06/03/2023
अडानी पर सुप्रीम कोर्ट की
जांच समिति नरेंद्र मोदी के
खिलाफ “नफरत की मुहिम” का हिस्सा है -
चंद्रचूड़ जी खेल खेल गए क्या?
देश में एक नहीं अनेक लोग और शक्तियां हैं जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ “नफरत का बाजार” सजाए बैठे है और उन्हें खाद पानी दे रहे हैं George Soros, हिंडनबर्ग और BBC जैसे विदेशी गुंडे जिनका लक्ष्य बस किसी तरह मोदी को सत्ता से बाहर करना है -
सुप्रीम कोर्ट के जज हिन्दू नेताओं की Hate Speeches के खिलाफ तो दौड़ दौड़ कर सुनवाई करते हैं परंतु दूसरे मजहबों के खिलाफ कुछ कहने में खौफ खाते हैं - उन्हें सिर तन से जुदा करने का नारा अमन और शांति का पैगाम लगता है जिस पर आज तक किसी जज ने कुछ नहीं बोला - अनेक कथित बुद्धिजीवी किस तरह नरेंद्र मोदी के लिए दिल में नफरत लिए बैठे हैं और क्या क्या लिखते हैं, यह देखने की सुप्रीम कोर्ट को फुर्सत नहीं है -
प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ नफरत का जहर फ़ैलाने वालों में मुख्य हैं, रामचंद्र गुहा; अमृत्य सेन, अरुंधति राय, राणा अय्यूब, शेखर गुप्ता, मार्कन्डे काटजू, एस वरदराजन, रविश कुमार, एमके वेणु, विनोद के जोस, स्वाति चतुर्वेदी, आरफा खानम, राजदीप सरदेसाई, मृणाल पांडे - इनके अलावा और भी बहुत लोगों की लिस्ट हैं -
इन सभी में लगता है सुप्रीम कोर्ट का स्वयं और उसके जजों का नाम भी मोदी के लिए नफरत पालने वालों में जुड़ गया है - ऐसा साबित किया CJI चंद्रचूड़, जस्टिस पीवी नरसिम्हा और जस्टिस पारदीवाला की बेंच ने अडानी मामले में जांच समिति का गठन करके - यह जांच समिति चंद्रचूड़ & कंपनी ने मोदी को निशाना बनाने के लिए ही गठित की लगती है - इसके कुछ सदस्य देखिये कौन हैं:-
सोमशेखर सुंदरसन - यह व्यक्ति OxFam India के बोर्ड का मेंबर है और यह संस्था भारत विरोधी कार्यों को अंजाम देने के लिए कुख्यात है और जिसका FCRA लाइसेंस सरकार अवैध गतिविधियों की वजह से रद्द कर चुकी है और इसके संबंध George Soros के साथ भी हैं - सोमशेखर वह वकील है जिसे हाई कोर्ट का जज बनाने के लिए रमना और चंद्रचूड़ जी का के कॉलेजियम 2 बार संतुति कर चुकी है परंतु सरकार ने उसे जज बनाने से मना कर दिया; ऐसा व्यक्ति क्या मोदी सरकार के हक़ में रिपोर्ट देगा-
नंदन नीलेकणि - यह साहब कांग्रेस टिकट पर दक्षिण बेंगलुरु सीट पर 2014 में चुनाव लड़े थे, इनकी बीवी रोहिणी की NGO वामपंथी news portals Caravan, Alt News, Quint और the Wire को पैसा देती है जो मोदी के खिलाफ जहर उगलते हैं;
ओ पी भट्ट, पूर्व SBI Chairman, चिदंबरम का करीबी और विजय माल्या को लोन घोटाले में CBI की जांच के दायरे में थे -
MV Kamat ICICI बैंक के पूर्व चेयरमैन और चंदा कोचर के mentor - याद रहे कोचर ने वेणुगोपाल धूत के साथ मिलकर ICICI बैंक को 3250 करोड़ का चूना लगाया और अदालत ने दोनों को जमानत दे दी;
ऐसे लोग भला कैसी रिपोर्ट देंगे इसकी कल्पना ही की जा सकती है जिनका चयन चंद्रचूड़ ने बहुत सोचसमझ कर किया है - समिति को 2 महीने में रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है परंतु जब भी रिपोर्ट आएगी, मोदी पर और उसकी सरकार पर हमला करने वाली ही होगी जिसे 2024 के चुनाव से ठीक पहले जारी किया जायेगा और उसे कृषि कानूनों की रिपोर्ट की तरह चुनाव तक दबा कर रखा जाएगा -
फिर CJI चंद्रचूड़ कहते हैं लोग उन्हें कुछ न कहें और संयम से काम लें - मीलॉर्ड, लोग आपको देख रहे हैं और समझ भी रहे हैं -