19/08/2026
गोस्वामी तुलसीदास जयंती के उपलक्ष्य में हुआ विशिष्ट व्याख्यान का आयोजन
श्रावण शुक्ल सप्तमी, विक्रम संवत् - 2083
दिनांक - 19/08/2026, बुधवार
शासकीय संस्कृत महाविद्यालय, उज्जैन में प्राचार्य डॉ. सीमा शर्मा के मार्गदर्शन में गोस्वामी तुलसीदास जयंती के उपलक्ष्य में एक विशिष्ट व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य गोस्वामी तुलसीदास के साहित्य, दर्शन, भक्ति-भावना एवं भारतीय संस्कृति के प्रति उनके योगदान को विद्यार्थियों एवं आमजन तक पहुँचाना रहा। कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती एवं गोस्वामी तुलसीदास के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं माल्यार्पण से हुआ। तत्पश्चात् अतिथियों एवं वक्ता का स्वागत महाविद्यालय परिवार द्वारा किया गया। विशिष्ट व्याख्यान में मुख्य वक्ताके रूप में महाविद्यालय के वरिष्ठ आचार्य डॉ. सदानंद त्रिपाठी ने गोस्वामी तुलसीदास के व्यक्तित्व एवं कर्तृत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि तुलसीदास जी ने रामचरितमानस के माध्यम से भारतीय समाज में मर्यादा, लोकमंगल, भक्ति, नैतिकता एवं मानवीय मूल्यों को सुदृढ़ किया। उनके साहित्य में भारतीय संस्कृति और जीवन-दर्शन की व्यापक अभिव्यक्ति दिखाई देती है। वक्ता ने तुलसी साहित्य की वर्तमान समय में प्रासंगिकता पर भी विस्तार से चर्चा की। कार्यक्रम के अन्तर्गत विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए तुलसीदास जी के साहित्य एवं उनके विचारों से संबंधित विषयों पर अपने प्रश्न एवं जिज्ञासाएँ प्रस्तुत कीं। जिनका समाधान करते हुए मुख्य वक्ता के द्वारा तुलसी साहित्य के अध्ययन एवं अनुसंधान के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. सीमा शर्मा ने की। आयोजन में डॉ. जयकुमार तिलवानी ने गोस्वामी तुलसीदास कृत दोहों और चौपाईयों का गायन किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. श्रेयस कोरान्ने के द्वारा किया गया। डॉ. कंचन तिलवानी के द्वारा आभार व्यक्त किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय का सम्पूर्ण स्टॉफ और विद्यार्थियों की सक्रिय उपस्थिति रही।