12/07/2024
गौर से पढ़िए और समझिये.....
👉"8 वर्षीय बच्ची के साथ स्कूल के तीन नाबालिग छात्रों ने पहले कथित तौर पर गैंगरेप किया फिर हत्या करने के बाद सबूत मिटाने के लिए शव को नहर में फेंक दिया" l
👉"त्रिपुरा में HIV से 47 लोगों की मौत हो चुकी, 828 छात्र HIV पॉजिटिव पाए गए, TSSES के जॉइंट डायरेक्टर के अनुसार स्कूलों के बच्चे भारी मात्रा में नशीले पदार्थ का सेवन करने की वजह से HIV पॉजिटिव हुए" l
👉"वाराणसी में बाइक सवार तीन किशोरों की दर्दनाक मौत, रील बनाने के शौक में बस से हुई टक्कर"
आईये वजह जान लेते है👇👇👇
यूट्यूब और गेम ऐप पर आने वाले ऐड इतने गंदे होते है,की बड़े भी शर्मा जाए, वो अचानक से प्रकट होते होते और बच्चा उसे देख लेता है, "इंस्टाग्राम" और "फेसबुक" को आप कम न समझे वो इनका बाप है, वो बच्चों को हर तरह की सुविधाएं देता है,जैसे: डेट, चैट, फ्लरटिंग, फैशन, नशा जो चाहे सारी सुविधाएं l जिसे रोक पाना बहुत मुश्किल है, लेकिन नामुमकिन नहीं.
🚫सबसे पहले क्या सिर्फ सारी ज़िम्मेदारी सिर्फ गार्जियन(माँ-बाप) की है, बिलकुल नहीं, सरकार को Unauthorised App पर रोक लगानी चाहिए, फिर कोई भी ऐड(विज्ञापन) को प्रकाशित करने से पहले उसको देख ले की वो ऐड करने लायक है या नहीं, ज़्यदातर ऐड "Coockies" के माध्यम से आते है, इसके लिए सरकार को आईटी, इंटरनेट एक्सपर्ट की मदद से रोक लगानी चाहिए और कुछ बहुत शख़्त कानून बनाना चाहिए, क्यूंकि बात बच्चो के भविष्य की है.
🚫अब बात करते है parents (माँ-बाप) की, सबसे पहले माँ- बाप से रिक्वेस्ट करना चाहता हुँ की आप ज़्यादा से ज़्यादा वक़्त दे बच्चो को, ताकि बच्चे को अकेलापन न लगे, उनके दोस्त बने, सिर्फ डांटने और मारने से नहीं, और भी बहुत से तरीके होते है बच्चो की केयर करने के, बच्चों को जब भी फ़ोन दे इस बात का ध्यान रखे की फ़ोन में किसी तरह की डेटिंग ऐप नहीं होनी चाहिए, Facebook, Instagram पता होना चाहिए की बच्चों ने किस नाम से ID (आइ डी) बना रखी है, और अगर बच्चा 18 साल से कम उम्र का है तो उसका पासवर्ड भी आपको पता होना चाहिए, साथ ही ये भी देख ले की उनकी फ्रेंड लिस्ट में कोई unknown या फिर कोई ऐसा व्यक्ति तो नहीं है जो बच्चे को गलत नियत से contact में हो. इस बात का भी ख्याल रखे की आपका बचा इंटरनेट पर किस ऐप का ज़्यादा इस्तेमाल कर रहा है, या फिर किस तरह की वीडियो ज़्यादा like और शेयर कर रहा है l
फेसबुक, इंस्टाग्राम, यूट्यूब का इस्तेमाल बच्चों को कम करने दें. 10 साल से कम उम्र के बच्चे को अपनी मौजूदगी में फ़ोन का इस्तेमाल करने दे.
इसके साथ-साथ, उसे बुराइयों से दूर रहने के लिए जागरूक करते रहे, माँ-बाप हो सके तो छोटे बच्चों के सामने मोबाइल का इस्तेमाल कम करें. इसका भी असर बच्चे के दिमाग पर पड़ता है. स्पोर्ट्स एक्टिविटी ज़्यादा दे.
..."और आखिर में, शिक्षा सिर्फ स्कूलों से नहीं मिलती, बल्कि सबसे अच्छी शिक्षा माँ-बाप से तरबियत के तौर पर मिलती है, तरबियत अगर अच्छी है तो थोड़ा इल्म भी अच्छा इंसान बनाती है. इसके बर-अक्स इंसान लाख इल्म हासिल कर ले, अगर तरबियत अच्छी नहीं, तो इंसान कभी अच्छा नहीं हो सकता !! "
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