04/09/2026
उत्तराखंड की जमीन पर फैसला… जनता से सवाल क्यों नहीं?
उत्तराखंड की सरकारी जमीन को 90 साल की लीज पर देने और वह भी सर्किल रेट के आधार पर, सरकार के इस निर्णय ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अगर पूरी प्रक्रिया नियमों के अनुसार और पारदर्शी है, तो सरकार नियम, शर्तें और पूरी प्रक्रिया सार्वजनिक करने से क्यों हिचक रही है?
सरकारी जमीन किसी व्यक्ति या सरकार की निजी संपत्ति नहीं—
यह उत्तराखंड की जनता की अमानत है।
इतनी लंबी अवधि की लीज से पहले यह सुनिश्चित होना चाहिए कि इसका लाभ जनता को मिले, किसी चुनिंदा व्यक्ति या समूह को नहीं।
हमारी मांग स्पष्ट है—
पूरी प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच हो, सभी तथ्यों को सार्वजनिक किया जाए और जनहित के विपरीत कोई भी निर्णय तत्काल रोका जाए।
सरकार को प्रदेश की जनता के सामने सिर्फ एक सवाल का जवाब देना चाहिए—
**सरकारी जमीन आखिर किसके हित में?
जनता के हित में या चुनिंदा लोगों के हित में?**
उत्तराखंड की जमीन हमारी धरोहर है, इसे किसी भी कीमत पर निजी हितों की भेंट नहीं चढ़ने दिया जाएगा।
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