04/01/2026
शकुनी बाबू को जन्मदिन की अशेष शुभकामनाएं
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आज शकुनी चौधरी Shakuni Chaudhary जी का 90वां जन्मदिन है। 15 वर्ष तक आर्मी की नौकरी कर राजनीति में आये शकुनी बाबू का राजनीतिक जीवन लगभग 30 वर्षों का रहा। 1985 में पहली बार निर्दलीय विधायक बनने से लेकर वे चाहे जिस भी दल में रहे, अपनी शर्तों पर रहे। तारापुर की जनता ने उनको अथाह स्नेह दिया, क्योंकि जनता के सुख-दुख में शकुनी बाबू सदैव खड़े रहते थे। संयोग से इस बार शकुनी बाबू के सुपुत्र और बिहार के यशस्वी उपमुख्यमंत्री सम्राट जी को तारापुर की जनता का आशीर्वाद मिला है।
शकुनी बाबू बिहार सरकार में मंत्री भी रहे, विधानसभा के उपाध्यक्ष बने। वर्ष 1998 में वह खगड़िया से समता पार्टी की टिकट पर सांसद भी बने। 'आर्मी बैकग्राउंड' होने की वजह से शकुनी बाबू का मिजाज हमेशा कड़क रहता था। हमारे इलाके में वे दबंगों के दबंग रहे। कई बार लालू जी और नीतीश जी को मुंह पर कड़वी बात बोल जाते थे। यही वजह रही कि शकुनी जी समता पार्टी/राजद में रहते हुए लोकसभा चुनाव के दौरान भितरघात के भी शिकार हुए, लेकिन अपनी जनता से शकुनी बाबू का लगाव ऐसा रहा कि तारापुर विधानसभा से उनका खूंटा टस-से-मस नहीं हुआ।
बिहार की राजनीति के धुरंधरों द्वारा शकुनी बाबू को मात देने के लिए 2009 में हुए परिसीमन के दौरान तारापुर क्षेत्र के स्वरूप को ही बदलवा दिया गया, तब जाकर 2010 के चुनाव में उनको तारापुर से हार मिली। वर्ष 2010 और 2015 में चुनावी हार मिलने के बाद शकुनी बाबू ने राजनीति से सन्यास ले लिया, लेकिन अंग्रेजी में एक कहावत है- 'लेबर नेवर गोज इन वेन' यानी मेहनत कभी बेकार नहीं जाती। शकुनी बाबू की मेहनत भी बेकार नहीं गयी। उन्होंने मेहनत से जो राह तैयार की थी, उसको अपने राजनीतिक कौशल से Samrat Choudhary जी ने नयी उंचाइयां प्रदान की है।
बिहार की राजनीति में शकुनी चौधरी जी समतामूलक राजनीति के अगुआ के तौर पर समता पार्टी के गठन और लव-कुश (कुर्मी-कोईरी) एकता की धुरी भी बने। एक समय तक वह बिहार के किसानों की समस्या के मुखर आवाज भी रहे। शकुनी बाबू सेहतमंद रहें, शतायु हों, मेरी यही कामना है। पुनः जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं।
- Dinesh kr.kushawha R.l.M
04/01/2026
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