03/08/2026
1940 के दशक में डॉ. भीमराव आंबेडकर ने धर्म और राजनीति के संबंध तथा धर्म-आधारित सत्ता के संभावित खतरों पर गंभीर चेतावनी दी थी। उनका मानना था कि लोकतंत्र, समानता और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा सर्वोपरि होनी चाहिए।