22/05/2020
सीगरेट चार दीन पीकर कहता है आदत
मोबाईल चार दीन चलाकर कहता है आदत
मुँह से गाली देने के बाद कहता है आदत
सुबह देर से सो कर उठता है आदत
ए ईन्सान जब हर चीज चार दीन करने के बाद
तु खुद कहता है आदत पड़ गई
तो एक महीना मुसल्सल नमाज पढ़ने के बाद
नमाज पढ़ने की आदत क्यु नही डालता
क्यूँ रमजान खत्म होते ही तेरी नमाज खत्म हो जाती है
रमजान खत्म होते ही क्यूँ गनाहो कि तरफ माइल होता है
नमाज हर हाल में कायम करो क्योकी नमाज मे काम्याबी है
नमाज हमारे नबी की आख की ठंडक है