08/07/2025
हम सब इस धरती को माता कहते है। धरती मां हमे हमेशा अपनी गोदी में पालती है। पोषित करती है। हमारी सभी जरूरतें इसी धरती माता की गोद से पूरी होती है। लगातार लाखो वर्षो से धरती मां अपनी जिम्मेदारियों को निर्बाध रूप से निभाती आ रही है। हम धरती की संतानों ने जाने अंजाने में इस धरती मां को बहुत नुकसान पहुंचाया है। हमारी जिद्द की वजह से हमने जरूरतों से ज्यादा संसाधनों का उपभोग किया है। हम पिछले 100 सालों में व्यापक स्तर पर धरती को नुकसान पहुंचाते आ रहे है। हमने नदियों को प्रदूषित किया। हमने जंगलों को काटकर धरती के बदन को निर्वस्त्र किया। यही नहीं हजारों फिट गहरी खदानों से हमने धरती की छाती को चीरा है। यही सब हम आज भी लगातार करते जा रहे है और भविष्य में भी करते रहेंगे यही सोंच बनाएं हुए भी है। हमारे इसी स्वार्थ की वजह से धरती मां अपनी सांसों के लिए कतरा कतरा तरस रही है। फिर भी मां आखिर मां होती है अपने आखिरी सांस तक उफ तक नही करती है। बस अपनी संतान को खुश रखती है। अपनी जिम्मेदारी को पूरी ईमानदारी से निभाती है। परंतु क्या हम संतान के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभा पा रहे है? और नही तो क्या संतान की जिम्मेदारी अपनी मां के लिए कुछ नही होती है? क्या हम जो इस धरती से ले रहे है उसे कुछ हद तक वापस नहीं लौटा सकते है? अब समय आ गया की हम धरती मां को अपना पूर्वत यौवन लोटाएं। धरती के निर्वस्त्र बदन को ढक दें। ताकि धरती की सांसे फिर से चल सकें। धरती को मां मात्र कह देने से हम संतान का दर्जा प्राप्त नही कर सकते है। संतान की जिम्मेदारी भी निभानी होगी। हमे संकल्प लेना होगा की अपने पूरे जीवन काल में प्रति वर्ष एक पौधा लगाकर धरती के बदन को ढकने का प्रयास करूंगा । पौधा लगाने के बाद उसे बड़ा करने की जिम्मेदारी भी लेनी होगी। तभी हम इस धरती की संतान कहलाने का अधिकार हासिल कर पाएंगे। तो आईए संकल्प ले की "मैं धरती की संतान होने का गौरव प्राप्त करने के लिए प्रतिबद्ध रहूंगा।" राजस्थान के कोटा जिले की रामगंजमंडी तहसील के एक छोटे से गांव बुरनखेड़ी से हम 2 युवाओं ने #पौधा_घर की स्थापना कर 1 लाख पौधे तैयार करने का संकल्प लेकर अपनी जिम्मेदारी निभाने का प्रयास किया है। आइए आप और हम जुड़कर सामूहिक रूप से धरतीपुत्र होने का गौरव प्राप्त करें।आप हमे सहयोग के रूप में अपने घरों में खाने वाले फलों जैसे आम, चीकू, जामुन आदि के बीज, या अपने आंगन या खेत में उगे नीम, शीशम अन्य किसी भी प्रकार के पौधे के बीज भेजकर भी सहयोग कर सकते है। इसके लिए आप हमसे नीचे दिए गए नंबर पर संपर्क कर सकते हैं।
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आपका
Chaturbhuj Aheer
9461130446, 9875164530