26/04/2026
पूरे भारत में बहुजन समाज पार्टी सबसे कमजोर पश्चिम बंगाल में है अन्य राज्यों के मुकाबले 1984 से आजतक दो प्रतिशत भी वोटिंग शेयर नहीं रहा !
पश्चिम बंगाल में कुल दलित आबादी 24% और एक भी राज्य स्तर का नेता नहीं है !
जहां कमजोर है वहां ना कोई चमचा ना कोई दलित एजेंडा ना चुनाव में दलितों किसी प्रकार का आश्वासन देने वाला !
24 घंटे डॉ आंबेडकर के नाम की माला जपने वाले राहुल गांधी और नरेंद्र मोदी एक बार भी डॉ आंबेडकर का नाम पश्चिम बंगाल में नहीं लेंगे !
पश्चिम बंगाल भारत का एक मात्र राज्य बना हुआ है, जिसने कोई सार्वजनिक डाटा कभी नहीं दिया कितने प्रतिशत दलित समाज सरकारी नौकरियों में है,
पश्चिम बंगाल का दलित सबसे दयनीय स्थिति में बना हुआ है, कुल दलित आबादी का 50% दलित आज भी बेगारी मजदूरी कर रहा है,
पश्चिम बंगाल का दलित सबसे जघन्य अपराध का सामना करता है, जिसे अदालत ने एक मुकदमे की सुनवाई के दौरान स्वीकार किया जिसमें दलितों को दंगों के समय वीडियो बना कर घरों में आग लगाई गई और राज्य पुलिस एक भी दोषी को सजा नहीं दिलवा पाई जबकि दंगाइयों स्पष्ट वीडियो तक बनाई !!
चुकी पश्चिम बंगाल में बसपा कमजोर है तो अब ना वहां डॉ आंबेडकर के नाती पौते वहां उछल कूद करते दिखाई दिखे ना वहां महाराष्ट्र का कोई दलित पार्टी चुनाव लड़े , ना वहां कोई केतली लिए डायलॉग छोड़ आजादी से दलित समाज में चंदा उगाई करता मिले क्यों ?
किन्तु उत्तर प्रदेश होता ये पूरी मंडली मिलकर बसपा के के आगे कैबरा डांस कर रहे होते !!
जहां जहां बसपा कमजोर होगी वहीं वही दलित की स्थिति इस स्तर पर आएगी,
मान्य आकाश आनंद जी ने निवेदन है, पश्चिम बंगाल में दलितों को सवाल करना जरूर सिखाए, बताए वो मांग करे सरकारी नौकरियों में दलितों का प्रतिनिधत्व सार्वजनिक करे, किस नौकरी में कितना आरक्षण लागू हुआ !
ग्रुप A,B,C,D का कोई भी डाटा उपलब्ध नहीं किया गया क्यों भाई ? जब सभी राज्यों का डाटा उपलब्ध है फिर पश्चिम बंगाल का मुख्यमंत्री कैसे हिम्मत कर गया डाटा को सार्वजनिक ना करे ? क्या कोई मुख्यमंत्री संविधान से ऊपर की औकात का हो गया ?