16/07/2026
*विश्व कीर्तिमान एवं ‘योग ज्योत्स्ना’ पत्रिका का हुआ विमोचन, उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने दी बधाई*
*विश्व कीर्तिमान से सम्मानित हुआ आयुर्वेद महाविद्यालय, उपमुख्यमंत्री बोले—यह पूरे आयुष विभाग का गौरव*
*उदयपुर आयुर्वेद महाविद्यालय की ऐतिहासिक उपलब्धि, विश्व कीर्तिमान ट्रॉफी व 'योग ज्योत्स्ना' का विमोचन उपमुख्यमंत्री द्वारा*
*योग जनजागरण में उदयपुर ने रचा इतिहास,*
*उपमुख्यमंत्री ने सराहा महाविद्यालय का प्रयास*
उदयपुर। मदन मोहन मालवीय राजकीय आयुर्वेद महाविद्यालय एवं राजकीय योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा महाविद्यालय, उदयपुर द्वारा 12 वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित विशेष समारोह में विश्व कीर्तिमान की ट्रॉफी एवं प्रमाण-पत्र का औपचारिक वितरण तथा स्नातकोत्तर विद्यार्थियों द्वारा लिखित ‘योग ज्योत्स्ना’ पत्रिका का विमोचन किया गया।
मदन मोहन मालवीय राजकीय आयुर्वेद महाविद्यालय के सुश्रुत सभागार में कार्यक्रम का प्रारंभ धन्वंतरि भगवान के दीप प्रज्वलन एवं वंदे मातरम् गान से हुआ।
*उपमुख्यमंत्री ने प्राचार्य प्रो. अशोक कुमार शर्मा को विश्व कीर्तिमान ट्रॉफी एवं प्रमाण-पत्र प्रदान कर किया सम्मानित*
12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित भव्य समारोह में राजस्थान के उपमुख्यमंत्री एवं आयुष मंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने मदन मोहन मालवीय राजकीय आयुर्वेद महाविद्यालय एवं राजकीय योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा महाविद्यालय, उदयपुर द्वारा स्थापित विश्व कीर्तिमान के उपलक्ष्य में महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. अशोक कुमार शर्मा एवं टीम को विश्व कीर्तिमान की ट्रॉफी एवं आधिकारिक प्रमाण-पत्र प्रदान कर महाविद्यालय को सम्मानित किया।
इस अवसर पर राजस्थान सरकार के उपमुख्यमंत्री एवं आयुष मंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने अपने उद्बोधन में महाविद्यालय परिवार को विश्व कीर्तिमान स्थापित करने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय ने 100 दिवसीय कार्ययोजना के अंतर्गत 16 अप्रैल से 15 मई तक 33,628 नागरिकों को योगाभ्यास कराकर विश्व कीर्तिमान स्थापित किया है, जो केवल संस्था ही नहीं बल्कि सम्पूर्ण आयुष विभाग के लिए गौरव का विषय है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में योग वैश्विक जनआंदोलन बन चुका है तथा युवाओं को योग से जोड़ने के प्रयासों को नई दिशा मिली है। महाविद्यालय द्वारा विद्यालयों, महाविद्यालयों एवं विभिन्न संस्थानों में चलाया गया योग जागरूकता अभियान समाज में स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने वाला अनुकरणीय प्रयास है।
डॉ. बैरवा ने महाविद्यालय द्वारा आयोजित योग जागरूकता रैली, पोस्टर प्रतियोगिता, योग संगोष्ठी एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं में योग के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करेंगे। उन्होंने प्रो किशोरी लाल शर्मा द्वारा सम्पादित एवं स्नातकोत्तर विद्यार्थियों के शोध लेखों द्वारा लिखित ‘योग ज्योत्स्ना’ पत्रिका को शोध एवं शैक्षणिक गतिविधियों की उत्कृष्ट पहल बताया।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए महाविद्यालय में 13 नवीन कक्षा-कक्षों एवं 6 राजकीय आवासों का निर्माण कराया जा रहा है, जिससे शिक्षण व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आयुष चिकित्सा पद्धतियों के विकास एवं विस्तार के लिए निरंतर कार्य कर रही है तथा नेशनल आयुष मिशन सहित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाए जा रहे हैं।
*आम के पौधे का पौधारोपण*
*आयुर्वेद का आधार औषधीय वनस्पतियाँ*
उपमुख्यमंत्री एवं आयुष मंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने आम के पौधे का पौधारोपण कर राज्य सरकार की 'हरियालो राजस्थान' मुहिम को जन-आंदोलन बनाने का आह्वान किया। उन्होंने वर्षा ऋतु को वृक्षारोपण के लिए सर्वाधिक उपयुक्त समय बताते हुए सभी नागरिकों, विद्यार्थियों एवं आयुष संस्थानों से अधिकाधिक पौधे लगाने तथा उनके संरक्षण का संकल्प लेने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद का आधार औषधीय वनस्पतियाँ एवं पेड़-पौधे हैं, इसलिए इनके संरक्षण और संवर्धन के बिना आयुर्वेद की समृद्ध परंपरा को आगे बढ़ाना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ समाज और स्वच्छ पर्यावरण एक-दूसरे के पूरक हैं तथा पर्यावरण संरक्षण के माध्यम से ही आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वस्थ और सुरक्षित भविष्य का निर्माण किया जा सकता है।
सांसद डॉ मन्नालाल रावत ने विश्व कीर्तिमान स्थापना, ‘योग ज्योत्स्ना’ पत्रिका के प्रकाशन तथा महाविद्यालय की उपलब्धियों पर समस्त महाविद्यालय परिवार को बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं।
शहर विधायक ताराचंद जैन ने अपने उद्बोधन में कहा कि योग एवं आयुर्वेद रोग व स्वास्थ्य संरक्षण का माध्यम ही नहीं, बल्कि जीवन को संतुलित, अनुशासित तथा मूल्यनिष्ट बनाने की जीवनशैली हैं।
ये वर्तमान समय की स्वास्थ्य चुनौतियों का प्रभावी समाधान प्रदान करती हैं।
प्रो किशोरी लाल शर्मा ने कहा कि वर्तमान समय में योग केवल शारीरिक व्यायाम तक सीमित नहीं है, बल्कि यह स्वास्थ्य संरक्षण, रोग निवारण और जीवनशैली प्रबंधन का वैज्ञानिक आधार बन चुका है। ऐसे समय में 'योग ज्योत्स्ना' पुस्तक योग के सिद्धांत, व्यवहार, अनुसंधान एवं आधुनिक वैज्ञानिक दृष्टिकोण का समन्वित प्रस्तुतीकरण करती है। इसमें योग के विविध आयामों, स्वास्थ्य संवर्धन, रोगों की रोकथाम, शोध निष्कर्षों तथा व्यावहारिक अनुभवों पर आधारित लेखों का समावेश किया गया है, जो पाठकों के ज्ञान को समृद्ध करेंगे।
यह पुस्तक विशेष रूप से स्नातक एवं स्नातकोत्तर विद्यार्थियों, पीएचडी शोधार्थियों, शिक्षकों, आयुर्वेद एवं योग चिकित्सकों तथा योग प्रशिक्षकों के लिए अध्ययन, अध्यापन और अनुसंधान में अत्यंत सहायक होगी।
प्रो शर्मा ने कहा कि 'योग ज्योत्स्ना' का उद्देश्य योग के प्राचीन ज्ञान को आधुनिक वैज्ञानिक प्रमाणों के साथ प्रस्तुत कर नई पीढ़ी को शोध एवं नवाचार के लिए प्रेरित करना है। यह पुस्तक योग शिक्षा एवं अनुसंधान को नई दिशा देने के साथ-साथ समाज में योग के वैज्ञानिक स्वरूप को स्थापित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. अशोक कुमार शर्मा ने उपमुख्यमंत्री एवं आयुष मंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा, उदयपुर सांसद डॉ. मन्नालाल रावत, विधायक ताराचंद जैन सहित सभी विशिष्ट अतिथियों, जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, आचार्यों, चिकित्सकों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों एवं उपस्थित नागरिकों का स्वागत एवं आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि विश्व कीर्तिमान की यह उपलब्धि महाविद्यालय परिवार के सामूहिक समर्पण, अनुशासन और सतत प्रयासों का परिणाम है तथा भविष्य में भी संस्था आयुर्वेद, योग, शिक्षा, शोध और जनस्वास्थ्य के क्षेत्र में इसी प्रकार नवाचार एवं जनकल्याणकारी गतिविधियों का संचालन करती रहेगी।
*उत्कृष्ट प्रशासनिक सेवाएं के लिए सहायक लेखाधिकारी संजय कुमार पानेरी भी हुए सम्मानित*
मदन मोहन मालवीय राजकीय आयुर्वेद महाविद्यालय, उदयपुर में आयोजित विश्व कीर्तिमान सम्मान समारोह के दौरान महाविद्यालय के सहायक लेखाधिकारी संजय कुमार पानेरी को उनकी उत्कृष्ट प्रशासनिक सेवाओं एवं समर्पित कार्यशैली के लिए विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
लगभग 80 प्रतिशत दिव्यांगता होने के बावजूद संजय कुमार पानेरी ने अपने अदम्य साहस, कर्तव्यनिष्ठा और कार्यकुशलता का परिचय देते हुए महाविद्यालय के प्रशासनिक एवं वित्तीय कार्यों का त्वरित, पारदर्शी एवं प्रभावी निष्पादन किया। उन्होंने विभिन्न शासकीय योजनाओं, वित्तीय प्रकरणों, निर्माण कार्यों, लेखा संबंधी प्रक्रियाओं तथा प्रशासनिक व्यवस्थाओं का समयबद्ध निस्तारण कर महाविद्यालय की कार्यप्रणाली को नई गति प्रदान की।
समारोह में उपस्थित अतिथियों ने उनके कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि शारीरिक चुनौतियाँ यदि दृढ़ इच्छाशक्ति के सामने हों, तो सफलता का मार्ग नहीं रोक सकतीं। संजय कुमार पानेरी ने अपनी कर्मनिष्ठा, सकारात्मक सोच और सेवा भाव से यह सिद्ध किया है कि समर्पण और आत्मविश्वास के बल पर हर कठिनाई को अवसर में बदला जा सकता है।
इस अवसर पर उन्हें प्रशस्ति-पत्र एवं स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया। महाविद्यालय परिवार ने उनके योगदान को संस्था के लिए प्रेरणास्रोत बताते हुए कहा कि उनका सेवाभाव सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए अनुकरणीय है। समारोह में उपस्थित सभी अतिथियों ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उनके कार्यों की मुक्तकंठ से प्रशंसा की।
कार्यक्रम का प्रभावशाली एवं ओजस्वी मंच संचालन क्रिया शारीर विभागाध्यक्ष प्रो. किशोरी लाल शर्मा ने किया। उन्होंने पूरे समारोह का कुशल संचालन करते हुए विभिन्न गतिविधियों एवं उपलब्धियों का प्रभावी प्रस्तुतीकरण किया, जिससे कार्यक्रम गरिमामय एवं सुव्यवस्थित रूप से संपन्न हुआ। अंत में राष्ट्रगान के साथ समारोह का विधिवत समापन हुआ।