Revolution for change/Er Satya Narayan Shah

Revolution for change/Er Satya Narayan Shah Mechanical Engineer, Social Activist
Dhanusha - NEPAL

07/07/2025

जनकपुरमा सकारात्मक तवरले रचनात्मक कार्य हुन किन गार्हो छ ? विद्वान मित्रहरूले यसको विश्लेषण गर्ने र समाधान सुझाउने बेला अझै आएको छैन त ?

Attending 4th International Procurement Conference 2024
20/09/2024

Attending 4th International Procurement Conference 2024

03/08/2024

हम सबकेओ आजुक दिन मे गुरुदेव कामतजीक निधन सँ मर्माहत छि | मिथिला मात्र नहि परंच सम्पूर्ण नेपालक एकटा महान संगीतकार / गायकक महाप्रस्थान सँ अपूरणीय क्षति भेल अछि | आउ हमसब इश्वर स हुनक आत्माक चिर शान्ति हेतु प्रार्थना करि | भावपूर्ण श्रधांजलि गुरुदेव कामत जी केँ !
हुनक निधन पश्चात, जनकपुरधाम मे विशेष वातावरण निर्मित भेल अछि, जे स्वभावीक सेहो बुझि पडैय, कारण एहन महान व्यक्तित्वक निधन सँ निश्चित रुपे सब केओ मर्माहत भेल छि | मुदा एहि संग एकटा प्रसंग सेहो जोडिके आबिरहल छै, माघ २६ गतेक गुरुदेवजीक एकल सांगीतिक प्रस्तुति आ वोहीस जुडल हुनकर मेहनताना सम्बन्ध मे |
हम मिथिला भाषा, साहित्य आ संस्कृति के एकटा छोटछीन अभियानी भेला कारणे, सदैव हमर आकान्छा रहल जे जनकपुरधाम मे मैत्रीपूर्ण वातवारण बनल रहैए जाहि सँ अपन भाषा, साहित्य आ संस्कृतिक विकास आ संरक्षण होइत रहैए | जौ एहि कार्यक्रमक बात छै त हमरा सेहो अपने सभक बीच किछु जानकारी रखबाक अपन नैतिक कर्तब्य बुझि रहल छि, आ लिख रहल छि |
बस्तुत: एहि कार्यक्रमक सूत्रधार हम छि | अपने सबके बुझल अछी जे जनकपुर मे श्री धर्मशाला द्वारा एकटा संगीत विद्यालय संचालन मे छल | आइ के दिन मे वो बन्द अछि | हमरा मन मे बहुत दिन स खटकैत छल आ ग्लानि सेहो महशुश होइत छल जे जनकपुर सन् ठाम पर कोनो शाश्त्रिय सांगीतिक विद्यालय संचालन मे नहि अछि | वोही संदर्भ मे करिब तिन बरीष पहिने गुरुदेवजी सँ फोन पर बहुत देर बात भेल छल वोही समय वो इटहरी छालाह | कोविड के कारण हुनका बहुत खति भेल रहैन्हि | काठमान्डौक घर पट्टि कोनो रियायत नहि कयने छलैन्हि, वोही कारण वो इटहरी मे संगीत बिद्यालय संचालनक तयारि मे छालाह | हम हुनका प्रस्ताव रखने रहिएन्हि जे जनकपुर मे संचालन कएल जाए, मुदा सम्पूर्ण व्यवस्था बात कचुकल छलाह तय जनकपुरक बात पर सहमत नहि भ सकलाह परन्तु जनकपुरम जौँ सब ब्यबस्था भ जाए त् पूर्ण सहयोगक प्रतिब्ध्धता व्यक्त कैएलन्हि | एहि सन्दर्भ मे श्री धर्म स्न्स्थाक पदाधिकारी लोकनि सँ सेहो छलफल भेलछल |
संगितक आधार साश्त्रीयता छैक | तयॅ हमरा मन मे इ भेल जे जनकपुर मे शाश्त्रिय संगीतक किछु कार्यक्रम आयोजन कैएल जाए जाहि सँ अनुकुल वातावरणक शृजना होइक | वोही कार्यक्रमक शुरुवात गुरुदेव कामताजीक संलग्नता मे होइक, कारण कामतजी हमरा सभक सम्पर्कक लोक छलाह | एहि उद्देश्य सँ एकटा प्रस्ताव तयार कयलहूँ | जे निचा छैक नेपाली मे (आयोजकक सुबिधा हेतु) | प्रस्ताव तयार भेला पश्चात राम भरोस कापरजी आ किछु अन्य व्यक्तिसब सँ छलफल भेल सबके बहुत नीक लगलैन्हि | एकरा कार्यान्वयन हेतु सर्ब प्रथम जनकपुर उद्योग वाणिज्य संघक अध्यक्षजी सँ बात भेल मुदा व्यक्तिगत रुपमे हुनकर सहमति भेलो पर ओम्हर स कोनो खास सम्बाद आगा नहि बढला पर उपमहानगर पालिकाक मेयरजी सँ सहो बात भेल | हुनका तरफ स त् विद्यालय संचालन कराबाक उत्साह सहो देखला गेल आ कार्यक्रम त् होयबे करत से आश्वासन भेटल | मुदा कार्यान्वयन नहि भेला पर हम कापरजी के अनुरोध कैलिएन्हि जे आव त् अहाँ प्रज्ञा प्रतिष्ठानक अध्यक्ष भ गेली इ कार्यक्रम केओ नहि करताह से बुझि पडैय तयँ हमर इ अनुरोध जे अहाँ एकर जिम्मा ल कार्यक्रम संचालनक ब्यबस्था कएल जाय | अपने सबके विश्वास नहि होएत कि एकटा एहन छोट कार्यक्रमक आयोजना कराबए मे करिब २ वर्ष लागल | खैर जेना तेना कापरजी स्वीकार कएलैथ | कार्यक्रमक समय निर्धारण मे सेहो किछु समय लागल गुरुदेव जीक अस्वस्थताक कारण | समय निर्धारणक क्रम मे हम दुनु पक्षक पुलक काम करैत रहलहूँ | अन्तोगत्वा समय निर्धारण भेल आ कार्यक्रम सेहो सम्पन्न भेल | अस्वस्थाका कारण हम सशरीर जनकपुर मे उपस्थित नहि भ सकलहूँ मुदा अनलाइन पर पुरा कार्यक्रम देखलाहूँ |
ओम्हर सँ घुरलाक बाद निरन्तर रुप सँ गुरुदेवजीक सम्पर्क मे रही | हुनकर स्वास्थ्यक स्थिति मे सेहो सुधार नही होइत छलैन्हि | वो कहैत छालाह जे दुनु किडनी बिगैरि गेल अछि | एक दिन फेसबुक पर हुनकर मेसेज आयल जे आर्थिक सहयोग चाहि | हम तुरुन्त १०,०००\- खाता मे पाठा देलिएन्हि | किछु समय बाद हुनकर फोन आएल जे इन्जिनियर साहेब अपने बोहनी क देलिए हम ठिक भजाएब | हम निरन्तर हुनका सम्पर्क मे रहि | मुदा एक दिन दुखद खबर अपना सबके प्राप्त भेल |
कार्यक्रम सम्पन्न भेला उप्रान्त गरुदेवजी जनकपुर स बिदा भेलाह, कापर जी सँ हम पुछलिएन्हि जे दक्षिणा कतेक कैलिएन्हि | वो दुखित भ कहलाह जे प्रतिष्ठान केँ निकासा नहि भेटल अछि मंत्रालय मे कागजात पाठा देने छिएक रकम प्राप्त भेलापर पाठा देल जैएतन्हि, अखन प्लेन भाडा अपना तर्फ सँ देलिएन्हि | हम सरकारी कार्यालयक हिसाब मे सामान्य बुझि किछु नहि बाजि कहलिएन्हि जे ठीके छै मन्त्रालय के पाछा लागि हुनका जल्द सँ जल्द पठायबाक ब्यबस्था कैएल जाय | कामत जी बेर बेर हमरा फोन पर जानकारी दैत छलाह जे पाई नहि भेटल, इ सुनि बेर बेर कापरजी से हम सम्बाद करैत छलहूँ | मधेश परदेशक मन्त्रालय एतेक संबेदनहीन छैक से अन्दाज नहि छल | एकटा बात स्पष्ट करी जे कतेक पाई के बात हुनका दुनु के बिच भेल छालैन्हि से दुनु मे से कोनो व्यक्ति जानकारी नहि करौने छलाह आ एकर जिकिर हम सहो नहि कैलिएक | हम इ हे विश्वास मे रही जे हम जे प्रस्ताव तयार कएने छि वोही आधार पर बात भेल हैएतैक | इ बहुत दुर्भाग्यक बात छैक जे मन्त्रालय समय पर निकासा नहि द सक्ला कारण एतेक वितण्डा उत्पन्न भेल से हम बुझि रहल छि | बेर बेर हम सेहो कापरजी केँ ताकेता करैत छलिएन्हि जे मन्त्रालय के पाछा परि जल्द हिसाब किताब स्पस्ट कैयल जाए | एहि प्रकरण मे जौँ प्रतिष्ठान सँ पत्राचार भेल छैक त मन्त्रालय पूर्ण रुप सँ दोषी अछि | हम त् मन्त्रालय सँ विनम्र अनुरोध करए चाहब जे शिघ्रातिशिघ्र निकासा द गुरुदेवजीक उत्तराधिकारी केँ वो रकम हस्तान्तरण कैएल जाए | एहि कार्य मे कापरजी सँ सेहो अनुरोध जे मन्त्रालय के पाछा परि निकासाक हेतु आवश्यक कारबाही कैएल जाए | समाजक लोग सँ अनुरोध जे एकरा बतंगर नहि बना गुरुदेवजीक आत्माक चिर शान्ति हेतु प्रार्थना करी |

(हम जे प्रस्ताव पेश कएने रहि)
सांगीतिक साँझ

भूमिका:
नेपाली संस्कृति एउटा सुन्दर–सुरम्य उद्यान हो , जसमा विभिन्न क्षेत्रिय सांस्कृतिक फूलहरु फुल्दछन् । यी विविध–रंगी पुष्पको सौन्दर्य र सुरक्षा भिन्नता भएपनि तिनमा अन्तर्निहित एकतामै उद्यानको प्रतिस्था हाँस्दछ । नेपाली संस्कृतिबाट परिचित हुन यहाँका विविधरंगी क्षेत्रिय संस्कृतिसित परिचित हुनु आवश्यक छ । मिथिलाको संस्कृति विश्वका प्राचिनतम संस्कृतिहरु मध्ये एक हो जसको उज्ज्वलता र अत्यन्त गौरवपूर्ण परम्परा रहेको छ । आर्यावर्तिय संस्कृतिको निर्माण, विस्तार एवं उन्नयनमा यस संस्कृतिको अद्धितिय भुमिका रहेको छ । यद्यपि लोक संस्कृतिको धारा लोक जीवनमा बग्दै गएको छ, बगिरहने छ र त्यसलाई हेरेर स्वदेशी विदेशी पर्यटकहरु सामान्यतः संस्कृतिका खण्ड चित्रहरुमात्र प्राप्त गर्दछन् ।
मिथिला संस्कृतिमा संगीतको विशेष महत्व छ | जन्म देखि मरण सम्मको प्रत्येक सँस्कारमा संगीत नभइ नहुने जस्तो नै देखिन्छ | यस विषयमा जनकपुर क्षेत्रको विशेष योगदान रहिआएको सर्बबिदितै कुरा हो | खासगरी शास्त्रीय र लोक परम्परा संग सम्बन्धित यस लोक–गीत र मिथिला क्षेत्रमा प्रचलित लोक–गाथा–कमला कोइला, राजा सल्लेह, दीनामद्री, वंशीधर पालन, गांगी, लवहरि–कुशहरि, कारिख, पजियार, अमरसिंह, जयसिंह, गुगुलिया, दामोदर सिंह, गोरैया, गरननिया गोआर, बुलाकी गोप, जिवाई, कलस गोप, फगरु, रघुनाथ सिंह, मीरा, मुर्कुना, ढौढन सिंह, बिहुला, कुंवर बजधान, नायिका वनिजारा, गोपीचन, परधरी, थाल्हा, सारंगा, रादावृक्ष, विजयपल, लोरिक पनियार को साथै लोक नाट्य –जट–जटिन, सामा–चकेवा, जालिम सिंह, विरहा, विदेशिया, रामलीला, हिरनी–विरनी, लोकनृत्य, –भगताको झुम्मरिनाथ, मुसहरहरुको मृदंग नाच, दुसाधको नाच, मलाहरुको काला–कोइला नाच, पलरिया नाच, बक्खो नाच, झिझिया नाच, झरी–झरी नाच, खजन–चिडैया नाच, डम्फा–बुराली नाच, विदापत नाच, बठपुठरी नाच, होरी नाच आदिको प्रदर्शन हुँदै आएको हो | विगतमा यस क्षेत्रमा संगीत क्षेत्रका निकै ठुला विद्वानहरु पनि भए र उहाहरुको सक्रियतामा संगीत विद्यालय पनि संचालित भएका थिए तर उपयुक्त सरक्षण र सहयोग बिना अहिले संचालनमा छैन जुन यस क्षेत्रको लागि र खासगरी संगीत सिक्न चाहना राख्ने छात्र-छात्राहरुको लागि अवसरको आभाव भएको छ |
उदेश्यः एतिहासिक र सांस्कृतिक महत्ता बोकेको संगीतलाइ कुनै पनि हालतमा मर्न दिनु भनेको आफ्नो सांस्कृतिक पहिचानलाई नै नष्ट गर्नु हो | यसको लागि यहाका समुदायहरुलाई पुनः जागृत गराउने आवश्यकता छ र संगीत अनुरागीहरुलाई संगीत सिक्ने भरपुर अवसर प्रदान गर्नुपर्ने आवश्यकता छ | त्यसको लागि संगीत क्षेत्रमा या क्षेत्रका ख्याती प्राप्त विद्वानहरु संगको यहाका समुदाय संग साक्षात्कार गरानुपरने आवश्यकता छ | जसबाट मान्छेमा संगीत प्रति सुसुप्त जिज्ञासा जागृत भएर आओस | यसको लागि सांगीतिक कार्यक्रमहरुको आयोजन गर्नुपर्ने छ |
त्यसर्थ प्रथमत: मिथिला क्षेत्रका मात्र नभई नेपालकै ख्याती प्राप्त गायक, संगीतकार श्री गुरुदेव कामताजीको एकल कार्यक्रम "गुरुदेव एकल साँझ" को आयोजन गर्ने उद्देश्य राखिएको छ | उहाको साश्त्रीय, लोकगायन, आधुनिक गायनबाट यस समुदायका व्यक्तिहरु लाभान्वीत हुने अपेक्षा राखिएको छ |
सहभागिता:
संगीतमा अभिरुची राख्ने व्यक्ति तथा संस्था, स्थानीय स्कूलका प्रतिनिधि, सामुदायिक नेतृत्व प्रदान गर्ने व्यक्तिहरु, राजनैतिक नेतृत्व प्रदान गर्ने व्यक्तिहरु आदिको मुख्य सहभागिता हुनेछ |

अवधि:
यो एक दिवसीय एकल साँझ हुने छ |
आर्थिक:
१. सभा कक्ष भाडा : ५०,०००/-
२. सभा कक्ष: सज्जा : १०,०००/-
३. साउण्ड : २५,०००/-
४. ६ व्यक्ति कलाकार आवास एबम भोजन : ५०,००००/-
५. ५ व्यक्ति कलाकार पारिश्रमिक : ७५,०००/-
६. श्री गुरुदेव कामत जी पारिश्रमिक : १००,००००/-
७. स्वागत सम्मान : ५०००/-


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जम्मा : २,७०,०००/-

23/07/2024

दुइ दिन देखि यातायात ब्यबस्था कार्यालयको सर्वरले काम नगरेको हुँदा सेवाग्राहीहरुले अनावश्यक दुख पाएको भन्ने कुरा खबर सुन्दा हामी जस्ता सबै व्यक्तिहरु दुखि मात्र होइन ग्लानि पनि महशुस गरिरहेका होलान | यति मात्र त् के हुनु महिनौं बितिसक्दा पनि लाइसेन्स (printed) नपाउनुले त् झन् हामी कति अभागी छौं भन्ने कुरा मनमस्तिष्कमा घर गरिहाल्छ | त्यो भन्दा पनि हाम्रो देश हाक्नेहरु कति अकर्मण्य, नालायक, कुबुद्धिले परिपूर्ण छन् भन्ने कुरा प्रष्टै हुन्छ | संसारमा भैरहेको विकास संगसंगै नेपाललाई लैजान आवश्यकता पनि हो तर सरकारले कुनै नयां कुरा ल्याउदा पुर्व तयारी गरि मात्र लागु गर्नु पर्नेमा आवेगमा सस्तो लोकप्रियताको लागि आफ्नो एजेण्डा लागु गरि हाल्ने प्रवृति, खासगरी राजनैतिककर्मीहरुमा जुन देखिएको छ त्यो अत्यन्तै पीडादायी भएको देखिन्छ | राजनैतिककर्मी सँगसँगै कर्मचारी वर्ग नेताहरुको भनाइमा ज्युहजुर गर्दै मात्र हिंड्ने प्रवृति झनै उदेक लाग्दो छ | ड्राइविंग लाइसेन्स वा नागरिक परिचयपत्र मात्र होइन अन्य कतिपय कुराहरु लागुगर्दा पुर्व तयारीको आभावमा सरोकारवालाहरुले सार्है पिडा भोग्नुपरेको छ |
भारतको आन्ध्र प्रदेशको मुख्यमन्त्री श्री चन्द्र बाबु नायडुको मन मस्तिष्कमा राज्यमा सुशासन स्थापित गर्ने परिकल्पना साकार पार्न आन्ध्र प्रदेशको सार्वजनिक खरिद प्रकृयालाई उच्च प्राथमिकता दिई सुधार गर्नुपर्छ भन्ने उद्देश्यले ई.सं. २००० मा गठित मन्त्रीपरिषदको उपसमितिले ई.सं. २००१ मा दिएको प्रतिवेदन/सिफारिसमा E-procurement को स्थापना गर्नुपर्छ भनि राय दिएको थियो । तत्पश्चात, ऊहाले बिभिन्न प्रक्रिया अवलम्बन गर्दै नमूनाको लागि चार विभागमा मात्र त्यो प्रबिधि लागु गरिएको थियो । यस प्रविधिको सफलताले आन्ध्र प्रदेशमा ब्यापक प्रयोग हुनुको साथै सम्पूर्ण भारतमा एउटा अनुकरणीय उदाहरण बन्यो र भारतको अन्य प्रदेशमा प्रयोग हुनुको साथै संसारको अन्य देशहरुमा पनि अनुकरण हुन् थाल्यो |
भारतको आन्ध्र प्रदेशको यस सफलताको बारेमा हामीले केहि पाठ अवश्य सिक्नु पर्ने भएकोले संक्षिप्तमा त्यसको बिकास क्रमको चर्चा गर्नु आवश्यक छ | प्रदेश सरकारसंग उपयुक्त प्राबिधिकहरु उपलब्ध नभएकोले परामर्श दाता नियुक्त गरि आवश्यक सबै डिजाइन र रणनीतिक मापदण्डहरू विकास गरेपछि परियोजनाले जुलाई 2002 मा सार्वजनिक निजी साझेदारी व्यापार मोडेल (Public Private) अन्तर्गत निजी साझेदार सार्वजनिक खरिद प्रक्रियाबाट नियुक्ति भएको थियो । निजी साझेदार/सेवा प्रदायकको प्रमुख भूमिकामा सबै विभागहरूमा ई-खरीद कार्यक्षमताको कार्यान्वयन, सफ्टवेयर अनुकूलन, पोर्टलका लागि हार्डवेयर र सफ्टवेयरको सेटअप र व्यवस्थापन, प्रयोगकर्ताहरूको लागि प्रशिक्षण, हेल्पडेस्क सेवाहरू, प्रणालीको सञ्चालन र मर्मत सम्भार गर्नु थियो । यस मोडेलको विशेषता भनेको राज्यले कुनै पूँजीगत लगानी गर्नु परेको थिएन र दक्षतासँग उत्तरदायित्व संयोजन गरी जोखिम पनि समान रूपमा बाँडफाँड गरिएथियो । साझेदारले सरकारले तोकेको दिशानिर्देशअनुसार चारवटा विभागले मात्रै लागू गर्ने पाइलट कार्यक्रमका रूपमा एक वर्षका लागि सम्झौता गरी एपको डिजाइन, विकास र सुरुवात गरेको हो । यो व्यापार मोडेल PPP भुक्तानी मोडालिटीको विशेष सुविधाहरू संग सुरु भएको हो । यस मोडालिटीमा सेवा प्रदायक र लाभार्थीहरूले कुनै गुनासो नगरी प्रभावकारी एबम कुशलातापुर्बक काम भैरहेको हो | समयक्रममा लाभार्थिहरुले पनि निकै सहुलियत दरको फिस तिरी यस व्यवस्थाबाट फायदा प्राप्त गरिरहेकाछन |
नेपालमा पनि सार्बजनिक सरोकारका थुप्रै software को बिकास भइ प्रयोगमा छ | यातायात व्यवस्था विभागको जस्तै अन्य विभागहरुले पनि समस्या भोगिरहेको हामीलाई अवगत नै छ | त्यसर्थ यसमा सुधारको लागि निम्न कुराहरु माथि बिचार गर्ने कि ?
१. सार्बजनिक सरोकारका ICT प्रबिधि /सोफ्त्वेयर, विज्ञान तथा प्रबिधि मन्त्रालयको स्वामित्वमा सार्ने र यसै मन्त्रालयले मुख्य ADMIN को भूमिका निर्बाह गर्ने | आवश्यकता अनुसार प्रयोगकर्ता विभागहरुले प्रयोगकर्ता ADMIN भइ काम गर्ने |
२. ICT मा काम गर्ने समस्त कर्मचारीहरुको प्रशासनिक नियन्त्रण एउटा सेवा समूह गठन गरि विज्ञान तथा प्रबिधि मन्त्रालय मातहत हुने | यसबाट कर्मचारीहरुको वृत्ति विकासमा पनि मदद्त पुग्नेछ |
३. सकेसम्म यस्ता कामहरुमा PPP मोडेललाइ अवलम्बन गर्ने | यस्तो ब्यबस्था भएको भए लासेंस प्रिन्टिंग समयमा हुने थियो र यस्ता किसिमले सर्भरको समस्या आएपनि समयमै समाधान हुने थियो |

26/06/2024
https://qr.ae/psmX3c
12/06/2024

https://qr.ae/psmX3c

Alexandra Price's answer: Yes , it is possible to reverse chronic kidney disease in its early stages without undergoing dialysis or transplantation . This is known as chronic kidney disease stage 1 or 2 , where the kidney function is only slightly reduced and there is still a chance for the kidne...

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