मिर्जापुर — रंगदारी, गुंडागर्दी और अपराध की दुनिया पर आधारित कहानी

सवाल यह है कि बिहार की पहचान आखिर किस चीज़ से बनाई जा रही है?
स्मगलिंग और गुंडागर्दी से?
और सबसे दुर्भाग्यपूर्ण बात यह है कि इसमें बिहार के नेताओं की भूमिका भी सवालों के घेरे में है—जो इसे रोकने के बजाय ऐसे नैरेटिव को बढ़ावा देते दिखाई देते हैं।

जिस बिहार की धरती नालंदा और विक्रमशिला जैसी महान शिक्षण परंपराओं की भूमि रही है, जहाँ कभी दुनिया ज्ञान लेने आती थी—आज उसी बिहार में शिक्षा से ज्यादा अपराध और गुंडागर्दी के नैरेटिव को ग्लैमराइज किया जा रहा है।
यह सिर्फ फिल्मों का सवाल नहीं है।
यह बिहार की पहचान और आने वाली पीढ़ियों की दिशा का सवाल है।

प्रशांत किशोर को अपना नेता मानने का मेरा सबसे बड़ा कारण यही है।
वो बिहार में शिक्षा की बात करते हैं।
बिहार की शिक्षा व्यवस्था सुधारने की बात करते हैं और बिहार को फिर से ज्ञान की भूमि बनाने का संकल्प लेते हैं।

बिहार को कट्टा, रंगदारी और अपराध के नैरेटिव से बाहर निकालकर किताब, शिक्षा, रोजगार और उद्योग की पहचान देनी होगी।

उम्मीद है बिहार के बाकी नेता भी प्रशांत किशोर से कुछ सीखेंगे क्योंकि बिहार को अपराध की नहीं, शिक्षा की राजनीति चाहिए।

जय बिहार! ✊🙏

Address

Sarsi
Purnea
854306

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when छोटा पीके posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Shortcuts

Share