AISF Jharkhand

AISF Jharkhand Against Imperialism, Against Attempts to Silence Students We raised our voices."Inquilab Zindabad"..!

सत्य निकेतन PG हादसा: छात्रों की सुरक्षा से समझौता क्यों?सत्य निकेतन में PG इमारत ढहने की घटना ने दिल्ली में छात्रों के ...
08/09/2026

सत्य निकेतन PG हादसा: छात्रों की सुरक्षा से समझौता क्यों?

सत्य निकेतन में PG इमारत ढहने की घटना ने दिल्ली में छात्रों के सुरक्षित और सस्ती आवास व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हादसे में जान गंवाने वालों के प्रति AISF गहरी संवेदना व्यक्त करता है।

AISF मांग करता है कि दिल्ली सरकार और MCD सभी PG व हॉस्टलों का तत्काल Structural Safety Audit कराएं, असुरक्षित इमारतों को खाली कराएं और छात्रों के लिए सुरक्षित, सस्ती एवं पर्याप्त हॉस्टल व्यवस्था सुनिश्चित करें।

छात्रों की सुरक्षा कोई सुविधा नहीं, उनका अधिकार है।

AISF का संघर्ष जारी रहेगा—सुरक्षित हॉस्टल और छात्र अधिकारों के लिए!

छात्रों की सुरक्षा कोई सुविधा नहीं, उनका अधिकार है।AISF का संघर्ष जारी रहेगा—सुरक्षित हॉस्टल और छात्र अधिकारों के लिए!  ...
08/09/2026

छात्रों की सुरक्षा कोई सुविधा नहीं, उनका अधिकार है।
AISF का संघर्ष जारी रहेगा—सुरक्षित हॉस्टल और छात्र अधिकारों के लिए!

07/09/2026

सत्या निकेतन PG हादसा: छात्रों की सुरक्षा से समझौता बर्दाश्त नहीं

दिल्ली के सत्या निकेतन में दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के पास PG भवन के ढहने की घटना बेहद दुखद और चिंताजनक है। इस हादसे ने दिल्ली में छात्रों के लिए संचालित PG और हॉस्टलों की सुरक्षा व्यवस्था, भवन निर्माण के मानकों और प्रशासनिक निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (AISF) इस हादसे से प्रभावित छात्रों और उनके परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता है। AISF मांग करता है कि हादसे की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कराई जाए तथा लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय की जाए।

सत्या निकेतन और दिल्ली के अन्य छात्र बहुल इलाकों में संचालित सभी PG और छात्रावासों का तत्काल स्ट्रक्चरल, फायर और इलेक्ट्रिकल सेफ्टी ऑडिट कराया जाना चाहिए। जिन भवनों में सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाया जाए, उनके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

प्रशासन की प्राथमिकता केवल हादसे के बाद राहत और बचाव तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। छात्रों को सुरक्षित और सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराना भी प्रशासन की जिम्मेदारी है। प्रभावित छात्रों के लिए तत्काल सुरक्षित आवास, भोजन और आवश्यक सहायता की व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए।

AISF स्पष्ट रूप से कहना चाहता है कि छात्रों की जिंदगी और सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। दिल्ली में छात्रावास और PG व्यवस्था को सुरक्षित, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए प्रशासन को ठोस कदम उठाने होंगे।

AISF छात्रों की सुरक्षा, अधिकार और सम्मान के लिए अपनी आवाज लगातार बुलंद करता रहेगा।

ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (AISF), झारखंड की ओर से सुदिव्य कुमार सोनू को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं।ईश्वर दि...
06/09/2026

ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (AISF), झारखंड की ओर से सुदिव्य कुमार सोनू को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं।
ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें तथा शोकाकुल परिवार, समर्थकों और कार्यकर्ताओं को इस अपार दुःख को सहने की शक्ति दें।
सुदिव्य कुमार सोनू अमर रहें।
भावपूर्ण श्रद्धांजलि।
अंतिम जोहार। 🕯️🙏
#श्रद्धांजलि #अंतिमजोहार

30/08/2026


https://jagatprahari.com/%e0%a4%9d%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%96%e0%a4%82%e0%a4%a1-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%aa%e0...
30/08/2026

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एस. पी. सक्सेना/रांची (झारखंड)। झारखंड में सरकारी शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार द्वार....

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23/08/2026

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एस. पी. सक्सेना/रांची (झारखंड)। नीति आयोग की रिइमेजिनिंग स्किलिंग फॉर विकसित भारत @2047 रिपोर्ट में सामने आया है कि वर्....

23/08/2026

8.7 करोड़ NEET युवा सरकार की नाकामी का प्रमाण, शिक्षा से रोजगार तक मजबूत व्यवस्था बनाए केंद्र : AISF

रांची, 22 अगस्त: NITI Aayog की “Reimagining Skilling for Viksit Bharat@2047” रिपोर्ट में सामने आया है कि वर्ष 2021 में 15 से 29 वर्ष की उम्र के लगभग 8.7 करोड़ युवा शिक्षा, रोजगार या प्रशिक्षण—किसी से भी नहीं जुड़े थे। यह आंकड़ा देश के युवाओं के सामने खड़े गंभीर रोजगार और शिक्षा संकट को उजागर करता है।

AISF जिला अध्यक्ष एहतेशाम परवीन ने कहा कि सरकार युवाओं की संख्या को “स्किल” करने के आंकड़ों से अपनी उपलब्धि बता रही है, लेकिन असली सवाल यह है कि प्रशिक्षण के बाद युवाओं को स्थायी और सम्मानजनक रोजगार कितना मिला। यदि करोड़ों युवा शिक्षा, रोजगार और प्रशिक्षण से बाहर हैं, तो केवल प्रशिक्षण कार्यक्रमों और बजट की घोषणा से समस्या का समाधान नहीं होगा।

उन्होंने कहा कि NITI Aayog की रिपोर्ट में यह तथ्य बेहद चिंताजनक है कि सिर्फ 8.25 प्रतिशत graduates ही अपनी qualification के अनुरूप रोजगार में हैं। इससे स्पष्ट है कि देश की शिक्षा व्यवस्था और रोजगार बाजार के बीच गंभीर disconnect है। डिग्री हासिल करने के बाद भी युवाओं को कम वेतन वाली नौकरियां स्वीकार करने या बेरोजगारी का सामना करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।

एहतेशाम परवीन ने कहा कि Class 6 से skill और entrepreneurship education शुरू करने का प्रस्ताव स्वागत योग्य है, लेकिन इसे केवल पाठ्यक्रम में जोड़ देना पर्याप्त नहीं है। सरकारी स्कूलों में प्रशिक्षित शिक्षक, आधुनिक laboratories, practical training, industry exposure और पर्याप्त infrastructure उपलब्ध कराना भी जरूरी है। गरीब छात्रों को vocational education के नाम पर सस्ती या कम गुणवत्ता वाली शिक्षा तक सीमित नहीं किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि apprenticeship और “earn-while-you-learn” programmes को बढ़ावा देने की जरूरत है, लेकिन इन योजनाओं में छात्रों के अधिकार, उचित stipend, job security और exploitation से सुरक्षा सुनिश्चित होनी चाहिए। MSMEs को incentives देने के साथ यह भी सुनिश्चित किया जाए कि apprenticeship को सस्ते श्रम के विकल्प के रूप में इस्तेमाल न किया जाए।

AISF ने सरकार से मांग की कि:

- युवाओं के लिए स्थायी और सम्मानजनक रोजगार पैदा करने की ठोस नीति बनाई जाए।
- सरकारी स्कूलों और कॉलेजों में मुफ्त vocational और skill education की व्यवस्था हो।
- Higher education को केवल degree देने वाली व्यवस्था के बजाय quality education, practical exposure और रोजगार से जोड़ने वाली व्यवस्था बनाया जाए।
- सरकार हर साल training के आंकड़े जारी करने के साथ यह भी बताए कि training प्राप्त करने वाले कितने युवाओं को स्थायी रोजगार या स्वरोजगार मिला।

एहतेशाम परवीन ने कहा, “देश के करोड़ों युवाओं को केवल ‘skill’ नहीं, बल्कि शिक्षा का अधिकार, रोजगार का अवसर और सम्मानजनक भविष्य चाहिए। सरकार को आंकड़ों की राजनीति छोड़कर शिक्षा और रोजगार के बीच वास्तविक पुल बनाना होगा। अन्यथा ‘Viksit Bharat’ का सपना युवाओं की बेरोजगारी और असुरक्षित रोजगार की हकीकत के सामने खोखला साबित होगा।”

— एहतेशाम परवीन
जिला अध्यक्ष, AISF

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Ranchi
834001

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