05/08/2026
जमीयत उलमा-ए-हिंद के सदर मौलाना अरशद मदनी ने उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के उस बयान की कड़े शब्दों में निंदा की है, जिसमें केशव प्रसाद मौर्य ने मदरसों को आतंकवाद का अड्डा बताया है। उन्होंने कहा, किसी संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति का ऐसा भड़काऊ और गैर-जिम्मेदाराना बयान न केवल उस पद की गरिमा के विरुद्ध है, बल्कि देश की महान धार्मिक एवं शैक्षिक परंपरा, स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास तथा भारतीय संविधान का भी अपमान है। मौलाना मदनी ने कहा कि जिन मदरसों को आज आतंकवाद का अड्डा कहा जा रहा है, उन्हीं मदरसों से निकले उलेमा ने सबसे पहले देश की आज़ादी का बिगुल फूंका था। उन्होंने फांसी के फंदों को हंसते हुए चूमा, लंबे समय तक जेल काटी ओर प्रताड़ना सही, अंग्रेजी हुकूमत के अत्याचारों का डटकर सामना किया, लेकिन विदेशी शासन के सामने कभी सिर नहीं झुकाया, क्योंकि उनके लिए मातृभूमि की स्वतंत्रता अपने प्राणों से भी अधिक प्रिय थी।