20/09/2025
14 जनवरी 2027 से हरिद्वार में आयोजित होने वाला अर्धकुंभ मेला कई मायनों में ऐतिहासिक साबित होगा । इस बार हरिद्वार अर्धकुंभ में पहली बार कुंभ और महाकुंभ की तरह ही साधु-संन्यासी, वैरागी और अखाड़ों के तीन शाही अमृत स्नान होंगे । अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने सरकार की पेशकश पर अपनी मुहर लगा दी है ।
अर्धकुंभ की परंपरा सिर्फ प्रयागराज और हरिद्वार में ही है । प्रयागराज में अर्धकुंभ की भव्यता कुंभ और पूर्ण कुंभ की तरह ही होती है । अबतक हरिद्वार में अर्धकुंभ का आयोजन सिर्फ जनता के स्नान तक ही सीमित रहा क्योंकि हरिद्वार में जिस साल अर्धकुंभ का योग बनता है, उसी साल त्र्यंबकेश्वर, नाशिक या उज्जैन में सिंहस्थ कुंभ पर्व होता है । साधु सन्यासी अखाड़े वहां प्रस्थान कर जाते हैं । लेकिन इस बार सिंहस्थ 2027 त्र्यंबकेश्वर नाशिक में जुलाई अगस्त में होगा जबकि हरिद्वार में अर्धकुंभ मार्च-अप्रैल 2028 में होगा। इस वजह से अखाड़ा परिषद को आयोजन में आसानी होगी । जिस साल उज्जैन में अप्रैल मई में सिंहस्थ कुंभ और हरिद्वार में अर्धकुंभ एक ही वर्ष में आते हैं तो उहापोह बढ़ता है यही वजह है कि हरिद्वार अर्धकुंभ में संन्यासी अखाड़े स्थापित नहीं होते । लेकिन इस बार हरिद्वार अर्धकुंभ एक नई परम्परा की शुरुआत का गवाह बनेगा ।