18/11/2022
हमारे देश में सम्राट अशोक की जयंती" नहीं मनाई जाती .. जानते हैं क्यों ? बहुत सोचने पर भी, "उत्तर" नहीं मिलता! आप भी, इन "प्रश्नों" पर, विचार करें!
जिस सम्राट के नाम के साथ, संसार भर के, इतिहासकार “महान” शब्द लगाते हैं
जिस सम्राट का राज चिन्ह "अशोक चक्र", भारत अपने ध्वज" में लगाते है
जिस सम्राट का "राज चिन्ह चारमुखी शेर" को, "राष्ट्रीय प्रतीक" मानकर सरकार चलाते हैं
जिस सम्राट का आदर्श राज्य वाक्य 'सत्यमेव जयते" को अपनाया है
जिस देश में "सेना का सबसे बड़ा युद्ध सम्मान" सम्राट अशोक के नाम पर, "अशोक चक्र" दिया जाता है
जिस सम्राट से "पहले या बाद" में "कभी कोई ऐसा राजा या सम्राट नहीं हुआ" जिसने अखंड भारत" (आज का नेपाल, बांग्लादेश, पूरा भारत, पाकिस्तान, और अफगानिस्तान) जितने, बड़े भूभाग पर एक-छत्र राज" किया हो
सम्राट अशोक के ही, समय में "२३ विश्वविद्यालयों" की "स्थापना" की गई जिसमें तक्षशिला, नालन्दा, विक्रमशिला, कंधार, आदि "विश्वविद्यालय" प्रमुख थे l इन्हीं विश्वविद्यालयों में विदेश से छात्र उच्च शिक्षा पाने "भारत आया करते थे"
जिस "सम्राट" के "शासन काल" को "विश्व" के "बुद्धिजीवी" और "इतिहासकार", "भारतीय इतिहास" का सबसे -"स्वर्णिम काल" मानते हैं
जिस सम्राट के शासन काल में भारत विश्व गुरु था सोने की चिड़िया था l जनता खुशहाल और भेदभाव-रहित थी
जिस सम्राट के शासन काल में, सबसे प्रख्यात-महामार्ग ग्रेड ट्रंक रोड जैसे कई हाईवे बने २,००० किलोमीटर लंबी पूरी सडक पर दोनों ओर पेड़ लगाये गए l सरायें बनायीं गईं..l
मानव तो मानव..,पशुओं के लिए भी, प्रथम बार "चिकित्सा घर" हॉस्पिटल खोले गए
ऐसे "महान सम्राट अशोक", जिनकी "जयंती" उनके अपने देश भारत में क्यों नहीं मनायी जाती ? न ही, कोई छुट्टी घोषित की गई है। दुख: है, कि जिन नागरिकों को ये जयंती मनानी चाहिए वो अपना इतिहास ही, भुला बैठे हैं !
जो जीता वही चंद्रगुप्त ना होकर जो जीता वही सिकन्दर कैसे हो गया जबकि ये बात सभी जानते हैं कि सिकन्दर की सेना ने चन्द्रगुप्त मौर्य के "प्रभाव" को देखते हुए ही, लड़ने से मना कर दिया था! बहुत ही बुरी तरह से "मनोबल टूट गया था" और "वापस लौटना" पड़ा था ।
अब आपसे आग्रह है कि इस सत्य स्वर्णिम इतिहास को सभी समुहों में भेजने का कष्ट करें हम सब मिल कर, बाक़ी साथियों को भी,"जागरूक" करें आइए मिल कर इस ऐतिहासिक भूल को सही करने का हर संभव प्रयास करें !