17/06/2026
PIB की मीडिया कार्यशाला में RVNL ने साझा की ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना की उपलब्धियां
ऋषिकेश, 15 जून 2026
भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB), देहरादून द्वारा आयोजित "12 साल – विश्वास के, विकास के, जनकल्याण के" विषयक मीडिया कार्यशाला एवं संवाद कार्यक्रम में रेल विकास निगम लिमिटेड (RVNL) ने ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना की महत्वपूर्ण उपलब्धियों, तकनीकी नवाचारों तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए किए गए प्रयासों की विस्तृत जानकारी मीडिया प्रतिनिधियों के साथ साझा की।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में नगर निगम ऋषिकेश के महापौर श्री शंभू पासवान उपस्थित रहे। उन्होंने केंद्र सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं एवं उत्तराखंड में तेजी से विकसित हो रहे आधारभूत ढांचे की सराहना करते हुए कहा कि ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना राज्य के सामाजिक एवं आर्थिक विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना प्रदेश के दुर्गम पर्वतीय क्षेत्रों को देश के रेल नेटवर्क से जोड़ने के साथ-साथ पर्यटन, व्यापार और रोजगार के नए अवसर भी सृजित करेगी।
कार्यशाला के दौरान RVNL के उप महाप्रबंधक (सिविल) श्री ओम प्रकाश मालगुड़ी तथा भूवैज्ञानिक श्री विजय डंगवाल ने परियोजना के निर्माण के दौरान सामने आई विभिन्न भू-वैज्ञानिक एवं तकनीकी चुनौतियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि हिमालयी क्षेत्र की जटिल भूगर्भीय परिस्थितियों, कमजोर चट्टानों, जल रिसाव, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों तथा सुरंग निर्माण के दौरान उत्पन्न होने वाली अन्य तकनीकी समस्याओं का आधुनिक इंजीनियरिंग तकनीकों एवं वैज्ञानिक उपायों के माध्यम से सफलतापूर्वक समाधान किया गया।
विशेषज्ञों ने बताया कि परियोजना के अंतर्गत सुरंग निर्माण कार्य में नवीनतम तकनीकों, उन्नत मॉनिटरिंग प्रणालियों तथा सुरक्षा मानकों का उपयोग किया जा रहा है, जिससे कार्य की गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित हो रही है। उन्होंने कहा कि चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद परियोजना निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप निरंतर प्रगति कर रही है।
पर्यावरण संरक्षण के विषय में जानकारी देते हुए अधिकारियों ने बताया कि परियोजना के प्रत्येक चरण में पर्यावरणीय मानकों का कड़ाई से पालन किया गया है। सुरंग निर्माण से निकलने वाले मलबे के वैज्ञानिक निस्तारण, जल स्रोतों के संरक्षण, धूल एवं ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण, हरित आवरण को बनाए रखने तथा व्यापक वृक्षारोपण जैसे उपायों को प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने कहा कि परियोजना का उद्देश्य केवल आधुनिक रेल संपर्क उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र को सुरक्षित एवं संरक्षित रखना भी है।
RVNL अधिकारियों ने परियोजना की वर्तमान प्रगति, सुरंगों एवं पुलों के निर्माण, अत्याधुनिक तकनीकों के उपयोग तथा परियोजना से क्षेत्र को होने वाले दीर्घकालिक लाभों की जानकारी भी साझा की। उन्होंने बताया कि ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना पूर्ण होने के बाद उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में आवागमन को सुगम बनाएगी तथा पर्यटन, तीर्थाटन, स्थानीय व्यवसाय और क्षेत्रीय विकास को नई गति प्रदान करेगी।
कार्यक्रम के समापन पर मुख्य अतिथि का स्वागत एवं सम्मान किया गया तथा उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर मीडिया प्रतिनिधियों, विभिन्न विभागों के अधिकारियों, जनसंपर्क विशेषज्ञों तथा अन्य गणमान्य नागरिकों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही।