Varanasi Mirror

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वाराणसी को समर्पित एक पेज, वाराणसी मिरर आपको वाराणसी के बारे में ताजा और अनूठी जानकारी लाता है। नवीनतम स्थानीय समाचारों से लेकर घूमने के स्थानों तक, पवित्र शहर के बारे में जानने के लिए यह आपका एकमात्र स्थान है।

हमारे साथ भारत की धार्मिक राजधानी की खोज करें और भीतर के रहस्यों को खोजने के लिए इसकी ऐतिहासिक सड़कों पर जाएँ। हमारे पेज में वह सब कुछ है जो आपको पर्यटकों के पसंदीदा शहर, वाराणसी और इसके सभी अद्भुत स्थानों, भोजन और संस्कृति के बारे में जानने की जरूरत है।

19/08/2026

🪔 काशी गंगा आरती 🪔

जहाँ दीपों की रोशनी में माँ गंगा का आशीर्वाद महसूस होता है…
जहाँ हर-हर महादेव के जयघोष से पूरा घाट गूंज उठता है। ❤️🙏

काशी सिर्फ देखी नहीं जाती… महसूस की जाती है।
हर हर महादेव 🔱 | हर हर गंगे 🌊

JSSC CGL: सिस्टम की गलती की सज़ा छात्रों को क्यों?अगर JSSC CGL परीक्षा में गड़बड़ी हुई है, पेपर लीक हुआ है या परीक्षा कर...
18/08/2026

JSSC CGL: सिस्टम की गलती की सज़ा छात्रों को क्यों?

अगर JSSC CGL परीक्षा में गड़बड़ी हुई है, पेपर लीक हुआ है या परीक्षा कराने वाली एजेंसी की व्यवस्था में भ्रष्टाचार था, तो इसकी जांच होनी चाहिए और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।

लेकिन एक सवाल छात्रों की तरफ से भी पूछा जाना चाहिए—

जिस छात्र ने मेहनत करके परीक्षा दी, चयनित हुआ, नियुक्ति पत्र पाया और सरकारी नौकरी ज्वाइन कर ली… उसका अपराध क्या है?

क्या हर चयनित उम्मीदवार ने पेपर खरीदा था?
क्या हर कर्मचारी ने नकल की थी?
क्या 1,975 के आसपास नियुक्त हुए सभी लोगों के खिलाफ व्यक्तिगत रूप से कोई सबूत है?

अगर किसी उम्मीदवार ने परीक्षा में धांधली की है, उसे चिन्हित करके नौकरी से निकालिए, कानूनी कार्रवाई कीजिए।

लेकिन अगर किसी उम्मीदवार के खिलाफ कोई व्यक्तिगत सबूत नहीं है, तो सिर्फ सिस्टम की गलती के कारण उसकी नौकरी छीन लेना कितना न्यायसंगत है?

किसी ने इस नौकरी के भरोसे लोन लिया होगा।
किसी के परिवार की जिम्मेदारी होगी।
किसी ने दूसरी नौकरी छोड़ी होगी।
किसी ने वर्षों की मेहनत के बाद यह मुकाम हासिल किया होगा।

भ्रष्ट सिस्टम की कीमत ईमानदार छात्र क्यों चुकाए?

अगर परीक्षा इतनी खराब तरीके से प्रभावित हुई है कि परिणाम पर भरोसा ही नहीं किया जा सकता, तो दोबारा परीक्षा कराइए।

लेकिन तब तक उन कर्मचारियों के साथ भी न्याय होना चाहिए जो बिना किसी सिद्ध अपराध के सरकारी नौकरी में आ चुके हैं।

व्यवस्था को दंडित कीजिए, दोषियों को दंडित कीजिए—लेकिन हर छात्र को दोषी मानकर उसकी जिंदगी बर्बाद मत कीजिए।

क्योंकि—

“सिस्टम की गलती की सज़ा उस छात्र को नहीं मिलनी चाहिए, जिसने सिस्टम के नियमों का पालन किया है।”

“-40 नंबर लाने वाला डॉक्टर बन गया!”ये लाइन आपने सोशल मीडिया पर जरूर देखी होगी। लेकिन क्या सच में ऐसा हुआ?आइए भावनाओं से ...
17/08/2026

“-40 नंबर लाने वाला डॉक्टर बन गया!”
ये लाइन आपने सोशल मीडिया पर जरूर देखी होगी। लेकिन क्या सच में ऐसा हुआ?

आइए भावनाओं से नहीं, तथ्यों से समझते हैं।

सबसे पहले एक बुनियादी बात—NEET-PG देने वाला व्यक्ति पहले से MBBS डॉक्टर होता है।
NEET-PG पास करके वह डॉक्टर नहीं बनता, बल्कि MD/MS/DNB जैसी PG specialization के लिए प्रवेश लेता है।

अब आते हैं उस चर्चित “-40” पर।

2025 में NEET-PG की qualifying percentile को घटाया गया:

🔹 General/EWS: 50th → 7th percentile (103/800)
🔹 General PwBD: 45th → 5th percentile (90/800)
🔹 SC/ST/OBC: 40th → 0 percentile (-40/800)

यानी हाँ—SC/ST/OBC के लिए qualifying threshold -40 तक गया था।

लेकिन यहीं सोशल मीडिया की कहानी और असली तथ्य अलग हो जाते हैं।

“-40 का मतलब PG seat मिलना नहीं था।”

यह केवल counselling के लिए qualifying eligibility थी। Seat पाने के लिए आगे counselling, merit/rank और available seat जरूरी थी।

और सबसे महत्वपूर्ण तथ्य:

👉 सरकार ने संसद में बताया कि -40 score वाले किसी candidate को All India Quota में PG seat allot नहीं हुई।

तो “-40 वाला डॉक्टर बन गया” कहना किस हद तक सही है?

नहीं।

हाँ, सरकार के इस फैसले पर सवाल जरूर पूछा जा सकता है:

Medical PG जैसी महत्वपूर्ण परीक्षा में qualifying cutoff को इतना नीचे क्यों लाया गया? क्या खाली सीटें भरना ही पर्याप्त कारण है?

इस policy पर बहस होनी चाहिए।
लेकिन बहस facts पर हो—viral forwards पर नहीं।

आरक्षण पर सवाल पूछिए, सरकार से सवाल पूछिए, policy पर सवाल पूछिए—लेकिन पहले पूरा तथ्य जानिए

अखिलेश यादव की कविता पर यूज़र का तंज—“पहले अली-अली, अब बजरंगबली याद आ रहे हैं!”सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने अपने फेसबुक अका...
16/08/2026

अखिलेश यादव की कविता पर यूज़र का तंज—“पहले अली-अली, अब बजरंगबली याद आ रहे हैं!”

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने अपने फेसबुक अकाउंट पर एक कविता पोस्ट की, जिसमें उन्होंने लिखा—

“राम जी से घाट का पैसा
धर्म-दान पात्र का पैसा
भाजपा के पाप का पैसा…”

और आगे भाजपा पर निशाना साधते हुए सवाल उठाए।

अखिलेश यादव की इस पोस्ट पर एक यूज़र ने तंज कसते हुए लिखा—
“छोड़ दिये इफ्तारी, भूल गए सलाम… जागते-सोते अब याद आ रहे हैं जय श्री राम।”

यूज़र ने आगे लिखा—
“ज़िंदगी भर किये अली-अली… जब फटी तो याद आ रहे हैं बजरंगबली।”

यानी अखिलेश यादव की कविता के जवाब में यूज़र ने उनके पुराने राजनीतिक बयानों और मौजूदा “जय श्री राम” वाले संदर्भ को लेकर निशाना साधा।

अब सोशल मीडिया पर सवाल यही है—
राजनीति में बदले हुए नारों को जनता किस नजर से देखती है?

🇮🇳 स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं! 🇮🇳आज का दिन सिर्फ आज़ादी का जश्न मनाने का नहीं, बल्कि उन वीरों को नमन करने का ...
15/08/2026

🇮🇳 स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं! 🇮🇳

आज का दिन सिर्फ आज़ादी का जश्न मनाने का नहीं, बल्कि उन वीरों को नमन करने का दिन है जिन्होंने देश की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया।

आइए, इस स्वतंत्रता दिवस पर हम संकल्प लें कि अपने देश की एकता, अखंडता और सम्मान को हमेशा सर्वोपरि रखेंगे।
देश की तरक्की में अपना योगदान देंगे और भारत को और मजबूत बनाएंगे।

🇮🇳 जय हिंद! जय भारत! 🇮🇳

#स्वतंत्रतादिवस

SC/ST अत्याचार पीड़ितों के मुआवजे में 40% तक बढ़ोतरी की तैयारी, ₹12 लाख तक मिल सकती है राहतकेंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ...
12/08/2026

SC/ST अत्याचार पीड़ितों के मुआवजे में 40% तक बढ़ोतरी की तैयारी, ₹12 लाख तक मिल सकती है राहत

केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार SC/ST अत्याचार निवारण कानून के तहत पीड़ितों को मिलने वाली आर्थिक सहायता बढ़ाने की तैयारी कर रही है।

प्रस्ताव के मुताबिक, मौजूदा ₹85,000 से ₹8.25 लाख तक की मुआवजा राशि बढ़कर ₹1 लाख से ₹12 लाख तक हो सकती है।

इसके अलावा SC/ST अत्याचार निवारण कानून को प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए राज्यों में विशेष पुलिस थाने और विशेष अदालतें स्थापित करने हेतु केंद्र की ओर से वित्तीय सहायता देने का भी प्रस्ताव है।

🔹 विशेष पुलिस थाने के लिए एकमुश्त ₹5 लाख की सहायता
🔹 विशेष अदालतों के लिए भी केंद्र से वित्तीय सहायता का प्रस्ताव
🔹 मुआवजे में बढ़ोतरी का आधार बढ़ता Consumer Price Index (CPI) बताया गया है

हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि यह अभी प्रस्ताव है, अंतिम निर्णय नहीं। प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद ही नई राशि लागू होगी।

केंद्र सरकार का यह कदम SC/ST समुदाय के खिलाफ अत्याचार के मामलों में पीड़ितों को आर्थिक राहत देने और कानून के प्रभावी क्रियान्वयन को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण हो सकता है।

आप इस प्रस्ताव को कैसे देखते हैं?

रोजगार की खबर में भी कमीशन दिखने लगे तो पत्रकारिता पर सवाल उठना लाजिमी है!प्रशांत किशोर ने 10 हजार युवाओं को निजी क्षेत्...
12/08/2026

रोजगार की खबर में भी कमीशन दिखने लगे तो पत्रकारिता पर सवाल उठना लाजिमी है!

प्रशांत किशोर ने 10 हजार युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार दिलाने में मदद करने की बात कही।

इस पर सवाल पूछना, योजना की व्यवहारिकता पर चर्चा करना या यह पूछना कि रोजगार कैसे दिलाया जाएगा—बिल्कुल जायज है।

लेकिन पत्रकार वेद प्रकाश जी ने सीधे इसे “कंपनी से कमीशन खाने” से जोड़ दिया।

यानी 10,000 युवाओं को रोजगार दिलाने की कोशिश में भी इन्हें सबसे पहले कमीशन दिखाई दे गया!

पत्रकारिता में सवाल पूछिए, आंकड़े मांगिए, योजना की कमियां बताइए—लेकिन बिना किसी प्रमाण के किसी के इरादे पर आरोप लगाना पत्रकारिता नहीं, पूर्वाग्रह हो सकता है।

विडंबना देखिए...

बेरोजगार युवा कह रहा है—
“हमें नौकरी चाहिए।”

और पत्रकार कह रहा है—
“कमीशन कौन खाएगा?” 😏

रोजगार का रास्ता खुलने की संभावना पर चर्चा करने के बजाय अगर हर पहल में भ्रष्टाचार खोज लिया जाए, तो फिर सवाल यह भी बनता है कि पत्रकार खबर दिखा रहा है या अपनी धारणा बेच रहा है?

आलोचना तथ्यों की होनी चाहिए, कल्पना की नहीं।

#रोजगार #बिहार #प्रशांतकिशोर #युवारोजगार #पत्रकारिता #मीडियाकटाक्ष

📜  क्या सच में आरक्षण सिर्फ 10 साल के लिए था? जानिए संविधान का सच!आरक्षण को लेकर अक्सर यह दावा किया जाता है कि यह केवल 1...
03/08/2026

📜 क्या सच में आरक्षण सिर्फ 10 साल के लिए था? जानिए संविधान का सच!

आरक्षण को लेकर अक्सर यह दावा किया जाता है कि यह केवल 10 वर्षों के लिए था। आइए जानते हैं संविधान में वास्तव में क्या लिखा है।

✅ 26 जनवरी 1950 – भारतीय संविधान लागू हुआ।
• SC/ST के लिए लोकसभा और विधानसभा में राजनीतिक आरक्षण (अनुच्छेद 330, 332)।
• अनुच्छेद 16(4) के तहत सरकारी नौकरियों में पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण का संवैधानिक आधार।

✅ 1951 – प्रथम संविधान संशोधन द्वारा अनुच्छेद 15(4) जोड़ा गया।
इससे राज्य को SC, ST और सामाजिक एवं शैक्षिक रूप से पिछड़े वर्गों के लिए शिक्षा में विशेष प्रावधान (आरक्षण सहित) करने का स्पष्ट अधिकार मिला।

✅ 1992 – इंद्रा साहनी (मंडल) मामले में सुप्रीम कोर्ट ने OBC आरक्षण को वैध माना और सामान्यतः 50% सीमा का सिद्धांत दिया।

✅ 1995–2005 – पदोन्नति और शिक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण संवैधानिक संशोधन किए गए।

✅ 2019 – 103वें संविधान संशोधन द्वारा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के लिए 10% आरक्षण लागू किया गया।

📌 महत्वपूर्ण तथ्य:
संविधान में शिक्षा और सरकारी नौकरियों में आरक्षण के लिए 10 वर्ष की कोई समय-सीमा नहीं दी गई थी।

10 वर्ष की सीमा केवल SC/ST के लिए लोकसभा और विधानसभा में राजनीतिक आरक्षण (अनुच्छेद 334) पर लागू थी, जिसे बाद में संसद ने कई बार बढ़ाया।

📖 किसी भी विषय पर राय बनाने से पहले संविधान और प्रमाणित तथ्यों को अवश्य जानें।

🇮🇳 पिछले 30 दिनों में भारत की बड़ी उपलब्धियां!अंतरिक्ष से लेकर विज्ञान, तकनीक, रेलवे और इंफ्रास्ट्रक्चर तक — भारत ने हाल...
21/07/2026

🇮🇳 पिछले 30 दिनों में भारत की बड़ी उपलब्धियां!

अंतरिक्ष से लेकर विज्ञान, तकनीक, रेलवे और इंफ्रास्ट्रक्चर तक — भारत ने हाल के दिनों में कई बड़ी उपलब्धियां अपने नाम की हैं। 🚀🏆

🥇 Physics Olympiad में 5 के 5 Gold
🥇 Chemistry Olympiad में 4 के 4 Gold
🚀 Vikram-1 का ऐतिहासिक Orbital Launch
🔐 Quantum Communication में DRDO की बड़ी सफलता
🚆 भारत की पहली स्वदेशी Hydrogen Train
🛣️ 63 KM Lucknow–Kanpur Expressway की शुरुआत
🛡️ Pinaka Long Range Guided Rocket System की बड़ी उपलब्धि

ये सिर्फ खबरें नहीं हैं — ये बदलते और आगे बढ़ते भारत की तस्वीर है। 🇮🇳

👉 एक-एक उपलब्धि जानने के लिए सभी स्लाइड्स Swipe करें।

❤️ इनमें से किस उपलब्धि पर आपको सबसे ज्यादा गर्व है?

कमेंट में जरूर बताइए।
📌 ऐसी ही सकारात्मक और महत्वपूर्ण खबरों के लिए Varanasi Mirror को Follow करें।

सच, जो दिखेगा।

#भारत #भारतकीउपलब्धियां िंद 🇮🇳

PM आवास के पास प्रदर्शन: राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अखिलेश यादव समेत कई विपक्षी नेता हिरासत मेंदिल्ली में मंगलवार को...
21/07/2026

PM आवास के पास प्रदर्शन: राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अखिलेश यादव समेत कई विपक्षी नेता हिरासत में

दिल्ली में मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास के पास प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और अखिलेश यादव समेत कई विपक्षी नेताओं को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया।

विपक्षी नेता NEET पेपर लीक मामले और छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और नेताओं के बीच खींचतान की स्थिति भी देखने को मिली।

📍 नई दिल्ली | 21 जुलाई 2026
आप इस घटनाक्रम को कैसे देखते हैं? अपनी राय कमेंट में बताएं।

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