Mahadev Aajana Choudhary

Mahadev Aajana Choudhary Contact information, map and directions, contact form, opening hours, services, ratings, photos, videos and announcements from Mahadev Aajana Choudhary, Sanchor.

"जीवेत शरद: शतम्"सांचौर के लोकप्रिय नेता, जनता की बुलंद आवाज, किसान केसरी, पूर्व विधायक श्री जीवाराम जी चौधरी को जन्मदिव...
01/12/2023

"जीवेत शरद: शतम्"
सांचौर के लोकप्रिय नेता, जनता की बुलंद आवाज, किसान केसरी, पूर्व विधायक श्री जीवाराम जी चौधरी को जन्मदिवस की हार्दिक बधाई एव शुभकामनाएं।
#सांचौर
#स्वाभिमान_अमर_रहें।
जीवाराम चौधरी सांचोर

https://www.youtube.com/live/f_S4zHFeVeY
09/09/2023

https://www.youtube.com/live/f_S4zHFeVeY

🔴लाइव - भाजपा परिवर्तन संकल्प यात्रा,सांचौर || दाना राम चौधरी

06/09/2023

🪷 भारतीय जनता पार्टी, राजस्थान🪷
#परिवर्तन_संकल्प_यात्रा की विधानसभा क्षेत्र #सांचौर में आयोजित होने वाली विशाल आमसभा का आयोजन
दिनांक 9 सितम्बर, 2023 शनिवार शाम 04:00 बजे डाक बंगला, पुलिस थाना के पास, सांचौर में होने जा रहे हैं।
इस आम सभा में आप सभी की उपस्थिति सादर प्रार्थनीय है।

मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि आप ज्यादा से ज्यादा संख्या में पधारकर आमसभा को सफल बनावें।

#राजस्थान_में_होगा_परिवर्तन
#परिवर्तन_संकल्प_यात्रा #राजस्थान_चाहे_परिवर्तन
िर_से_कमल_खिलाएंगें
Bharatiya Janata Party (BJP) Rajnath Singh Amit Shah J.P.Nadda BJP Rajasthan CP Joshi Gajendra Singh Shekhawat Arjun Ram Meghwal Rajendra Gehlot Chandrashekhar Vasundhara Raje Rajendra Rathore Bhajanlal Sharma Kailash Choudhary Jagveer Chhaba Devji Patel Mahant Pratap Puri Bjp4Jalore

23/07/2023

*लेख बड़ा हैं लेकिन मणिपुर समस्या की जड़ें जानने की इच्छा है तो ज़रूर पढ़ें👇

वो लोग जो मणिपुर का रास्ता नहीं जानते। पूर्वोत्तर के राज्यों की राजधानी शायद जानते हो
लेकिन कोई दूसरे शहर का नाम तक नहीं बता सकते उनके ज्ञान वर्धन के लिए बता दूं

*मणिपुर समस्या: एक इतिहास*

जब अंग्रेज भारत आए तो उन्होंने पूर्वोत्तर की ओर भी कदम बढ़ाए जहाँ उनको चाय के साथ तेल मिला। उनको इस पर डाका डालना था।
उन्होंने वहां पाया कि यहाँ के लोग बहुत सीधे सरल हैं और ये लोग वैष्णव सनातनी हैं।
परन्तु जंगल और पहाड़ों में रहने वाले ये लोग पूरे देश के अन्य भाग से अलग हैं तथा इन सीधे सादे लोगों के पास बहुमूल्य सम्पदा है।

अतः अंग्रेज़ों ने सबसे पहले यहाँ के लोगों को देश के अन्य भूभाग से पूरी तरह काटने को सोचा। इसके लिए अंग्रेज लोग ले आए इनर परमिट और आउटर परमिट की व्यवस्था।
इसके अंतर्गत कोई भी इस इलाके में आने से पहले परमिट बनवाएगा और एक समय सीमा से आगे नहीं रह सकता।

परन्तु इसके उलट अंग्रेजों ने अपने भवन बनवाए और अंग्रेज अफसरों को रखा जो चाय की पत्ती उगाने और उसको बेचने का काम करते थे।

इसके साथ अंग्रेज़ों ने देखा कि इस इलाके में ईसाई नहीं हैं। अतः इन्होने ईसाई मिशनरी को उठा उठा के यहां भेजा। मिशनरीयों ने इस इलाके के लोगों का आसानी से धर्म परिवर्तित करने का काम शुरू किया।
जब खूब लोग ईसाई में परिवर्तित हो गए तो अंग्रेज इनको ईसाई राज्य बनाने का सपना दिखाने लगे।
साथ ही उनका आशय था कि पूर्वोत्तर से चीन, भारत तथा पूर्वी एशिया पर नजर बना के रखेंगे।

अंग्रेज़ों ने एक चाल और चली। उन्होंने धर्म परिवर्तित करके ईसाई बने लोगों को ST का दर्जा दिया तथा उनको कई सरकारी सुविधाएं दी।

धर्म परिवर्तित करने वालों को कुकी जनजाति और वैष्णव लोगों को मैती समाज कहा जाता है।

तब इतने अलग राज्य नहीं थे और बहुत सरे नागा लोग भी धर्म परिवर्तित करके ईसाई बन गए।
धीरे धीरे ईसाई पंथ को मानने वालों की संख्या वैष्णव लोगों से अधिक या बराबर हो गयी।
मूल लोग सदा अंग्रेजों से लड़ते रहे जिसके कारण अंग्रेज इस इलाके का भारत से विभाजन करने में नाकाम रहे।

परन्तु वो मैती हिंदुओं की संख्या कम करने और परिवर्तित लोगों को अधिक करने में कामयाब रहे।
मणिपुर के 90% भूभाग पर कुकी और नगा का कब्जा हो गया
जबकि 10% पर ही मैती रह गए।
अंग्रेजों ने इस इलाके में अफीम की खेती को भी बढ़ावा दिया और उस पर ईसाई कुकी लोगों को कब्जा करने दिया।

आज़ादी के बाद:

आज़ादी के समय वहां के राजा थे बोध चंद्र सिंह और उन्होंने भारत में विलय का निर्णय किया।
1949 में उन्होंने तात्कालीन प्रधानमंत्री को बोला कि मूल वैष्णव जो कि 10% भूभाग में रह गए है उनको ST का दर्जा दिया जाए।
मगर तात्कालीन प्रधानमन्त्रीने उनको यहाँ से जाने को कह दिया।
फिर 1950 में संविधान अस्तित्व में आया तो उस समय की केन्द्र सरकार ने मैती समाज को कोई भी छूट नहीं दिया।

1960 में उस समय की केन्द्र सरकार द्वारा लैंड रिफार्म एक्ट लाया जिसमे 90% भूभाग वाले कुकी और नगा ईसाईयों को ST में डाल दिया गया।

इस एक्ट में ये प्रावधान भी था जिसमे 90% कुकी - नगा वाले कहीं भी जा सकते हैं, रह सकते हैं और जमीन खरीद सकते हैं
परन्तु 10% के इलाके में रहने वाले मैती हिंदुओं को ये सब अधिकार नहीं था।

यहीं से मैती लोगों का दिल्ली से विरोध शुरू हो गया। उस समय के प्रधानमंत्री एक बार भी पूर्वोत्तर के हालत को ठीक करने करने नहीं गए।

उधर ब्रिटैन की MI6 और पाकिस्तान की ISI मिलकर कुकी और नगा को हथियार देने लगी
जिसका उपयोग वो भारत विरुद्ध तथा मैती वैष्णवों को भागने के लिए करते थे।

मैतियो ने उनका जम कर बिना दिल्ली के समर्थन के मुकाबला किया।
बदक़िस्मती ही कहिये कि सदा से इस इलाके में कम्युनिस्ट और ऐसी ही विचारधाराविचारधारा के लोगों की सरकार रही और वो कुकी तथा नगा ईसाईयों के भरपूर समर्थन में रहे।

चूँकि लड़ाई पूर्वोत्तर में ट्राइबल जनजातियों के अपने अस्तित्व की थी तो अलग अलग फ्रंट बनाकर सबने हथियार उठा लिया।
पूरा पूर्वोत्तर ISI के द्वारा एक लड़ाई का मैदान बना दिया गया। जिसके कारण Mizo जनजातियों में सशत्र विद्रोह शुरू हुआ।
बिन दिल्ली के समर्थन जनजातियों ने ISI समर्थित कुकी, नगा और म्यांमार से भारत में अनधिकृत रूप से आये चिन जनजातियों से लड़ाई करते रहे।

जानकारी के लिए बताते चलें कि उस समय की केन्द्र सरकार और कम्युनिस्ट ने मिशनरी के साथ मिलकर म्यांमार से आये इन चिन जनजातियों को मणिपुर के पहाड़ी इलाकों और जंगलों की नागरिकता देकर बसा दिया।

ये चिन लोग ISI के पाले कुकी तथा नगा ईसाईयों के समर्थक थे
तथा वैष्णव मैतियों से लड़ते थे।
पूर्वोत्तर का हाल ख़राब था जिसका पोलिटिकल सलूशन नहीं निकाला गया और एक दिन इन्दिरा गाँधी ने आदिवासी इलाकों में air strike का आर्डर दे दिया

जिसका आर्मी तथा वायुसेना ने विरोध किया परन्तु राजेश पायलट तथा सुरेश कलमाड़ी ने एयर स्ट्राइक किया
और अपने लोगों की जाने ली। इसके बाद विद्रोह और खूनी तथा सशत्र हो गया।

1971 में पाकिस्तान विभाजन और बांग्ला देश अस्तित्व आने से ISI के एक्शन को झटका लगा
परन्तु म्यांमार उसका एक खुला एरिया था। उसने म्यांमार के चिन लोगों का मणिपुर में एंट्री कराया
जिसका उस समय की सरकार के समर्थन मिलता रहा तथा उधर म्यांमार के अवैध चिन लोगों ने जंगलों में डेरा बनाया
और वहां ओपियम यानि अफीम की खेती शुरू कर दिया।
पूर्वोत्तर के राज्य मणिपुर, मिजोरम और नागालैंड दशकों तक कुकियों और चिन लोगों के अफीम की खेती तथा तस्करी का खुला खेल का मैदान बन गया।

मयंमार से ISI तथा MI6 ने इस अफीम की तस्करी के साथ हथियारों की तस्करी का एक पूरा इकॉनमी खड़ा कर दिया।

जिसके कारण पूर्वोत्तर के इन राज्यों की बड़ा जनसँख्या नशे की भी आदि हो गई। नशे के साथ हथियार उठाकर भारत के विरुद्ध युद्ध फलता फूलता रहा।

2014 के बाद की परिस्थिति:

वर्तमान केन्द्र सरकार ने एक्ट ईस्ट पालिसी के अंतर्गत पूर्वोत्तर पर ध्यान देना शुरू किया,
NSCN - तथा भारत सरकार के बीच हुए "नागा एकॉर्ड" के बाद हिंसा में कमी आई।
भारत की सेना पर आक्रमण बंद हुए।
भारत सरकार ने अभूतपूर्व विकास किया जिससे वहां के लोगों को दिल्ली के करीब आने का मौका मिला।
धीरे धीरे पूर्वोत्तर से हथियार आंदोलन समाप्त हुए। भारत के प्रति यहाँ के लोगों का दुराव कम हुआ।

रणनीति के अंतर्गत पूर्वोत्तर में हिंदू समर्थक पार्टी की सरकार आई। वहां से कम्युनिस्ट और ऐसी ही पार्टियों का लगभग समापन हुआ।
इसके कारण इन पार्टियों का एक प्रमुख धन का श्रोत जो कि अफीम तथा हथियारों की तस्करी था वो चला गया।

इसके कारण इन लोगों के लिए किसी भी तरह पूर्वोत्तर में हिंसा और अशांति फैलाना जरूरी हो गया था। जिसका ये लोग बहुत समय से इंतजार कर रहे थे।

हाल ही में दो घटनाए घटीं:

1. मणिपुर उच्च न्यायालय ने फैसला किया कि अब मैती जनजाति को ST का स्टेटस मिलेगा।
इसका परिणाम ये होगा कि प्रथम प्रधानमन्त्री के बनाए फार्मूला का अंत हो जाएगा जिससे मैती लोग भी 10% के सिकुड़े हुए भूभाग की जगह पर पूरे मणिपुर में कहीं भी रह, बस और जमीन ले सकेंगे।
ये कुकी और नगा को मंजूर नहीं।

2. मणिपुर के मुख्यमंत्री बिरेन सिंह ने कहा कि सरकार पहचान करके म्यांमार से आए अवैद्य चिन लोगों को बाहर निकलेगी
और अफीम की खेती को समाप्त करेगी। इसके कारण तस्करों का गैंग सदमे में आ गया।

इसके बाद ईसाई कुकियों और ईसाई नगाओं ने अपने दिल्ली बैठे आकाओं, कम्युनिस्ट लुटियन मीडिया को जागृत किया।
पहले इन लोगों ने अख़बारों और मैगजीन में गलत लेख लिखकर और उलटी जानकारी देकर शेष भारत के लोगों को बरगलाने का काम शुरू किया।

उसके बाद दिल्ली से सिग्नल मिलते ही ईसाई कुकियों और ईसाई नगाओं ने मैती वैष्णव लोगों पर हमला बोल दिया।

जिसका जवाब मैतियों दुगुना वेग से दिया और इन लोगों को बुरी तरह कुचल दिया

जो कि कुकी - नगा के साथ दिल्ली में बैठे इनके आकाओं के लिए भी unexpected था।
लात खाने के बाद ये लोग अदातानुसार विक्टम कार्ड खेलकर रोने लगे।

अभी भारत की मीडिया का एक वर्ग जो कम्युनिस्ट तथा एक अन्य पार्टी का प्रवक्ता है अब रोएगा

क्योंकि पूर्वतर में मिशनरी, अवैध घुसपैठियों और तस्करों के बिल में मणिपुर तथा केंद्र सरकार ने खौलता तेल डाल दिया है।

और जो मणिपुर मे हुआ है उसके गुनहगार कोई भी हो उसे जीवित रहने का अधिकारी नहीं
इस घटना ने पुरे हिंदुस्तान को शर्मसार कर के रख दिया....

I have reached 500 followers! Thank you for your continued support. I could not have done it without each of you. 🙏🤗🎉
30/06/2023

I have reached 500 followers! Thank you for your continued support. I could not have done it without each of you. 🙏🤗🎉

26/04/2023

👑 Behold the humble ways of Maharaj Arvind Kejriwal! In a true display of Aam Aadmi austerity, his palace, er, official residence, has been adorned with a mere ₹45 crore makeover. With regal ₹97 lakh curtains, precious Vietnamese marbles, and lavish ₹40 lakh almirahs, one can truly see the "common man" in every corner. May we continue to learn from his modest ways! 🙏

26/04/2023
29/03/2023

सर्वमंगल मांगल्ये शिवे सवार्थ साधिके।शरण्ये त्र्यंबके गौरी नारायणी नमोस्तुते।।

महाअष्टमी के पावन पर्व की सभी को अशेष शुभकामनाएं।

मां भवानी हम सभी पर सदैव अपनी कृपा-दृष्टि बनाए रखें।

Parliament in Triple Talak bill prospect see
23/02/2023

Parliament in Triple Talak bill prospect see

20/12/2022

Address

Sanchor

Telephone

+919571712121

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Mahadev Aajana Choudhary posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Contact The Organization

Send a message to Mahadev Aajana Choudhary:

Share