12/08/2021
चर्चा इलाहाबाद में बाढ़ की हो तो 1978 वाली अब तक की सबसे भयंकर बाढ़ मानी गई है। उसी साल की पुराने यमुना पुल की यह फोटो आज भी लोगों के रोंगटे खड़ा कर देती है, बाढ़ का पानी इस पुल की सड़क तक थपेड़ा मार रहा था । कीटगंज में नाव चल रही थी, दारागंज के बह जाने की दहसत लोगों को रात भर जगा के रखती थी, दरियाबाद,मीरापुर को छोड़िये शहर का सबसे ऊँचा मोहल्ला खुल्दाबाद भी लगता था कि डूब जायेगा । आईये उस बाढ़ पर अपनी स्मृतियों को नई पीढ़ी से साझा कर लें।
नोट:-
इसी बाढ़ के उपरांत इलाहाबाद के संपूर्ण बांधों की ऊंचाई 89.60 कर दी गई थी।