22/09/2024
वर्ल्ड मिशन सोसाइटी चर्च ऑफ गॉड स्थानीय समुदायों में पर्यावरण संरक्षण में अग्रणी है
महाराष्ट्र के बोईसर में नवापुर रोड संजय नगर और अवध नगर के आसपास साफ-सफाई गतिविधियों का संचालन किया गया!
22 सप्टेमबंर 2024 को, रविवार सुबह 9 बजे से दुपहर 1 बजे तक! चर्च ऑफ गॉड वर्ल्ड मिशन सोसाइटी के (प्रधान पादरी किम जू चिअल, के मार्ग दर्शन मे सफाई गतिविधियां चलाईं और पूरे क्षेत्र को स्वच्छ बना दिया। इस क्षेत्र में बहुत लोग आते-जाते हैं और काफी कचरा जमा हो जाता है। इसलिए, इस जगह की सफाई जरूरी है। बोईसर के चर्च के सदस्यों, उनके परिवारों और पड़ोसियों सहित 230 से अधिक स्वयंसेवकों ने नवापुर रोड से लेकर ओस्तवाल क्षेत्र तक लगभग 3 किलोमीटर की दूरी की सफाई की।
चर्च ऑफ गॉड के एक अधिकारी श्री संदीप जोरे. सहाब ने कहा, “हमने इस सफाई अभियान की योजना बनाई ताकि उस पृथ्वी को जिसे परमेश्वर ने बनाया और मानवजाति को रहने के लिए दिया, साफ और सुरक्षित रखा जा सके और हमारे पड़ोसी स्वस्थ जीवन जी सकें। हम उम्मीद करते हैं कि यह सफाई अभियान न केवल हमारे क्षेत्र को साफ करे, बल्कि पर्यावरण के प्रति नागरिकों की जागरूकता को भी बदलने का एक अवसर बने।
इस दिन स्वयंसेवकों द्वारा एकत्र किए गए कचरे को देख कर जो 45 कचरा बैग भर गए।पालघर जिला उपाध्यक्ष श्री विश्वनाथ घरत, जि कहा जहा साफ सफाई होता है ईश्वर का निवास होता है आप लोग जो यह अभियान कर रहे हैं सच मे आप के मन मे ईश्वर है इसलिए यह सफाई अभियान आप कर रहे हैं आगे भविष्य मे आप के जो भी मुज से बन पडता मे आप को मदद करूगा!
उनकी स्वैच्छिक सफाई का स्वागत करते हुए, सरावली ग्राम पंचायत कार्यालय ने सफाई उपकरणों का दान किया। जैसे कि पालघर जिला के जैन समाज और सारे मेडिकल के हेड श्री दीपक जैन सर और भारतीय जनता पार्टी की बोइसर मंडल अध्यक्ष विरल पटेल मैडम और संजीवनी अस्पताल के चेर मेन श्री डॉ महेश भानुशाली और शिव शक्ति सामाजिक संघटना बोइसर उपाध्यक्ष, खैराफाटक ग्राम पंचायत सदस्य श्री नपेश संखे स्वयंसेवकों को प्रोत्साहित करने के लिए स्थल पर थे,!
अपना आभार व्यक्त करते हुए कहा, “समाज मे दिए का काम कर रहा है वर्ल्ड मिशन सोसाइटी चर्च ऑफ गॉड ये संस्था!
चर्च ऑफ गॉड के सदस्य दुनिया भर में लगातार और समर्पित रूप से पर्यावरण की सफाई कर रहे हैं। उन्होंने भारत में भी महाराष्ट्र के साथ-साथ, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और तेलंगाना आदि सहित प्रत्येक राज्य में शहरों, पार्कों, सड़कों और समुद्र तटों को साफ किया। स्वैच्छिक निःशुल्क रक्तदान के माध्यम से रक्त की कमी के कारण संकट में फंसे पड़ोसियों की मदद के लिए हर साल आयोजित होने वाला ‘फसह के प्रेम के द्वारा जीवन देने के लिए विश्व रक्तदान ड्राइव’ केवल इस वर्ष 21 बार आयोजित किया गया। उन्होंने स्नेह से स्थानीय समुदाय की देखभाल करने के लिए कार्य किया जैसे कि अनाथालयों और नर्सिंग होम जैसी सामाजिक कल्याण सुविधाओं का दौरा करके आपूर्ति दान करना और सफाई की सेवा करना, और पोलियो टीकाकरण के लिए स्वयंसेवा करना, आंधी-तूफान से क्षतिग्रस्त घरों की मरम्मत करना और ग्रामीण श्रमिकों की मदद करना आदि।
वैश्विक गांव की एकता के लिए चर्च ऑफ गॉड के सदस्यों के प्रयासों और स्वयंसेवा को कई देशों में सराहा जाता है। चर्च ऑफ गॉड को प्रत्येक देश में सरकारों और संस्थानों से 4,700 से अधिक पुरस्कार प्राप्त हुए हैं जिनमें संयुक्त राज्य अमेरिका के तीन सरकारों से राष्ट्रपति का स्वयंसेवा पुरस्कार, कोरिया की तीन सरकारों से राष्ट्रपति पुरस्कार, पेरू का ऑर्डर ऑफ मेरिट, ब्राजील में विधायी योग्यता पदक शामिल हैं। भारत में भी महाराष्ट्र के सामाजिक न्याय और विशेष सहायता मंत्री, छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री, और मुंबई, अहमदनगर और वसई-विरार के महापौरों ने चर्च ऑफ गॉड को उपलब्धि पुरस्कार और प्रशंसा प्रमाण पत्र प्रदान किए।
चर्च ऑफ गॉड की शुरुआत 1964 में कोरिया में हुई और इस वर्ष वह अपनी 60वीं वर्षगांठ मना रहा है। भारत सहित 175 देशों के 7800 क्षेत्रों में 37 लाख विश्वासी हैं जो बाइबल के अनुसार ‘पिता परमेश्वर’ और ‘माता परमेश्वर’ पर विश्वास करते हैं। वे प्रथम चर्च ऑफ गॉड की तरह, जिसमें 2,000 वर्ष पहले यीशु मसीह, पतरस, यूहन्ना और पौलुस जैसे प्रेरित भाग लेते थे, नई वाचा के फसह सहित, तीन बार में सात पर्व के साथ सब्त मनाते हैं। परमेश्वर की शिक्षा, “अपने पड़ोसी से अपने समान प्रेम रखो,” के अनुसार सदस्यों ने 29,000 बार सामाजिक योगदान गतिविधियों को अंजाम दिया है।