27/05/2026
ट्रेन में एक मुस्लिम बुज़ुर्ग काफी देर से भीड़ के बीच खड़े सफर कर रहे थे। आसपास कई नौजवान सीटों पर आराम से बैठे थे, मगर किसी ने उन्हें बैठने की जगह नहीं दी। तभी वहां मौजूद रेलवे पुलिसकर्मी संतोष की नज़र उन बुज़ुर्ग पर पड़ी। उन्होंने बिना किसी सख्ती या बहस के युवकों से प्यार से थोड़ा खिसकने को कहा और बुज़ुर्ग को सम्मान के साथ बैठने की जगह दिलाई।
आज के दौर में इंसानियत के ऐसे छोटे-छोटे दृश्य दिल को सुकून दे जाते हैं। वर्दी की असली खूबसूरती सिर्फ कानून लागू करने में नहीं, बल्कि इंसानियत निभाने में भी होती है। ऐसे लोग समाज को बेहतर और खूबसूरत बनाते हैं। ❤️✅