19/07/2026
आज सोनम वांगचुक जी को शांतिपूर्ण आंदोलन स्थल से बलपूर्वक हटाया जाना बेहद चिंताजनक है।
सोनम वांगचुक जी करोड़ों युवाओं के भविष्य, NEET पेपर लीक से प्रभावित छात्रों के न्याय और शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही की मांग को लेकर शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे थे। सरकार का पहला दायित्व उनसे संवाद करना था, न कि उन्हें बलपूर्वक हटाना।
लोकतंत्र में असहमति कोई अपराध नहीं होती। शांतिपूर्ण विरोध की आवाज़ को बल प्रयोग से दबाना लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। किसी भी सरकार की ताकत संवाद, संवेदनशीलता और जवाबदेही में होती है, दमन में नहीं।
देश के युवाओं के भविष्य से जुड़े सवालों का जवाब लाठी या बल प्रयोग नहीं, बल्कि पारदर्शिता, न्याय और सार्थक संवाद होना चाहिए।
Mukesh SahaniVikassheel Insaan PartySonam Wangchuk