07/05/2026
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उत्तराखंड में रहने वाले छोटे मोटर मालिक इस बार भी अपने ही राज्य की चारधाम यात्रा के लाभ से वंचित हैं, जिसका वे पूरे 6 महीने इंतजार करते हैं। हर बार यात्रा का अधिकतर लाभ बड़ी ट्रैवल एजेंसियों और बाहरी बड़े मोटर मालिकों को मिल जाता है।
ऊपर से आपदा की मार भी सबसे ज्यादा स्थानीय छोटे मोटर मालिक ही झेलते हैं। बाहरी संपर्क और बड़ी बुकिंग न होने के कारण इन्हें पर्याप्त यात्रियों की बुकिंग नहीं मिल पाती। ये लोग केवल उत्तराखंड की चारधाम यात्रा के भरोसे रहते हैं और उसी से अपने परिवार का पालन-पोषण तथा गाड़ियों की किस्तें भरते हैं।
उत्तराखंड सरकार को स्थानीय छोटे मोटर मालिकों और स्वरोजगार से जुड़े लोगों के हितों के बारे में गंभीरता से सोचना चाहिए, ताकि चारधाम यात्रा का लाभ सबसे पहले उत्तराखंड के स्थानीय लोगों को मिल सके।
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