29/03/2026
उत्तराखंड अब भारतीय भूकंप‑जोन मानचित्र के अनुसार पूरी तरह सबसे अधिक खतरे वाले ज़ोन‑VI (Seismic Zone‑VI) में शामिल है, जिसका मतलब यह है कि यहां भूकंप का जोखिम “सबसे अधिक” माना जा रहा है।
नए भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) जोनिंग मैप (2025–26) के अनुसार:
पहले उत्तराखंड के कुछ ज़िले ज़ोन‑IV (उच्च जोखिम) और कुछ ज़िले ज़ोन‑V (बहुत उच्च जोखिम) में थे (जैसे धारचूला, मुनस्यारी, उत्तरकाशी, बागेश्वर, नैनीताल),
अब पूरे राज्य को ज़ोन‑VI (सर्वाधिक जोखिम) में रखा गया है, चाहे वह देहरादून, ऋषिकेश, हरिद्वार जैसे “मैदानी” इलाके हों या ऊँचे पहाड़ी ज़िले।
भारत के भूकंप जोन स्तर (संक्षेप):
Zone II: बहुत कम जोखिम
Zone III: मध्यम जोखिम
Zone IV: उच्च जोखिम
Zone V: बहुत उच्च जोखिम
Zone VI: सबसे अधिक जोखिम / अति संवेदनशील (पूरा हिमालय‑राज्य, जिसमें उत्तराखंड शामिल)।
#उत्तराखंड_भूकंप
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National Center for Seismology (NCS) is the nodal agency of the Government of India for monitoring of earthquake activity in the country. NCS maintains National Seismological Network of 115 stations each having state of art equipment and spreading all across the country.NCS monitors earthquake activ...