JAI Rajputana's

JAI Rajputana's Singh /ˈsɪŋ/ is a common title, middle name, or surname used in South Asia, mainly in India and Nepal and in Punjab used originally by the Hindu and Sikh K

There are several major subdivisions of Rajputs, known as vansh or vamsha, the step below the super-division jāti[16] These vansh delineate claimed descent from various sources, and the Rajput are generally considered to be divided into three primary vansh:[17] Suryavanshi denotes descent from the solar deity Surya, Chandravanshi from the lunar deity Chandra, and Agnivanshi from the fire deity Agn

i.[18] The four prominent clans in the post-Gupta period - Chauhans, Paramaras, Pratiharas and Solankis — all claimed their mythological origin to have been from a sacrificial fire at Mount Abu.[5]

Lesser-noted vansh include Udayvanshi, Rajvanshi,[19] and Rishivanshi.[20] The histories of the various vanshs were later recorded in documents known as vamshāavalīis; André Wink counts these among the "status-legitimizing texts".[21]

Beneath the vansh division are smaller and smaller subdivisions: kul, shakh ("branch"), khamp or khanp ("twig"), and nak ("twig tip").[22] Marriages within a kul are generally disallowed (with some flexibility for kul-mates of different gotra lineages). The kul serves as primary identity for many of the Rajput clans, and each kul is protected by a family goddess, the kuldevi. Lindsey Harlan notes that in some cases, skakhs have become powerful enough to be functionally kuls in their own right.[23]

02/04/2020

श्री रामचंद्र कृपालु भज
मन हरण भवभय दारुणम।
नवकंज लोचन, कंज मुख,
कर कंज, पद कंजारुणम।
राम नवमी की हार्दिक शुभकामनाएं🙏🙏

जय श्री राम 🚩🚩🚩🙏🙏🙏
09/11/2019

जय श्री राम 🚩🚩🚩🙏🙏🙏

शत् शत् नमन
06/06/2019

शत् शत् नमन

15/02/2019
एक कड़वा सच,,,,प्रिय मित्रों ध्यान से पढो।लड़कियो के अनावश्यक नग्नता वाली पोशाक में घूमने पर जो लोग या स्त्रीयाँ ये कहते ...
14/02/2019

एक कड़वा सच,,,,प्रिय मित्रों ध्यान से पढो।

लड़कियो के अनावश्यक नग्नता वाली पोशाक में घूमने पर जो लोग या स्त्रीयाँ ये कहते है की कपडे नहीं सोच बदलो....
उन लोगो से हमारे कुछ यक्ष प्रश्न है..?

१)हम सोच क्यों बदले..?
सोच बदलने की नौबत आखिर आ ही क्यों रही है..?
आपने लोगो की सोच का ठेका लिया है क्या..?

२) आप उन लड़कियो की सोच का आकलन क्यों नहीं करते..?
उसने क्या सोचकर ऐसे कपडे पहने की उसके पीठ जांघे इत्यादि सब दिखाई दे रहा है..?

इन कपड़ो के पीछे उसकी सोच क्या थी..?
एक निर्लज्ज लड़की चाहती है की पूरा पुरुष समाज उसे देखे,वही एक सभ्य लड़की बिलकुल पसंद नहीं करेगी की कोई उस देखे।।।

३)अगर सोच बदलना ही है तो क्यों न हर बात को लेकर बदली जाए?
आपको कोई अपनी बीच वाली ऊँगली का इशारा करे तो आप उसे गलत मत मानिए...
सोच बदलिये...
वैसे भी ऊँगली में तो कोई बुराई नहीं होती...
आपको कोई गाली बके तो उसे गाली मत मानिए...
उसे प्रेम सूचक शब्द समझिये...

हत्या ,डकैती, चोरी, बलात्कार, आतंकवाद इत्यादि सबको लेकर सोच बदली जाये...
सिर्फ नग्नता को लेकर ही क्यों..?

४) कुछ लड़किया कहती है कि हम क्या पहनेगे ये हम तय करेंगे...
पुरुष नहीं...
जी बहुत अच्छी बात है...
आप ही तय करे...
लेकिन हम पुरुष भी किस लड़की का सम्मान/मदद करेंगे ये भी हम तय करेंगे, स्त्रीयाँ नहीं...
और हम किसी का सम्मान नहीं करेंगे इसका अर्थ ये नहीं कि हम उसका अपमान करेंगे।।।

५)फिर कुछ विवेकहीन लड़कियाँ कहती है कि हमें आज़ादी है अपनी ज़िन्दगी जीने की...
जी बिल्कुल आज़ादी है,ऐसी आज़ादी सबको मिले, व्यक्ति को चरस गंजा ड्रग्स ब्राउन शुगर लेने की आज़ादी हो,गाय भैंस का मांस खाने की आज़ादी हो,वैश्यालय खोलने की आज़ादी हो,पोर्न फ़िल्म बनाने की आज़ादी हो...
हर तरफ से व्यक्ति को आज़ादी हो।।।

६) फिर कुछ नास्तिक स्त्रीयाँ कुतर्क देती है की जब नग्न काली की पूजा भारत में होती है तो फिर हम औरतो से क्या समस्या है..?

पहली बात ये की काली माँ से तुलना ही गलत है।।।
और उस माँ काली का साक्षात्कार जिसने भी किया उसने उसे लाल साडी में ही देखा...
माँ काली तो शराब भी पीती है...

तो क्या बेवड़ी लड़कियो की हम पूजा करे..?
काली तो दुखो का नाश करती है...
पर ऐसी लड़कियाँ तो समाज में समस्या को जन्म देती हो...
और काली से ही तुलना क्यों..?
सीता जी या पार्वती जी से क्यों नहीं..?
क्यों न हम पुरुष भी काल भैरव से तुलना करे जो रोज कई लीटर शराब पी जाते है..?
शनिदेव से तुलना करे जिन्होंने अपनी सौतेली माँ की टांग तोड़ दी थी।।।

७)लड़को को संस्कारो का पाठ पढ़ाने वाला कुंठित स्त्री समुदाय क्या इस बात का उत्तर देगा की क्या भारतीय परम्परा में ये बात शोभा देती है की एक लड़की अपने भाई या पिता के आगे अपने निजी अंगो का प्रदर्शन बेशर्मी से करे..?
क्या ये लड़कियाँ सभी पुरुषो को भाई/पिता की नज़र से देखती है..?
जब ये खुद पुरुषो को भाई/पिता की नज़र से नहीं देखती तो फिर खुद किस अधिकार से ये कहती है की "हमें माँ/बहन की नज़र से देखो"..?

कौन सी माँ बहन अपने भाई बेटे के आगे नंगी होती है..?
हमारे भारत में तो ऐसा कभी नहीं होता था...

सत्य ये है की अश्लीलता को किसी भी दृष्टिकोण से सही नहीं ठहराया जा सकता।।। ये कम उम्र के बच्चों को यौन अपराधो की तरफ ले जाने वाली एक नशे की दूकान है
और इसका उत्पादन वही अश्लील स्त्री समुदाय करता है।।।
मष्तिष्क विज्ञान के अनुसार ४ तरह के नशो में एक नशा अश्लीलता(सेक्स) भी है।।।

चाणक्य ने चाणक्य सूत्र में सेक्स को सबसे बड़ा नशा और बीमारी बताया है।।।

अगर ये नग्नता आधुनिकता का प्रतीक है तो फिर पूरा नग्न होकर स्त्रीया अत्याधुनिकता का परिचय क्यों नहीं देती..?
गली गली और हर मोहल्ले में जिस तरह शराब की दुकान खोल देने पर बच्चों पर इसका बुरा प्रभाव पड़ता है उसी तरह अश्लीलता समाज में यौन अपराधो को जन्म देती है।।।
🇮🇳भारत माता की जय🇮🇳

नमन
20/10/2018

नमन

 #विजयादशमी पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं ।
19/10/2018

#विजयादशमी पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं ।

शक्ति उपासना के महापर्व "नवरात्रि" की आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं।शुभ नवरात्रि
10/10/2018

शक्ति उपासना के महापर्व "नवरात्रि" की आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं।

शुभ नवरात्रि

04/10/2018

जलती रही जोहर में नारियां
भेड़िये फ़िर भी मौन थे।
हमें पढाया गया अकबर'' महान,
तो फिर महाराणा प्रताप कौन थे।
😇😇

सड़ती रही लाशें सड़को पर
गांधी फिर भी मौन थे,
हमें पढ़ाया गांधी के चरखे से आजादी आयी,
तो फांसी चढ़ने वाले 25-25 साल के वो जवान कौन थे
😇😇

वो रस्सी आज भी संग्रहालय में है
जिस्से गांधीजी बकरी बांधा करते थे
किन्तु वो रस्सी कहां है
जिस पे भगत सिंह , सुखदेव और राजगुरु हसते हुए झूले थे
😇😇

" हालात.ए.मुल्क देख के रोया न गया...

कोशिश तो की पर मूंह ढक के सोया न गया".

जाने कितने झूले थे फाँसी पर,कितनो ने गोली खाई थी....

क्यो झूठ बोलते हो साहब, कि चरखे से आजादी आई थी....

😥😥😥😥😥😥

मंगल पांडे को फाँसी❓
तात्या टोपे को फाँसी❓
रानी लक्ष्मीबाई को अंग्रेज सेना ने घेर कर मारा❓
भगत सिंह को फाँसी❓
सुखदेव को फाँसी❓
राजगुरु को फाँसी❓
चंद्रशेखर आजाद का एनकाउंटर अंग्रेज पुलिस द्वारा❓
सुभाषचन्द्र बोस को गायब करा दिया गया❓
भगवती चरण वोहरा बम विस्फोट में मृत्यु❓
रामप्रसाद बिस्मिल को फाँसी❓
अशफाकउल्लाह खान को फाँसी❓
रोशन सिंह को फाँसी❓
लाला लाजपत राय की लाठीचार्ज में मृत्यु❓
वीर सावरकर को कालापानी की सजा❓
चाफेकर बंधू (३ भाई) को फाँसी❓
मास्टर सूर्यसेन को फाँसी❓
ये तो कुछ ही नाम है जिन्होंने स्वतन्त्रता संग्राम और इस देश की आजादी में अपना सर्वोच्च बलिदान दिया❓
कई वीर ऐसे है हम और आप जिनका नाम तक नहीं जानते ❓

एक बात समझ में आज तक नही आई कि भगवान ने गांधी और नेहरु को ऐसे कौन से कवच-कुण्डंल दिये थे❓
जिसकी वजह से अग्रेंजो ने इन दोनो को फाँसी तो दूर, कभी एक लाठी तक नही मारी...❓
उपर से यह दोनों भारत के बापू और चाचा बन गए और इनकी पीढ़ियाँ आज भी पूरे देश के उपर अपना पेंटेंट समझती है❓

गहराई से सोचिए
धन्यवाद
👏👏👏👏👏👏👏👏👏👏👏👏👏

नमन 👏👏👏👏👏
28/09/2018

नमन 👏👏👏👏👏

अंधकार के घटाटोप में, अनथक दीप जलाया,राजनीति के भंवर में भी, सुरभित कमल खिलाया |श्री  जी को जन्मदिन पर हार्दिक शुभकामनाए...
17/09/2018

अंधकार के घटाटोप में, अनथक दीप जलाया,
राजनीति के भंवर में भी, सुरभित कमल खिलाया |
श्री जी को जन्मदिन पर हार्दिक शुभकामनाएं |

😂😂😂😍😍
15/09/2018

😂😂😂😍😍

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Aurangabad
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