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06/09/2026

*सुरक्षित सफर और ग्रीन मोबिलिटी हमारी प्राथमिकता : मुख्यमंत्री डॉ. यादव*
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*इन्दौर में 11-12 सितम्बर को होगी ‘यात्री परिवहन विजन समिट-2026’*
इंदौर, 06 सितम्बर 2026
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में आधुनिक परिवहन व्यवस्था के विस्तार के साथ सुरक्षित सफर और ग्रीन मोबिलिटी को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 'एक्स' पर संदेश में कहा कि मध्यप्रदेश में सुरक्षित, सुगम और पर्यावरण अनुकूल यात्री परिवहन व्यवस्था को नई दिशा देने के उद्देश्य से आगामी 11 एवं 12 सितम्बर को इंदौर में ‘यात्री परिवहन विजन समिट-2026’ का आयोजन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश का संकल्प है कि हर यात्री को सुरक्षित, सुगम और सुविधाजनक परिवहन की सुविधा मिले। सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक, पर्यावरण-अनुकूल और प्रभावी बनाने में सार्वजनिक-निजी भागीदारी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। यात्री परिवहन विजन समिट इसी दिशा में भविष्य की ठोस रूपरेखा तैयार करेगा।
समिट में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के विस्तार एवं सुदृढ़ीकरण तथा इसमें सार्वजनिक-निजी भागीदारी की भूमिका पर विशेषज्ञों, निवेशकों और नीति-निर्माताओं द्वारा विचार-विमर्श किया जाएगा। समिट का फोकस सुरक्षित परिवहन के साथ हरित परिवहन और बेहतर मोबिलिटी की दिशा में नए अवसर तलाशने पर केंद्रित रहेगा। यह समिट प्रदेश की यात्री परिवहन व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित, टिकाऊ और तकनीक-सक्षम बनाने के लिए संभावित निवेश और साझेदारी के नए द्वार खोलने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
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#इंदौर
CM Madhya Pradesh
Jansampark Madhya Pradesh

*जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट ने रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष श्री सतीश कुमार से मुलाकात की*----*श्री सिलावट ने सिहस्...
06/09/2026

*जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट ने रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष श्री सतीश कुमार से मुलाकात की*
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*श्री सिलावट ने सिहस्थ को देखते हुए सांवेर विधानसभा क्षेत्र सहित जिले के अन्य क्षेत्रों में रेल सुविधाओं के विकास की आवश्यकता बताते हुए शीघ्र मंजूरी दिए जाने पर चर्चा की*
इंदौर, 06 सितम्बर 2026
जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट ने आज इंदौर में रेलवे बोर्ड के चेयरमैन श्री सतीश कुमार से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने उज्जैन में आगामी सिंहस्थ महापर्व 2028 एवं इंदौर जिले के विकास को दृष्टिगत रखते हुए इन्दौर जिले की सांवेर विधानसभा में रेलवे के विभिन्न उन्नयन कार्यों एवं नवीन गाड़ियों के प्रचालन हेतु कार्यवाही करने के संबंध में विस्तार से चर्चा की।
मंत्री श्री सिलावट में श्री सतीश कुमार को बताया कि इन्दौर मध्यप्रदेश की आर्थिक राजधानी होकर देश के मेट्रो शहरों की श्रेणी में तेजी से विकसित हो रहा है। यहां इन्दौर-उज्जैन मेट्रोपॉलिटन सिटी प्रस्तावित है। वर्ष 2028 में इन्दौर सांवेर के समीप उज्जैन में सिंहस्थ महापर्व आयोजित होगा, जिसमें लगभग 25 करोड़ से अधिक श्रद्धालुगण देश-विदेश से आएंगे। इन्दौर और उज्जैन के मध्य स्थित होने से विधानसभा क्षेत्र सांवेर में भी श्रद्धालुओं के आवागमन में यातायात का अत्याधिक दबाव रहेगा।
मंत्री श्री सिलावट ने चर्चा के दौरान श्री सतीश कुमार से कहा कि मांगलिया क्रॉसिंग पर निर्माणाधीन रेलवे ओवर ब्रिज का रेलवे के हिस्से का निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ करवाये। इस ब्रिज के निर्माण के बाधित होने से हजारों नागरिकों विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और उन्हें एक स्थान से दूसरे स्थान में पहुंचने पर बड़ी परेशानी हो रही है।
श्री सतीश कुमार ने मंत्री श्री सिलावट को आश्वस्त किया कि निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ कर आगामी अक्टूबर 2027 तक निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा। इस संबंध में उन्होंने संबंधित अधिकारियों को दिशा निर्देश भी दिए।
मंत्री श्री सिलावट ने कहा की आगामी सिंहस्थ महापर्व 2028 एवं इंदौर के विकास को ध्यान में रखते हुए पश्चिम रेल्वे के रतलाम मण्डल में आने वाले विधानसभा क्षेत्र सांवेर के अंतर्गत रेलवे स्टेशनों पर विभिन्न उन्नयन कार्य एवं नवीन रेलों के प्रचालन की स्वीकृति अपेक्षित है। श्री सिलावट में चर्चा के दौरान फतेहाबाद-चन्द्रावतीगंज जंक्शन का उन्नयन कर आदर्श स्टेशन के रूप में विकसित करने, मांगलिया रेलवे स्टेशन को आदर्श स्टेशन के रूप में उन्नयन कर विकसित करने, पालिया, बालोदा, अजनोद रेलवे स्टेशन पर हाई लेवल प्लेटफार्म बनाया जाकर स्टेशन का उन्नयन, महू-उज्जैन व्हाया फतेहाबाद-चन्द्रावतीगंज जंक्शन के बीच पूर्व में संचालित मेमू / डेमू रेल का पुनः संचालन, इन्दौर से उज्जैन व्हाया मांगलिया-बरलाई जागीर-देवास के बीच मेमू डेमू रेल का पुनः संचालन, फतेहाबाद-चन्द्रावतीगंज जंक्शन पर प्लेटफार्म नं. 04 पर सतह में सुधार एवं बेंचेस और कवर शेड का निर्माण, पालिया, फतेहाबाद आदि स्टेशनों के मध्य के रोड़ अंडर पास में बारिश का पानी भर जाता है, इसके स्थाई निकासी की व्यवस्था करने, अजनोद स्टेशन पर हाई लेवल प्लेटफॉर्म और पुल का निर्माण आदि के संबंध में चर्चा की।
मंत्री श्री सिलावट ने कहा कि इंदौर से रतलाम के मध्य चलने वाली सभी मेल एक्सप्रेस गाड़ियों का विराम लक्ष्मीबाई नगर और फतेहाबाद जंक्शन पर दिया जाये, डेमू ट्रेन के स्थान पर मेमू ट्रेन चलाई जाये, जिससे प्रायः डेमू के खराबी के कारण यात्रियों को असुविधा नहीं हो। साथ ही इंदौर-अमृतसर (19325) एक्सप्रेस को सप्ताह में 04 दिन चलाया जाये। गाड़ी संख्या 20957-20958 इंदौर-नई दिल्ली-इंदौर जो सप्ताह में 03 दिन चल रही है, को प्रतिदिन किया जाये। गाड़ी संख्या 11125-11126/21125-21126 रतलाम-ग्वालियर एक्सप्रेस को नीमच तक बढ़ाया जाये। अभी यह रेक रतलाम में 05 घंटे खड़ा रहता है। साथ ही इसे सप्ताह में 03 दिन भिण्ड से इटावा जंक्शन तक बढ़ाया जाये। गाड़ी संख्या 19333 बीकानेर महामना एक्सप्रेस को सप्ताह में 4 दिन चलाया जाये। गाड़ी संख्या 19337 इंदौर-दिल्ली एक्सप्रेस को प्रतिदिन चलाया जाये। पूर्व में इंदौर-फतेहाबाद जंक्शन-उज्जैन के बीच एक लोकल ट्रेन चलती थी, जिसे सिलावट एक्सप्रेस के नाम से जाना जाता था, उसी प्रकार लोकल अतिरिक्त यात्री गाड़ियों का संचालन किया जाये।
इसके अलावा इंदौर स्थित शास्त्री ब्रिज को चौड़ा करने हेतु रेलवे की तरफ से की गई कार्यवाही के संबंध में भी चर्चा की गई। साथ ही इंदौर-उज्जैन व्हाया देवास हेतु ऑर्डिनरी गाड़ियों में वृद्धि, रतलाम-लक्ष्मीबाई नगर क्षेत्र के दोहरीकरण, स्टेशन पर यात्रियों को टिकट लेने में होने वाली असुविधा से बचने के लिए टिकट खिड़कियों में वृद्धि, गाड़ी संख्या 17606/17605 भगत की कोठी-काचीगुडा एक्सप्रेस का फतेहाबाद-चन्द्रावतीगंज जंक्शन में ठहराव, बरलाई जागीर रेलवे स्टेशन को कार्गो स्टेशन के रूप में विकसित करने, अजनोद-बलघारा रेलवे अंडरब्रिज के शीघ्र निर्माण, बड़नगर स्टेशन पर कवर शेड का विस्तार, गौतमपुरा स्टेशन पर हाई लेवल प्लेटफॉर्म का निर्माण आदि की आवश्यकता बताते हुए चर्चा की गई।
श्री सतीश कुमार ने मंत्री श्री सिलावट को आश्वस्त किया कि आपके पत्र में उल्लेखित सभी मांगो का परीक्षण कर उनकी शीघ्र स्वीकृति कराकर आमजन को समुचित लाभ दिया जाना सुनिश्चित किया जायेगा।
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#इंदौर

Tulsi Silawat
CM Madhya Pradesh
Jansampark Madhya Pradesh

05/09/2026
*संयुक्त संचालक कृषि ने धार विकासखंड का किया भ्रमण*-----*कृषकों से चर्चा कर फसल स्थिति एवं प्राकृतिक खेती का लिया जायजा*...
05/09/2026

*संयुक्त संचालक कृषि ने धार विकासखंड का किया भ्रमण*
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*कृषकों से चर्चा कर फसल स्थिति एवं प्राकृतिक खेती का लिया जायजा*
इंदौर, 5 सितंबर 2026
मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के अंतर्गत संयुक्त संचालक, कृषि इंदौर संभाग इंदौर श्री जितेन्द्रसिंह द्वारा विकासखंड धार का भ्रमण किया गया। भ्रमण के दौरान ग्राम एकलदुना स्थित मां कालका बीज उत्पादक सहकारी संस्था मर्यादित का निरीक्षण किया गया। संस्था द्वारा लगभग 45 एकड़ क्षेत्र में सोयाबीन की किस्म एन.आर.सी. 150-142 एवं जे.एस. 2172 के बीज उत्पादन का कार्यक्रम लिया गया है।
संयुक्त संचालक श्री जितेन्द्रसिंह ने संस्था के कृषकों के साथ बैठक कर बीज की गुणवत्ता एवं उत्पादन संबंधी जानकारी ली। बैठक में संस्था के संचालक श्री पदमसिंह पटेल सहित लगभग 35 कृषक/सदस्य उपस्थित रहे। कृषकों को बीज की गुणवत्ता के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई।
भ्रमण के दौरान कृषक श्री अजय पाटीदार के 4 एकड़ क्षेत्र में अंतरवर्तीय फसल के रूप में पिंक टाइवान अमरूद (जाम) के साथ सोयाबीन की जे.एस. 2506 किस्म का अवलोकन किया गया। इसी प्रकार कृषक श्री दिलीप पाटीदार के 7 एकड़ क्षेत्र में अंतरवर्तीय फसल के रूप में पिंक टाइवान अमरूद (जाम) के साथ सोयाबीन की जे.एस. 2506 किस्म का निरीक्षण किया गया। कृषकों की वर्तमान फसल स्थिति अच्छी पाई गई। भ्रमण के दौरान ग्राम खेरोद में प्राकृतिक खेती करने वाले कृषक श्री राजेन्द्र पिता अम्बाराम दांगी के खेत पर सौर ऊर्जा प्लांट एवं बायो रिसोर्स केन्द्र का अवलोकन किया गया। जिसमें जीवामृत, भृमस्त्र एवं घनजीवामृत का उत्पादन किया जा रहा है। कृषक द्वारा प्राकृतिक खेती में मक्का, सोयाबीन एवं मूंगफली फसल में बायो रिसोर्स केन्द्र से प्राप्त उत्पादों का उपयोग किया जा रहा है। कीट नियंत्रण के लिए नीमाश्रृत्र एवं भृमास्त्र तथा फसल पोषण के लिए जीवामृत एवं घनजीवामृत का उपयोग किया जा रहा है।
फसलों के निरीक्षण के दौरान किसी प्रकार की समस्या नहीं पाई गई। फसल की बढ़वार एवं फलियों की संख्या भी अच्छी पाई गई। ग्राम पंचायत खेरोद में संयुक्त संचालक कृषि द्वारा उपस्थित लगभग 100 कृषकों को प्राकृतिक खेती अपनाने एवं फार्मर आईडी बनवाने की सलाह दी गई।
इसके पश्चात शासकीय कृषि प्रक्षेत्र धार में अरहर की किस्म ए.जी.-4 (गौरी) एवं सोयाबीन 100-39 का निरीक्षण किया गया तथा बादामी आम का पौधरोपण किया गया। इसके बाद कार्यालय उप संचालक कृषि के माध्यम से जिले के समस्त अनुभागीय कृषि अधिकारियों एवं वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारियों के साथ योजनाओं एवं वर्तमान फसल स्थिति की समीक्षा की गई। साथ ही आगामी रबी 2026-27 की कार्ययोजना के संबंध में आवश्यक मार्गदर्शन दिया गया।
भ्रमण के दौरान उप संचालक कृषि श्री विजय चौरसिया, परियोजना संचालक आत्मा श्री त्रिलोकेन्द्र छावानिया, अनु. कृषि अधिकारी श्री बी.के. खण्डवाया, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी श्री ए.के. सत्यार्थी सहित क्षेत्र के कृषि विस्तार अधिकारी, बी.टी.एम. एवं ए.टी.एम. उपस्थित रहे।


#इंदौर

*इंदौर के विकास की नई रफ्तार : लोक परिवहन के क्षेत्र में इंदौर को मिली बड़ी सौगात*------*मेट्रो परियोजना परिवहन तंत्र को ...
05/09/2026

*इंदौर के विकास की नई रफ्तार : लोक परिवहन के क्षेत्र में इंदौर को मिली बड़ी सौगात*
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*मेट्रो परियोजना परिवहन तंत्र को आधुनिक बनाने के साथ ही शहर के विकास को नई गति प्रदान करेगी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव*
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*मेट्रो शहरों के विकास के साथ-साथ उद्योग और व्यापार को गति देने का महत्वपूर्ण माध्यम : केन्द्रीय मंत्री श्री मनोहर लाल*
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*मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया 2 हजार 850 करोड़ रुपये की लागत से विस्तारित इंदौर मेट्रो का शुभारंभ-केंद्रीय मंत्री श्री मनोहर लाल भी रहे विशेष रूप से मौजूद*
इंदौर 05 सितम्बर 2026
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि इंदौर में मेट्रो ट्रेन का विस्तार केवल परिवहन सुविधा का विस्तार नहीं, बल्कि विकास के एक नए अध्याय की शुरुआत है। आज मेट्रो का नया चरण शुरू हुआ है और आने वाले समय में इसके और चरण पूरे होंगे। मेट्रो के माध्यम से इंदौर को उज्जैन और पीथमपुर सहित आसपास के क्षेत्रों से जोड़ने का कार्य क्रमशः आगे बढ़ेगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज इंदौर में मेट्रो ट्रेन के नये चरण के लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मेट्रो के पहले चरण को मिले सकारात्मक प्रतिसाद के बाद अब इसका विस्तार शहर के अंदरूनी क्षेत्रों तक हो रहा है। यह सिलसिला लगातार आगे बढ़ेगा और आने वाले समय में मेट्रो इंदौर सहित पूरे मालवा क्षेत्र की यातायात व्यवस्था को नयी दिशा देगी। इंदौर के मेट्रो रेल नेटवर्क के विस्तार की दिशा में आज एक महत्वपूर्ण कदम आगे बढ़ा है। मध्यप्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड द्वारा 2 हजार 850 करोड़ रुपये की लागत से सुपर कॉरिडोर-3 से मालवीय नगर तक मेट्रो कॉरिडोर का मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुभारंभ किया।
इस दौरान कार्यक्रम में केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री श्री मनोहर लाल विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। केंद्रीय आवास एवं शहरी राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, इंदौर सांसद श्री शंकर लालवानी, महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव, विधायक श्री गोलू शुक्ला, श्रीमती मालिनी लक्ष्मण सिंह गौड़, श्री मधु वर्मा तथा सुश्री उषा ठाकुर सहित अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारीगण मौजूद थे।
*भारत की विकास दर ने बढ़ाया देशवासियों का गौरव*
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश के सभी क्षेत्रों में विकास के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले सामने आई आर्थिक विकास दर के आंकड़े देशवासियों का उत्साह और गौरव बढ़ाने वाले हैं। अमेरिका की विकास दर लगभग 2 प्रतिशत और चीन की 4 प्रतिशत के मुकाबले भारत की विकास दर 7.8 प्रतिशत रहना देश की मजबूत आर्थिक स्थिति को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि भारत आज दुनिया के बड़े देशों के सामने अपने हितों और अपनी शर्तों के साथ मजबूती से अपनी बात रख रहा है। यह प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में भारत के बढ़ते आत्मविश्वास और सामर्थ्य का परिचायक है।
*18 हजार 500 करोड़ की इंदौर-मनमाड़ रेल परियोजना से बनेगा नया इतिहास*
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इंदौर को मिली मेट्रो की सौगात के साथ ही इंदौर-मनमाड़ नई रेल लाइन के लिए 18 हजार 500 करोड़ रुपये की मंजूरी भी क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि है। यह परियोजना इंदौर, मालवा और पूरे मध्यप्रदेश के विकास में नया इतिहास रचेगी। उन्होंने कहा कि इस रेल परियोजना के पूर्ण होने के बाद इंदौर और मुंबई के बीच आवागमन के लिए गुजरात होकर जाने की आवश्यकता नहीं होगी। इंदौर से मनमाड़ के माध्यम से महाराष्ट्र और मुंबई से सीधा संपर्क स्थापित होगा। इसी प्रकार मध्यप्रदेश के अन्य क्षेत्रों से भी इंदौर और उज्जैन के बीच संपर्क और अधिक सुगम होगा।
*उज्जैन-इंदौर-मुंबई कनेक्टिविटी को मिलेगा नया विस्तार*
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आने वाले समय में गुना से उज्जैन, उज्जैन से इंदौर और इंदौर से मनमाड़ तक बेहतर रेल कनेक्टिविटी विकसित होगी। इसके साथ ही मेट्रो के उज्जैन तक विस्तार का संकल्प भी लिया गया है। इससे उज्जैन और इंदौर सहित आसपास के पूरे महानगरीय क्षेत्र को एकजुट करने में मेट्रो महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा कि माँ देवी अहिल्या की नगरी इंदौर विकास और विरासत दोनों क्षेत्रों में अपनी विशिष्ट पहचान रखता है।
*17 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर, 16 स्टेशन*
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज मेट्रो का सफर गांधीनगर से मालवीय चौराहे तक आगे बढ़ रहा है। इस कॉरिडोर की लंबाई 17 किलोमीटर है और इसमें 16 स्टेशन शामिल हैं। यह परियोजना इंदौर के परिवहन तंत्र को आधुनिक और सशक्त बनाने के साथ ही शहर के विकास को नयी गति प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री सहित सभी संबंधित अधिकारियों और मेट्रो परियोजना से जुड़े लोगों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इंदौर को लगातार मिल रही विकास की सौगातों का सिलसिला इसी तरह आगे भी जारी रहेगा।
*मेट्रो परियोजना परिवहन के साथ ही विकसित भारत के निर्माण का महत्वपूर्ण माध्यम : केन्द्रीय मंत्री श्री मनोहर लाल*
केंद्रीय आवास एवं शहरी विकास मंत्री श्री मनोहर लाल ने कहा कि इंदौर में मेट्रो के नए 11 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर का शुभारंभ शहर के विकास की दिशा में मील का पत्थर है। पहले मेट्रो का लगभग 6 किलोमीटर का हिस्सा आउटर क्षेत्र तक सीमित था, लेकिन नए कॉरिडोर के जुड़ने से मेट्रो अब शहर के प्रमुख क्षेत्रों से भी जुड़ गई है। उन्होंने कहा कि मेट्रो के विस्तार से विद्यार्थियों, कर्मचारियों, व्यापारियों और आम नागरिकों को सुरक्षित, सुविधाजनक और समयबद्ध परिवहन की सुविधा मिलेगी। इससे शहर में आवागमन सुगम होगा और लोगों के समय की बचत होगी। उन्होंने कहा कि मेट्रो शहरों के विकास के साथ उद्योग और व्यापार को गति देने का भी महत्वपूर्ण माध्यम है। केन्द्रीय मंत्री श्री मनोहर लाल ने कहा कि वर्ष-2014 में देश के केवल पांच शहरों में 245 किलोमीटर मेट्रो नेटवर्क संचालित था, जबकि आज 26 शहरों में लगभग एक हजार 170 किलोमीटर मेट्रो नेटवर्क होने जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के स्थिर नेतृत्व में मेट्रो के विस्तार की यह गति विश्व में अभूतपूर्व है और भारत शीघ्र ही मेट्रो नेटवर्क के मामले में अमेरिका को पीछे छोड़कर दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा देश बन सकता है। उन्होंने कहा कि मेट्रो केवल यातायात का साधन नहीं, बल्कि विकसित भारत के निर्माण की आधारभूत संरचना का महत्वपूर्ण हिस्सा है। शहरीकरण, इंफ्रास्ट्रक्चर, औद्योगिकीकरण, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में तेजी से विकास होने पर ही भारत-2047 तक विकसित राष्ट्र के लक्ष्य को प्राप्त कर सकेगा। उन्होंने कहा कि इंदौर मेट्रो के आगामी विस्तार से बस स्टेंड, रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट और उज्जैन सहित महत्वपूर्ण स्थलों को जोड़ने की दिशा में भी नई संभावनाएं बनेंगी। इससे इंदौर के उद्योग, व्यापार, पर्यटन और धार्मिक गतिविधियों को और गति मिलेगी तथा आसपास के क्षेत्रों से आने वाले नागरिकों को बेहतर परिवहन सुविधा प्राप्त होगी। केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश को देश का दिल कहा जाता है और इंदौर इस दिल की धड़कन है। उन्होंने इंदौरवासियों को मेट्रो के नए चरण की शुरुआत पर शुभकामनाएं दीं।
*मेट्रो परियोजना का मूल उद्देश्य, पीथमपुर-महू से देवास-उज्जैन और आगे मक्सी तक विस्तार करना है : मंत्री श्री विजयवर्गीय*
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि जब इंदौर मेट्रो की योजना का मूल उद्देश्य शहर के भीतर आवागमन को सुगम करने के साथ ही इंदौर के विस्तार को गति देना और शहर को विकेंद्रित करना था। इसी मूल उद्देश्य को पूरा करने के लिये मेट्रो परियोजना का विस्तार पीथमपुर, महू, देवास- मक्सी और उज्जैन तक किया जायेगा। उन्होंने कहा कि पहला चरण शहर में पूरा होने के बाद दूसरे चरण का काम आगे बढ़ाया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भी इसके लिए आवश्यक स्वीकृति प्रदान की है। इसके बाद मेट्रो को पीथमपुर तक ले जाने की योजना है। आगे औद्योगिक क्षेत्रों से होते हुए उज्जैन, अवंतिकापुरी और मक्सी तक इसके विस्तार की परिकल्पना है। मंत्री श्री विजयवर्गीय ने कहा कि अगले 10 से 15 वर्षों तक इंदौर क्षेत्र में मेट्रो का काम लगातार चलता रहेगा। यह एक दीर्घकालिक योजना है, जिसके माध्यम से इंदौर और आसपास के क्षेत्रों को बेहतर कनेक्टिविटी के साथ विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मेट्रो का उद्देश्य केवल परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि शहर का विकेंद्रीकरण और तेज गति से समग्र विकास करना है। उन्होंने कहा कि इंदौर में मेट्रो का एक बड़ा हिस्सा तैयार हो चुका है। शहर के नागरिकों की मांग और इंदौर की सुंदरता को ध्यान में रखते हुए शहर के प्रमुख हिस्सों में मेट्रो को भूमिगत करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि एमजी रोड जैसी प्रमुख और सुंदर सड़कों पर मेट्रो के खंभे लगने से शहर के सौंदर्य पर असर पड़ सकता था। इसलिए इसे भूमिगत करने के लिए प्रयास किए गए। मंत्री श्री विजयवर्गीय ने कहा कि भूमिगत मेट्रो परियोजना से बजट में कुछ वृद्धि अवश्य होगी, लेकिन इससे इंदौर की सुंदरता और पहचान सुरक्षित रहेगी।
कार्यक्रम के अंत में अपर मुख्य सचिव श्री संजय दुबे ने आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में अतिथियों ने बटन दबाकर मेट्रो का शुभारंभ किया।
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*देश का भविष्य गढ़ने में युवा शिक्षा अधिकारियों की भूमिका अहम : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव*---*जिलों के शिक्षा अधिकारियों...
05/09/2026

*देश का भविष्य गढ़ने में युवा शिक्षा अधिकारियों की भूमिका अहम : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव*
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*जिलों के शिक्षा अधिकारियों से मुख्यमंत्री डॉ. यादव का सीधा संवाद*
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*प्रत्येक जिले में 90 प्रतिशत से अधिक परीक्षा परिणाम हासिल करने का लक्ष्य रखें*
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*‘कोई भी बच्चा पीछे न रहे’ की भावना से करें कार्य*
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*प्रदेश के प्रत्येक शालाविहीन स्कूल को मिलेगा पक्का भवन*
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*युवा सोच, तकनीकी समझ और नवाचार की क्षमता का शिक्षा व्यवस्था में करें उपयोग*
इंदौर, 05 सितम्बर 2026
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि देश का भविष्य गढ़ने में युवा शिक्षा अधिकारियों और शिक्षकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। प्रदेश में बड़ी संख्या में युवा अधिकारियों और शिक्षकों को शिक्षा व्यवस्था की मैदानी जिम्मेदारी सौंपी गई है। युवा ऊर्जा, नई सोच, तकनीकी समझ और नवाचार की क्षमता का उपयोग शिक्षा व्यवस्था में वास्तविक और सकारात्मक बदलाव लाने के लिए किया जाना चाहिए। प्रत्येक शिक्षा अधिकारी यह संकल्प लेकर कार्य करे कि उसके जिले में कोई भी बच्चा पीछे न रहे और जिले का परीक्षा परिणाम 90 प्रतिशत से अधिक हो।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को शिक्षक दिवस के अवसर पर इंदौर के सांदीपनि शासकीय अहिल्या आश्रम कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय क्रमांक-1 में आयोजित विशेष संवाद कार्यक्रम ‘एजुकेशन डायलॉग’ को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम का विषय ‘आज का युवा, भविष्य का निर्माता-एजुकेशन डायलॉग, बेहतर शिक्षा के नए विचार’ था। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशभर के 200 से अधिक युवा जिला शिक्षा अधिकारियों, जिला परियोजना समन्वयकों, विकासखंड शिक्षा अधिकारियों और शिक्षकों से सीधे संवाद किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शिक्षक दिवस के अवसर पर महान शिक्षक एवं पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को नमन करते हुए प्रदेश के सभी शिक्षकों को शिक्षक दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने युवा अधिकारियों से सीधे संवाद करते हुए उनके मैदानी अनुभवों, चुनौतियों, प्राथमिकताओं और शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे नवाचारों की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों से यह भी जाना कि वे अपने जिलों में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए किस प्रकार की कार्ययोजना पर काम कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों से कहा कि केवल शासन के निर्देशों का पालन करना ही पर्याप्त नहीं है। शिक्षा अधिकारियों को अपने जिले की स्थानीय परिस्थितियों, विद्यार्थियों की आवश्यकताओं और विद्यालयों की समस्याओं को समझते हुए परिणामोन्मुखी नेतृत्व करना चाहिए। स्थानीय समस्याओं के स्थानीय समाधान विकसित किए जाएं और जो नवाचार सफल हों, उन्हें दूसरे जिलों में भी लागू करने का प्रयास किया जाए। उन्होंने कहा कि आज के युवा अधिकारी तकनीक को समझते हैं, तेजी से सीखते हैं और समस्याओं को नए दृष्टिकोण से देखने की क्षमता रखते हैं। यह क्षमता शिक्षा व्यवस्था के लिए बड़ी ताकत है। युवा अधिकारी अपनी ऊर्जा और नवीन सोच का पूरा उपयोग विद्यार्थियों के भविष्य को बेहतर बनाने में करें।
*युवा सोच और तकनीकी समझ से आएगा शिक्षा में बदलाव*
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्तमान समय तेजी से बदल रहा है। शिक्षा के क्षेत्र में भी तकनीक की भूमिका निरंतर बढ़ रही है। आज एआई, डिजिटल लर्निंग और आधुनिक तकनीक विद्यार्थियों के सीखने के नए अवसर उपलब्ध करा रही है। ऐसे में शिक्षकों और शिक्षा अधिकारियों को भी समय के साथ अपनी योग्यता बढ़ानी होगी। उन्होंने कहा कि शिक्षक तकनीकी संसाधनों का उपयोग कर विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता को बेहतर कर सकते हैं। डिजिटल माध्यमों के साथ विद्यार्थियों को विषय की समझ, तार्किक क्षमता, प्रश्न पूछने की आदत और समस्या समाधान की क्षमता विकसित करने पर भी ध्यान दिया जाए।
*कोई भी बच्चा पीछे न रहे, को बनाएं प्राथमिकता*
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शिक्षा अधिकारियों से कहा कि उनके कार्य की पहली प्राथमिकता यह होनी चाहिए कि उनके जिले में कोई भी बच्चा पीछे न रहे। प्रत्येक विद्यार्थी की शैक्षणिक प्रगति पर नजर रखी जाए। कमजोर विद्यार्थियों की पहचान कर उनके लिए विशेष रणनीति बनाई जाए। उन्होंने प्रत्येक शिक्षा अधिकारी से अपने जिले का परीक्षा परिणाम 90 प्रतिशत से अधिक रखने का लक्ष्य निर्धारित करने को कहा।
*बच्चों की रुचि और योग्यता पहचानें शिक्षक*
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शिक्षकों से कहा कि प्रत्येक बच्चा अलग क्षमता और प्रतिभा के साथ आता है। शिक्षक विद्यार्थियों की रुचि, योग्यता और क्षमता को पहचानें तथा उसी के अनुरूप उनका मार्गदर्शन करें। उन्होंने कहा कि कई बार 10वीं-12वीं के बाद विद्यार्थियों को यह पता नहीं होता कि आगे उन्हें किस विषय या क्षेत्र में पढ़ाई करनी चाहिए। ऐसे समय में शिक्षक उनके मार्गदर्शक बन सकते हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों से आत्मीय संबंध बनाना जरूरी है। शिक्षक विद्यार्थियों को केवल पढ़ाने तक सीमित न रहें, बल्कि उनके परिवार और सामाजिक परिस्थितियों को भी समझें। प्रत्येक बच्चे पर ध्यान दें और उसकी प्रगति का रिकॉर्ड रखें। विद्यार्थियों को विभिन्न पाठ्यक्रमों और करियर विकल्पों की जानकारी दी जाए तथा आवश्यकता के अनुसार उनकी काउंसलिंग की जाए।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कई बार बच्चों के स्कूल छोड़ने के पीछे पारिवारिक और सामाजिक कारण होते हैं। ऐसे विद्यार्थियों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के प्रयास किए जाने चाहिए। यदि किसी कारण से बच्चा नियमित विद्यालय नहीं जा पा रहा है तो उसे ओपन स्कूल जैसे वैकल्पिक माध्यमों की जानकारी दी जाए, ताकि उसकी शिक्षा बाधित न हो।
उन्होंने कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों और उनके परिवारों को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी दें। कई परिवारों को उपलब्ध योजनाओं और उनके लाभ की पूरी जानकारी नहीं होती। शिक्षक यदि परिवारों को सही जानकारी उपलब्ध कराएं तो बच्चों और उनके परिवारों के विकास का रास्ता खुल सकता है।
*शिक्षा का आधारभूत ढांचा होगा और मजबूत*
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार शिक्षा के आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। प्रदेश के जिन विद्यालयों के पास पक्के भवन की सुविधा नहीं है, उन्हें पक्के भवन उपलब्ध कराए जाएंगे। उन्होंने कहा कि सरकारी विद्यालयों में विद्यार्थियों को बस, साइकिल, गणवेश और मध्यान्ह भोजन सहित विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। सरकार का प्रयास है कि आर्थिक या सामाजिक कारणों से किसी भी विद्यार्थी की शिक्षा प्रभावित न हो और उसे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए आवश्यक सुविधाएं मिल सकें। उन्होंने कहा कि सभी विद्यालयों को बेहतर बनाने के लिए जनभागीदारी को भी प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। समाज, अभिभावक और स्थानीय संस्थाएं विद्यालयों के विकास में भागीदार बनें। शिक्षा केवल सरकार या शिक्षकों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है।
*शिक्षा विभाग में युवा नेतृत्व की नई शुरुआत*
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में शिक्षा विभाग में बड़े पैमाने पर युवा अधिकारियों को सीधे मैदानी नेतृत्व की जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रदेश में लगभग 40 नए जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ), 23 जिला परियोजना समन्वयक (डीपीसी) और लगभग 60 विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) पदस्थ किए गए हैं। इन युवा अधिकारियों की औसत आयु लगभग 28 वर्ष है। उन्होंने कहा कि यह युवा शक्ति केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी संभालने के लिए नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में नई ऊर्जा, नई सोच और नए प्रयोगों को आगे बढ़ाने के लिए मैदानी स्तर पर उतरी है। अधिकारियों को अपनी जिम्मेदारियों को केवल निर्देशों के पालन तक सीमित नहीं रखना चाहिए। उन्हें परिणाम आधारित नेतृत्व करना होगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि युवा अधिकारियों को अपने क्षेत्र में किए जा रहे नवाचारों को पहचानना, उनका मूल्यांकन करना और सफल प्रयोगों को व्यापक स्तर पर लागू करने का प्रयास करना चाहिए। यदि किसी जिले में कोई अच्छा प्रयोग हो रहा है तो उसकी जानकारी दूसरे जिलों तक पहुंचनी चाहिए, ताकि उसका लाभ अधिक से अधिक विद्यार्थियों को मिल सके।
*जिलों में किए जा रहे नवाचारों की दी जानकारी*
संवाद कार्यक्रम के दौरान विभिन्न जिलों के शिक्षा अधिकारियों और शिक्षकों ने अपने-अपने क्षेत्रों में किए जा रहे नवाचारों की जानकारी मुख्यमंत्री डॉ. यादव को दी। अधिकारियों ने विद्यालयों में इंटरैक्टिव पैनल के उपयोग, एप के माध्यम से विद्यार्थियों की उपस्थिति दर्ज करने, सीसीटीवी आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम तथा सीएसआर के माध्यम से किए जा रहे नवाचारों के बारे में बताया।
अशोकनगर की जिला शिक्षा अधिकारी ने जिले में विद्यार्थियों की उपस्थिति दर्ज करने के लिए तैयार किए गए ‘रियाज’ एप की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एप के माध्यम से विद्यार्थियों की ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज की जाती है। अनुपस्थित विद्यार्थियों के अभिभावकों को एप के माध्यम से स्वचालित कॉल की जाती है। इसके बाद शिक्षक व्यक्तिगत रूप से भी अभिभावकों से संपर्क करते हैं। इस नवाचार से विद्यार्थियों के ड्रॉपआउट की समस्या को कम करने में मदद मिली है। उन्होंने इसे पायलट प्रोजेक्ट के रूप में अन्य जिलों में भी लागू किए जाने की संभावना बताई। मुख्यमंत्री ने इस नवाचार की सराहना की।
इंदौर के जिला शिक्षा अधिकारी ने शासकीय विद्यालयों में एआई लैब की स्थापना तथा आईआईटी मद्रास के समन्वय से विद्यार्थियों के लिए आईटी क्षेत्र में किए जा रहे नवाचारों की जानकारी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जिलों में किए जा रहे इन नवाचारों की सराहना करते हुए कहा कि अच्छे प्रयोगों को सभी जिलों के साथ साझा किया जाए।
*शिक्षकों से कहा- विद्यार्थियों से आत्मीयता का रिश्ता बनाएं*
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों को परिवार के सदस्य की तरह समझकर आत्मीयता से व्यवहार करें। विद्यार्थियों को यह महसूस होना चाहिए कि शिक्षक उनकी समस्याओं को समझते हैं और उनके भविष्य को लेकर चिंतित हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षक समाज में व्यापक बदलाव लाने की क्षमता रखते हैं। एक शिक्षक के माध्यम से कई पीढ़ियों का भविष्य प्रभावित होता है। इसलिए शिक्षक अपने दायित्व को केवल नौकरी के रूप में न देखें, बल्कि इसे समाज निर्माण का अवसर मानें।
उन्होंने शिक्षकों से अपने स्वास्थ्य का भी ध्यान रखने को कहा। मुख्यमंत्री ने योगासन और प्राणायाम को दिनचर्या में शामिल करने की सलाह देते हुए कहा कि शिक्षक स्वस्थ रहेंगे तो विद्यालय और शिक्षा विभाग का वातावरण भी स्वस्थ एवं सकारात्मक रहेगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संवाद के दौरान नवनियुक्त शिक्षा अधिकारियों से उनकी प्राथमिकताओं और कार्ययोजना के बारे में जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों से शिक्षा के विकास के लिए उनके रोडमैप के संबंध में सवाल किए। हिन्दी भाषा के इतिहास सहित विभिन्न विषयों पर भी मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से संवाद किया। उन्होंने कहा कि हिन्दी भाषा की यात्रा लगभग एक हजार वर्ष पुरानी है। उन्होंने हिन्दी के विकास और शब्दावली को समृद्ध करने में वीर सावरकर के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि ‘सांसद’, ‘विधायक’, ‘संसद’ और ‘महापौर’ जैसे शब्दों को स्थापित करने में उनका योगदान रहा है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों से कहा कि वे अपने पद की गरिमा को समझें और पूरी संवेदनशीलता तथा जिम्मेदारी के साथ कार्य करें।
*यहीं नहीं थमना है, निरंतर आगे बढ़ना है*
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नवनियुक्त युवा अधिकारियों और शिक्षकों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि यह उनकी यात्रा का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है, लेकिन यहीं रुकना नहीं है। निरंतर आगे बढ़ना है और समाज के लिए कार्य करना है। उन्होंने कहा कि आपके माध्यम से कई पीढ़ियां आगे बढ़ेंगी। इसलिए अपनी मूल जड़ों से जुड़े रहकर आधुनिक तकनीक और नई सोच को अपनाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा देने में युवा अधिकारियों और शिक्षकों की भूमिका निर्णायक हो सकती है। सरकार उन्हें आवश्यक संसाधन और सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। अब मैदानी स्तर पर युवा नेतृत्व को अपनी क्षमता सिद्ध करनी है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम के अंत में सभी नवनियुक्त अधिकारियों और शिक्षकों को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर कार्यों के लिए संवाद की प्रक्रिया लगातार जारी रहेगी। उन्होंने अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे अपने अनुभव साझा करते रहें और शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए नए विचार सामने लाएं।
कार्यक्रम में जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, सांसद श्री शंकर लालवानी, महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव, विधायक श्री मधु वर्मा, श्रीमती मालिनी गौड़, श्री गोलू शुक्ला, सुश्री उषा ठाकुर एवं श्री सुमित मिश्रा, संभागायुक्त श्री भास्कर लाक्षाकार, पुलिस आयुक्त श्री संतोष सिंह, कलेक्टर श्री शिवम वर्मा सहित शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, प्रदेशभर से आए जिला शिक्षा अधिकारी, जिला परियोजना समन्वयक, विकासखंड शिक्षा अधिकारी एवं बड़ी संख्या में शिक्षक उपस्थित थे।
लोक शिक्षण संचालनालय, स्कूल शिक्षा विभाग के आयुक्त श्री अभिषेक सिंह ने कार्यक्रम के प्रारंभ में स्वागत भाषण दिया। उन्होंने मध्यप्रदेश में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए किए जा रहे विभिन्न नवाचारों और प्रयासों की जानकारी दी।

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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केंद्रीय मंत्री श्री मनोहर खट्टर एवं नगरीय प्रशासन मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय ने हरी झंडी द...
05/09/2026

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केंद्रीय मंत्री श्री मनोहर खट्टर एवं नगरीय प्रशासन मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय ने हरी झंडी दिखाकर इंदौर मेट्रो के विस्तारित चरण का शुभारंभ किया। इसके बाद बापट स्टेशन से गांधी नगर तक मेट्रो में सफर किया।

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04/09/2026

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