MLM Network Marketing Company

MLM Network Marketing Company Providing good and the great platform for bright and beautiful career as time_machine of fast income_source by the latest social media group., okay & tested.

मार्को रूबियो भारत आते है और दिल्ली जाने की जगह सीधे कोलकाता में उतरते है, इसके बाद ये मदर टेरेसा की मिशनरी संस्था में घ...
25/05/2026

मार्को रूबियो भारत आते है और दिल्ली जाने की जगह सीधे कोलकाता में उतरते है, इसके बाद ये मदर टेरेसा की मिशनरी संस्था में घुसकर उनके पदाधिकारियों से कमरे के भीतर मुलाकात करते है

जिसके बाद ये दिल्ली जाते है,

ये सामान्य यात्रा बिल्कुल नहीं थी, ये अमेरिका का वहीं पुराना ढर्रा है जहां भारत को ब्लैकमेल करने का प्रयास हो रहा है

वरना जिस संस्था के विदेशी फंडिंग पर रोक लगी हो, जिनके लोगो पर गंभीर अपराध लगे हो, उनसे मिलना वो भी एक अमेरिकी विदेश मंत्री का साधारण नहीं हो सकता

इससे पहले नॉर्वे में पत्रकार वाला इंसीडेंट केवल इत्तेफाक नहीं हो सकता, अमेरिकन CIA इस तरह के हथकंडे अपनाती रही है दूसरे देश के सरकारों को कंट्रोल करने के लिए

इसका कारण बहुत हद तक तेल ही है, दरअसल इस समय भारत 40 से ज्यादा देशों से तेल खरीद रहा है जिस कारण हमें तेल संकट पर उतना फर्क नहीं पड़ा, पर क्योंकि हम दुनिया में सबसे ज्यादा तेल खरीदने वाले देशों में से है तो अमेरिका चाहता है कि हम तेल उसके कंट्रोल वाले देशों से खरीदे

इसका कारण पेट्रोडॉलर को बचाना है और नई करेंसी को आने से रोकना है

ये अभी ज्यादा बड़ा लग रहा है लेकिन इस तेल क्लेश की शुरुआत बहुत पहले से हो गई थी जब अमेरिका ने क्वाड की स्थापना की थी, ये चीन से युद्ध के लिए नहीं था, बल्कि चीन के व्यापारिक जहाजों को कंट्रोल करने के लिए था, कुछ ऐसा ही इन्होंने द्वितीय विश्वयुद्ध में जापान के साथ किया था

जब इनके सभी व्यापारिक जहाजों को खत्म कर जापान में घेर लिया था

लेकिन भारत चीन से क्लेश नहीं बढ़ाना चाहता था दूसरे देशों के फायदों के लिए, इसलिए क्वाड की अहमियत खत्म हो गई

अमेरिका ने बहुत नाक घिसे पर भारत तैयार नहीं हुआ, अमेरिका ने लद्दाख में घुसपैठ का प्रोपेगैंडा भी फैलाया, चीन से युद्ध का डर भी दिखाया लेकिन भारत ने फिर भी अमेरिका को घास नहीं डाला

जिसके बाद यूक्रेन वॉर हुआ, उसमें भी भारत ने कोई सहयोग नहीं दिया, जापान बिलियन डॉलर इन्वेस्ट का लालच लेकर आया था लेकिन फिर भी बात नहीं बनी

तो अब अमेरिका ब्लैकमेल और धमकियों पर उतर चुका है

हालांकि ये उनकी मजबूरी थी क्योंकि अमेरिका चाइना का विजन समझ चुका था, अमेरिका भले दक्षिण चीन सागर में फेल हो गया पर चीन नहीं हुआ, उसने साइलेंटली ईरान को परमाणु से लैस करने का प्रयास किया, ताकि अरब में पेट्रो डील को खत्म किया जा सके

अमेरिका ने भले युद्ध करके इस डाउनफॉल को कुछ समय के लिए रोक दिया हो, लेकिन अरब से अमेरिका नामक विश्वाश खत्म हो चुका है, हालांकि अब अमेरिका किसी को विश्वास में लाना भी नहीं चाहता

अब अमेरिका ओपेक को कमजोर कर रहा, और UAE का उनसे अलग होना बताता है कि तेल की सुरक्षा की जिम्मेदारी अब अमेरिका अपने कंधों पर लेने वाला है

चीन को सबसे बड़ा फायदा यह है कि चीन को बस देखते रहना है क्योंकि अमेरिका का गिरना तय है, चाहे वे कितना भी जतन करे

तो फिर भारत किस चीज की चिंता कर रहा है, वो अमेरिका की दादागिरी का जवाब क्यों नहीं देता? जब वो इतने खराब सिचुएशन में है?

दरअसल भारत भी चाहता है कि अमेरिका कुछ ऐसा करे, अमेरिका चीन के विस्तार को कंट्रोल करे, चीन जो इतनी तेजी से नई महाशक्ति बन रहा है, अमेरिका अपनी साख बचाने के ही नाम पर, पर कुछ करे जो उनके विस्तार पर कुछ समय के लिए डिले हो

भारत बिल्कुल नहीं चाहेगा कि एक सुपरपावर की जगह फिर कोई दूसरा सुपरपावर आ जाए और दुनिया को कंट्रोल करने लग जाए

इस समय सबसे मजबूत करेंसी युआन डॉलर के विकल्प के रूप में देखी जा रही है लेकिन भारत नहीं चाहता कि युआन वैश्विक मुद्रा बने

हालांकि भारत ये भी जानता है कि वो अभी तैयार नहीं है, इसलिए बस दोनों के बीच सामंजस्य बना रहा है, भारत अमेरिका से सीधे पंगा लिए बिना बस उसे प्रोत्साहित कर रहा है और अपने लिए टाइम मांग रहा है

क्या आपको पता है"?...कि हम भारतीय एक खतरनाक साजिश का शिकार हो चुके हैं"" और वह साजिश है हमारे संयुक्त परिवारों को तोड़कर...
14/05/2026

क्या आपको पता है"?...कि हम भारतीय एक खतरनाक साजिश का शिकार हो चुके हैं"" और वह साजिश है हमारे संयुक्त परिवारों को तोड़कर उन्हें उपभोक्ता बनाने की..???

जब परिवार टूटते हैं, तभी बाजार फलते फूलते हैं— ये सिर्फ विचार नहीं, पूरी रणनीति है ....

भारत की सबसे मजबूत चीज क्या थी..???
भारत पर मुगल आए, अंग्रेज़ आए, और कई हमलावर आए लेकिन एक चीज कभी नहीं टूटी, वो थी एकता....??

3 पीढ़ियाँ एक छत के नीचे रहती थी बुज़ुर्गों का अनुभव बच्चों में संस्कार खर्च में सामूहिकता और त्यौहारों में गर्माहट हुआ करती थी...

यह हमारी असली “Social Security” थी। कोई पेंशन की ज़रूरत नहीं थी, कोई अकेलापन नहीं, कोई Mental Health Crisis नहीं।

पश्चिमी देशों को यह चीज खटकने लगी और उन्होंने परिवारों को तोड़ने के लिए प्रयास करना शुरू कर दिया..???

क्योंकि पश्चिमी देश हमेशा से ही उपनिवेशवादी रहे हैं — उनके लिए बाज़ार सबसे बड़ा धर्म है??

लेकिन भारत जैसा देश, जहाँ लोग साझा करते हैं, कम खर्च करते हैं, और सामूहिक सोच रखते हैं — वहां वे अपने उत्पाद बेच ही नहीं पा रहे थे।

इसलिए एक शातिर रणनीति बनाई गई...???

इनके परिवार ही तोड़ दो, हर कोई अकेला हो जाएगा,और हर कोई ग्राहक बन जाएगा।

कैसे हुआ ये हमला..???

1.मीडिया का सहारा लेकर संयुक्त परिवारों को तोड़ने की शुरुआत...
संयुक्त परिवार को “झगड़ों का अड्डा”, “बोझ” और “रुकावट” के रूप में दिखाया गया।
न्यूक्लियर परिवार को “फ्रीडम”, “मॉर्डन”, “Self-made” बताकर ग्लैमराइज किया गया।
याद कीजिए: टीवी पर आज भी कितने ही शो हैं जहां पूरे दिन बहू-सास की लड़ाई, नन्द भाभी की लड़ाई, देवरानी जिठानी की लड़ाई पूरे दिन दिखाई जाती है, और हमारे/आपके परिवार की घरेलू औरतें पूरे दिन यही धारावाहिकों को देखती है और इनका निष्कर्ष/सॉल्यूशन निकलता है – “अलग हो जाओ!”
2. उपभोक्तावाद के ज़रिए...
जब हर जोड़ा अलग रहने लगा...
पश्चिमी देशों अपनी चाल में कामयाब हुए और हमारे परिवार विखर का उनका बाजार बन गए
पहले 1 परिवार में चार भाई रहते थे, अब एक परिवार सिर्फ चार लोग (पति-पत्नी, और 2 बच्चे)
पहले 4 भाईयों के बीच 1 टीवी, अब 4 भाईयों के बीच 4 टीवी
पहले 4 भाईयों के बीच 1 रसोई, अब 4 भाईयों के बीच 4 किचन सेट
पहले 4 भाईयों के बीच 1 कार और 1 मोटरसाइकिल, अब 4 भाईयों के बीच 4 कार, 4स्कूटी और 4 मोटरसाइकिल।
बाजार में बूम आ गया – और समाज में टूटन।
भारत में क्या हुआ इस “सोचलेवा हमले” के बाद?

सामाजिक पतन...???
बुज़ुर्ग अब बोझ हैं
बच्चे अकेले हैं (और स्क्रीन में गुम)
रिश्तेदार “उपलब्ध नहीं” हैं
संस्कारों की जगह “Influencers” ने ले ली
मानसिक स्वास्थ्य संकट...???
पहले जो बात नानी-दादी से होती थी, अब काउंसलर से होती है...
अकेलापन अब इलाज़ मांगता है, पहले प्यार से दूर होता था
बाजार का फायदे...????
हर समस्या का एक उत्पाद
हर भावना का एक ऐप
हर उत्सव का एक“ *ऑनलाइन ऑर्डर”
“संस्कार की जगह सब्सक्रिप्शन ने ले ली है”
आज का सवाल — हम क्या बनते जा रहे हैं?
हमने “आधुनिकता” की दौड़ में...???
संयुक्तता को “Old culture” कहा...
माता-पिता को “Obstacles” कहा...
परिवार को “फालतू भावना” कहा...
रिश्तों को “Unfollow” कर दिया...
लेकिन क्या आपने सोचा..???
Amazon का फायदा तभी है जब आप Diwali पर अकेले हों — और Shopping करें, परिवार के साथ न बैठें।
Zomato तभी कमाता है जब कोई माँ का खाना नहीं खा रहा।
Netflix तभी देखेगा जब कोई दादी की कहानी नहीं सुन रहा।
समाधान: हम अभी भी वापसी कर सकते हैं???
संयुक्त परिवार को पुनः “संपत्ति” मानें, बोझ नहीं।
बच्चों को उपभोक्ता नहीं, संस्कारी इंसान बनाएं।
बुज़ुर्गों को घर से बाहर न करें — उनके अनुभव हर Google Search से ऊपर हैं।
त्यौहार मनाएं, सामान नहीं।
अकेलापन कम करने के लिए App नहीं, अपनापन बढ़ाइए।
निष्कर्ष :--
“पश्चिम ने व्यापार के लिए परिवार तोड़े,और हम ‘आधुनिक’ बनने के लिए अपना वजूद बेच आए।”
अब समय है रुकने का, सोचने का, और अपने संस्कारों को फिर से अपनाने का — नहीं तो अगली पीढ़ी को ‘संयुक्त परिवार’ शब्द का अर्थ बताने के लिए भी शायद Google की जरूरत पड़ेगी l
क्या आपको नहीं लगता कि हम ज़िन्दगी की सुख सुविधाओं के लिए अपने परिवारिक माहौल के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं हम अपनी असल जिंदगी खोते जा रहे हैं,हम स्वार्थी हो रहे हैं एक बार अपना 30 बर्ष पुराना जीवन याद करके देख लो, जहां सिर्फ भाईचारा था इमोशन था कोई सोसाइड नहीं करता था, सहयोग की भावना थी, संस्कार ऐसे कि गांव के हर आदमी को पिता जितना सम्मान दिया जाता था किन्तु आज तो पिता ही "यार पापा" हो गए , और आज यही संस्कार हमारी आधुनिकता को दर्शाती है और हमें घिन आती है ऐसी आधुनिकता पर, कृपया एक बार विचार अवश्य करें।.....
सोचिएगा जरूर🤔

 .
14/05/2026

.

With OpenAI – I just got recognized as one of their top fans! 🎉
13/05/2026

With OpenAI – I just got recognized as one of their top fans! 🎉

13/05/2026

11/05/2026

I got over 50 reactions on my posts last week! Thanks everyone for your support! 🎉

04/05/2026

4 May Anty Hindu Mamta Bano To Gayi, Ab Anty Hindu Tonty Chor Tipu Ki Baari Hai

09/12/2025

101 Run Se
Bharat Ki Jeet
1st. T-2O

Address

Madhubani

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when MLM Network Marketing Company posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Contact The Organization

Send a message to MLM Network Marketing Company:

Share