24/08/2026
जालौन में ‘संकल्प यात्रा’ की अनुमति देने के बावजूद महज 2 घंटे के भीतर रद्द करना प्रशासनिक तानाशाही और सत्ताधारी दल के इशारे पर की गई साजिश है। पुलिस-प्रशासन का पिछड़े और दलित समाज के प्रति यह पक्षपातपूर्ण रवैया लोकतांत्रिक अधिकारों का खुला दमन है। लेकिन अपने हक, अधिकार, आरक्षण और स्वाभिमान की लड़ाई से हम पीछे हटने वाले नहीं हैं। जब तक प्रशासन इस पूरे मामले में हुए नुकसान की भरपाई और न्यायसंगत जवाब नहीं देता, तब तक कलेक्ट्रेट परिसर में हमारा धरना जारी रहेगा। हम डरने वाले नहीं हैं, झुकने वाले नहीं हैं—अपने अधिकारों की लड़ाई आखिरी दम तक लड़ेंगे।