05/08/2026
जात-पात, ऊँच-नीच और सामाजिक भेदभाव की दीवारों को तोड़कर समस्त मानवता को समरसता, समानता और मानवीय गरिमा का अमर संदेश देने वाले संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास महाराज जी के श्रीचरणों में कोटि-कोटि प्रणाम।
उनका संपूर्ण जीवन सामाजिक न्याय, प्रेम, सेवा, सद्भाव और भाईचारे का अनुपम उदाहरण है। उनकी पावन शिक्षाएँ हमें हर व्यक्ति का सम्मान करने, भेदभाव से ऊपर उठकर समाज में एकता और समरसता को सुदृढ़ बनाने तथा मानवता की सेवा को सर्वोच्च धर्म मानने की प्रेरणा देती हैं।
श्री गुरु रविदास जी के 650वें प्रकाश पर्व के इस पावन अवसर पर आइए, हम सभी उनके बताए मार्ग पर चलने और समरस, समतामूलक एवं सशक्त भारत के निर्माण का संकल्प लें।