08/07/2017
चारा घोटाला
1990 से 97 के दौरान लालू यादव बिहार के मुख्यमंत्री थे इसी दौरान बिहार में चारा घोटाला हुआ. माना जाता है कि इस घोटाले में बिहार सरकार के राजस्व में 1000 करोड़ की गड़बड़ी की गई. 30 सितंबर 2013 को 44 अन्य के साथ सीबीआई कोर्ट ने लालू यादव को इस मामले में दोषी ठहराया गया. 2014 में झारखंड हाईकोर्ट ने लालू यादव के खिलाफ चारा घोटाले मामले में पेंडिंग चार मामलों को खत्म कर दिया. कोर्ट की दलील थी कि एक मामले में दोषी करार दिए गए व्यक्ति को उन्हीं सबूतों और गवाहों के आधार पर अन्य मामलों में दोषी नहीं ठहराया जा सकता.
हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने 8 मई 2017 को चारा घोटाला केस को दोबारा खोल दिया. शीर्ष कोर्ट ने आदेश दिया कि बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री के खिलाफ दर्ज चार अन्य मामलों में भी अलग से ट्रायल चलाया जाए.
3. बेनामी प्रॉपर्टीज
20 जून को इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री के रिश्तेदारों की जब्त की गई संपत्ति की एक सूची जारी की. आईटी डिपार्टमेंट ने लालू के रिश्तेदारों की 12 संपत्तियां जब्त की हैं. इनमें कुछ लालू की बेटी मीसा भारती की और उनके पति शैलेश कुमार की हैं. साथ ही बिहार के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, रागिनी और चंदना यादव की है.
जब्त की गई संपत्तियों में दिल्ली का एक फॉर्म हाउस और न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी स्थित एक बंगला भी है. एएनआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक इन संपत्तियों का मार्केट वैल्यू 175 करोड़ से ज्यादा की है, जबकि इनको 9.32 करोड़ में खरीदा गया था.
4. 8 हजार करोड़ का मनी लॉड्रिंग केस
मई महीने में ईडी ने लालू यादव की बेटी मीसा भारती की कंपनी से जुड़े एक चार्टर्ड एकाउंटेंट को गिरफ्तार किया. इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक इन पर 8 हजार करोड़ रुपये की मनी लॉड्रिंग का आरोप है.
5. तेजस्वी यादव के खिलाफ केस
लालू यादव के छोटे बेटे तेजस्वी यादव के खिलाफ बिहार के सबसे बड़े मॉल का प्रमोशन कर रही कंपनी में भारी शेयर रखने का आरोप है.
6. तेज प्रताप यादव के खिलाफ केस
लालू यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव के खिलाफ कथित तौर पर जमीन कब्जाने और पेट्रोल पंप रखने का आरोप है.
7. मीसा, रागिनी और हेमा के खिलाफ केस
लालू की तीन बेटियों के खिलाफ भी शेल कंपनियों में डायरेक्टर होने का आरोप है.