10/06/2026
नेहरू को बदनाम करना आसान है, लेकिन नेहरू जैसा भारत बनाना आसान नहीं।
आज संघ और भाजपा की पूरी आईटी मशीनरी पंडित जवाहरलाल नेहरू को इतिहास का खलनायक साबित करने में लगी है। कारण साफ है - जिस व्यक्ति ने आधुनिक भारत की नींव रखी, उसकी विरासत को मिटाए बिना अपने झूठे नैरेटिव को स्थापित करना संभव नहीं।
तथ्य यह है कि जब भारत 1947 में आज़ाद हुआ तब देश की हालत बेहद खराब थी। अंग्रेज़ भारत को गरीबी, अशिक्षा, भुखमरी और टूटी हुई अर्थव्यवस्था के साथ छोड़कर गए थे। देश में औद्योगिक आधार लगभग नहीं था, साक्षरता दर बेहद कम थी और औसत आयु लगभग 32 वर्ष के आसपास थी।
ऐसे समय में पंडित जवाहरलाल नेहरू जी ने एक आधुनिक, वैज्ञानिक और लोकतांत्रिक भारत की नींव रखी।
- IIT की स्थापना की
- AIIMS की स्थापना की
- IIM जैसे संस्थानों की नींव रखी
- DRDO और परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम शुरू किया
- ISRO की आधारशिला रखने वाले अंतरिक्ष कार्यक्रम की शुरुआत की
- भाखड़ा नांगल, हीराकुंड और बड़े बांधों का निर्माण कराया
- सार्वजनिक क्षेत्र के बड़े उद्योग खड़े किए
- लोकतंत्र को मजबूत किया और सेना को राजनीति से दूर रखा
- संविधान और संस्थाओं का सम्मान किया
आज जिन संस्थानों पर भारत गर्व करता है, उनमें से अधिकांश की नींव नेहरू युग में रखी गई थी।
विडंबना देखिए कि जो लोग आज नेहरू को कोसते हैं, वे अपने बच्चों को IIT, IIM और AIIMS में पढ़ाने का सपना देखते हैं लेकिन यह नहीं बताते कि ये संस्थान किसने बनाए थे।
भाजपा और RSS बार-बार यह झूठ फैलाते हैं कि नेहरू ने देश के लिए कुछ नहीं किया।
अगर ऐसा होता तो 1947 का टूटा हुआ भारत दुनिया की सबसे बड़ी लोकतांत्रिक और औद्योगिक शक्तियों में कैसे बदलता?
- सवाल यह भी है कि RSS ने स्वतंत्रता आंदोलन में कौन सा बलिदान दिया था?
- जब कांग्रेस के नेता जेलों में थे, तब RSS अंग्रेजों के खिलाफ किस आंदोलन का हिस्सा थी? इतिहास इसका जवाब मांगता है।
आज प्रधानमंत्री नरेंद्रमोदी के समर्थक यह प्रचार कर रहे हैं कि उन्होंने नेहरू के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है।
तथ्य देखिए...
- जवाहरलाल नेहरू: 15 अगस्त 1947 से 27 मई 1964
कुल कार्यकाल: 16 वर्ष 9 माह 12 दिन
- नरेंद्र मोदी: 26 मई 2014 से 10 जून 2026
कुल कार्यकाल: 12 वर्ष 15 दिन
अभी भी नेहरू के कार्यकाल से कई वर्ष पीछे हैं।
लेकिन बात केवल वर्षों की नहीं है।
इतिहास यह नहीं पूछता कि कोई कितने साल सत्ता में रहा। इतिहास यह पूछता है कि उसने देश को क्या दिया?
- नेहरू ने संस्थान दिए।
- नेहरू ने लोकतंत्र दिया।
- नेहरू ने वैज्ञानिक सोच दी।
-नेहरू ने आधुनिक भारत का विज़न दिया।
आज अगर कोई नेता नेहरू से तुलना चाहता है तो उसे पहले उतने संस्थान बनाने होंगे, उतनी लोकतांत्रिक परंपराएँ स्थापित करनी होंगी, उतनी वैश्विक प्रतिष्ठा दिलानी होगी और उतनी मजबूत राष्ट्रीय नींव रखनी होगी।
नेहरू का कद प्रचार से नहीं घटता और झूठ से इतिहास नहीं बदलता।
याद रखिए सत्ता के रिकॉर्ड टूट सकते हैं, लेकिन राष्ट्र निर्माण की विरासत नहीं।
नेहरू को गाली देने से कोई नेहरू नहीं बन जाता नेहरू बनने के लिए भारत बनाना पड़ता है।