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05/06/2026
 #बालाघाट 510 क्विंटल से अधिक धान बीज के अवैध भंडारण पर बजरंग कृषि केंद्र कोसमी के प्रोपराइटर पर एफआईआर, बजरंग कृषि केंद...
04/06/2026

#बालाघाट
510 क्विंटल से अधिक धान बीज के अवैध भंडारण पर बजरंग कृषि केंद्र कोसमी के प्रोपराइटर पर एफआईआर,

बजरंग कृषि केंद्र को किया गया सील

किसानों के हितों की सुरक्षा और कृषि आदानों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए जिले में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत कलेक्टर श्री मृणाल मीना के निर्देश पर कृषि विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए परसवाड़ा तहसील के ग्राम कोसमी स्थित बजरंग कृषि केंद्र में 510 क्विंटल 79 किलोग्राम धान बीज का अवैध भंडारण पकड़ा है। मामले में किसानों के साथ धोखाधड़ी की आशंका को देखते हुए कृषि केंद्र को सील कर दिया गया है तथा संचालक के विरुद्ध विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कराई गई है।

जानकारी के अनुसार 23 मई 2026 को सहायक संचालक कृषि श्री राजेश खोबरागड़े, अनुविभागीय अधिकारी कृषि परसवाड़ा श्री एस.आर. धुर्वे, बीज, उर्वरक एवं कीटनाशक निरीक्षक तथा कृषि विकास अधिकारी सुश्री प्रीति पंद्राम द्वारा ग्राम कोसमी स्थित बजरंग कृषि केंद्र का आकस्मिक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान केंद्र में उपलब्ध धान बीज के स्टॉक एवं संबंधित अभिलेखों की गहन जांच की गई।

जांच में पाया गया कि केंद्र के प्रोपराइटर सूरजलाल हिरवाने द्वारा निर्धारित नियमों का उल्लंघन करते हुए बड़ी मात्रा में धान बीज का भंडारण किया गया था। अधिकारियों को केंद्र में श्री सीड्स, सोमाजीगुड़ा (हैदराबाद) कंपनी का 462 क्विंटल 70 किलोग्राम तथा सीड वर्क इंटरनेशनल लिमिटेड, गोड़ावेली, मलकाजगिरी (तेलंगाना) कंपनी का 48 क्विंटल 09 किलोग्राम धान बीज अवैध रूप से भंडारित मिला। इस प्रकार कुल 510 क्विंटल 79 किलोग्राम धान बीज का नियम विरुद्ध भंडारण पाए जाने पर तत्काल कार्रवाई करते हुए कृषि केंद्र को सील कर दिया गया।

कृषि विभाग की जांच में यह भी सामने आया कि अवैधानिक तरीके से बीज का भंडारण कर किसानों को भ्रमित करने एवं उनके साथ धोखाधड़ी किए जाने की आशंका है। मामले को गंभीरता से लेते हुए बीज निरीक्षक एवं कृषि विकास अधिकारी सुश्री प्रीति पंद्राम ने 4 जून 2026 को परसवाड़ा थाना पहुंचकर बजरंग कृषि केन्द्र के संचालक सूरजलाल हिरवाने के विरुद्ध शिकायत दर्ज कराई।

शिकायत के आधार पर परसवाड़ा पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 314(4), बीज अधिनियम तथा अत्यावश्यक वस्तु अधिनियम के प्रावधानों के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस एवं कृषि विभाग द्वारा मामले की विस्तृत जांच की जा रही है।

कृषि विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि किसानों के हितों से खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति या संस्था को बख्शा नहीं जाएगा। जिले में बीज, उर्वरक एवं कीटनाशकों के विक्रय एवं भंडारण पर लगातार निगरानी रखी जा रही है तथा नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

इस कार्रवाई को कृषि क्षेत्र में पारदर्शिता बनाए रखने तथा किसानों को गुणवत्तायुक्त कृषि आदान उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।


04/06/2026

#बालाघाट
एफसीआई का 242 क्विंटल सीएमआर चावल संचेती राइस मिल वारासिवनी में मिला

दोषी व्यक्तियों पर दर्ज कराई जा रही है एफ आई आर

खाद्य एवं राजस्व विभाग की संयुक्त टीम द्वारा 3 जून 2026 की सायंकाल लगभग 7 बजे की गई आकस्मिक जांच में वारासिवनी स्थित संचेती राइस मिल परिसर में भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) डिपो नवेगांव-कोसमी का 242 क्विंटल 55 किलोग्राम सीएमआर (कस्टम मिल्ड राइस) चावल संदिग्ध परिस्थितियों में पाया गया। मामले में प्रथम दृष्टया अनियमितता सामने आने पर विभाग ने जांच तेज कर दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार जांच के दौरान एक ट्रक में एफसीआई का सीएमआर चावल लदा हुआ मिला। मौके पर मौजूद वाहन चालक से परिवहन संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा गया, लेकिन वह कोई भी वैध दस्तावेज उपलब्ध नहीं करा सका। इसके बाद टीम ने चावल सहित ट्रक को जप्त कर आगामी जांच तक पुलिस थाना वारासिवनी प्रभारी की अभिरक्षा में खड़ा करा दिया।
जांच में सामने आया कि उक्त चावल भारतीय खाद्य निगम डिपो नवेगांव-कोसमी से इथेनॉल प्लांट बोरगांव, जिला छिंदवाड़ा के लिए परिवहन किया जा रहा था। निर्धारित गंतव्य तक पहुंचाने के बजाय वाहन चालक ट्रक को वारासिवनी स्थित संचेती राइस मिल परिसर में ले गया। इस स्थिति को गंभीर मानते हुए अधिकारियों ने मामले की विस्तृत जांच प्रारंभ कर दी है।
प्रारंभिक जांच में सीएमआर चावल को रिसाइकिल करने के उद्देश्य से राइस मिल परिसर में लाए जाने की आशंका व्यक्त की गई है। इसी आधार पर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
खाद्य एवं राजस्व विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है तथा जांच प्रतिवेदन के आधार पर दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई से सार्वजनिक वितरण प्रणाली एवं सरकारी खाद्यान्न के दुरुपयोग पर अंकुश लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण संदेश गया है।



 #बालाघाटपद्म पुरस्कार 2027 के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू, सभी विभागों से प्रविष्टियां आमंत्रितभारत सरकार के प्रतिष्ठित ...
04/06/2026

#बालाघाट
पद्म पुरस्कार 2027 के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू, सभी विभागों से प्रविष्टियां आमंत्रित

भारत सरकार के प्रतिष्ठित नागरिक सम्मान 'पद्म पुरस्कार वर्ष 2027' के लिए नामांकन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। कलेक्टर श्री मृणाल मीना ने जिले के सभी प्रमुख विभागों, पुलिस प्रशासन, अनुविभागीय अधिकारियों और स्थानीय निकायों को योग्य प्रविष्टियाँ भेजने के निर्देश दिए हैं।

ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज होंगे आवेदन

पुरस्कार की पात्रता के लिए निर्धारित मापदंडों के तहत विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले योग्य व्यक्तियों के नामांकन ऑनलाइन माध्यम से जमा किए जाने हैं। इसके लिए राज्य सरकार के अवार्ड्स पोर्टल https://padmaawards.mp.gov.in पर 30 जून तक प्रविष्टियाँ दर्ज करनी होंगी। जिला स्तर पर इस संबंध में त्वरित कार्यवाही के लिए सभी संबंधित विभागों को यूजरनेम और पासवर्ड पहले ही उपलब्ध कराए जा चुके हैं। समय-सीमा के बाद प्राप्त होने वाले प्रस्तावों पर कोई विचार नहीं किया जाएगा।

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 #बालाघाट   नगरीय निकायों एवं पंचायतों की मतदाता सूची में नाम जोड़ने- काटने के लिये पहली बार ऑनलाइन आवेदन की सुविधा8317 आ...
04/06/2026

#बालाघाट
नगरीय निकायों एवं पंचायतों की मतदाता सूची में नाम जोड़ने- काटने के लिये पहली बार ऑनलाइन आवेदन की सुविधा

8317 आवेदकों ने किया ऑनलाइन आवेदन

राज्य निर्वाचन आयुक्त श्री मनोज श्रीवास्तव ने बताया है कि प्रदेश में पहली बार नगरीय निकायों एवं त्रि-स्तरीय पंचायतों की फोटोयुक्त मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान मतदाताओं को नाम जोड़ने, कटवाने और नाम संशोधन के लिये ऑनलाइन सुविधा दी गयी। इस सुविधा का लाभ लेते हुए कुल 8317 आवेदकों ने ऑनलाइन आवेदन किया। इनमें से नगरीय निकायों में 1496 और पंचायतों में 6848 ऑनलाइन आवेदन प्राप्त हुए।

नगरीय निकायों में 675 ऑनलाइन आवेदन नाम जोड़ने, 770 नाम कटवाने और 24 आवेदन नाम में संशोधन के लिये प्राप्त हुए हैं। वहीं त्रि-स्तरीय पंचायतों में 1701 आवेदन नाम जुड़वाने, 4960 नाम कटवाने और 187 आवेदन नाम में संशोधन के लिये प्राप्त हुए हैं। इन सभी आवेदनों पर नियमानुसार कार्यवाही की जा रही है।

 #बिजली बिल को नियत्रंण करने की चाबी अब आपके पासअधिकतर उपभोक्ता बिजली का बिल ज्यादा आने पर स्मार्ट मीटरों या बिजली कंपनी...
04/06/2026

#बिजली बिल को नियत्रंण करने की चाबी अब आपके पास

अधिकतर उपभोक्ता बिजली का बिल ज्यादा आने पर स्मार्ट मीटरों या बिजली कंपनी को शिकायत हैं जबकि वास्तविकता यह है कि उपकरणों के ज्यादा उपयोग से बिजली का बिल ज्यादा आता है। यदि आप थोड़ी सी सावधानी बरतें तो बिल ज्यादा आने की आपकी चिंता बढ़ेगी नहीं। आप चाहें तो अपने बढ़ते बिल को नियंत्रण में रख सकते हैं। बस आपको अपनी आदतों में बदलाव करना होगा। एक आंकलन के अनुसार अधिकांश शहरवासी रिमोट चलित विद्युत उपकरणों को ‘‘स्टैंडबाय’’ मोड पर छोड़़ देते हैं, जिससे उपकरण तो बंद हो जाते हैं परन्तु इनमें सतत् विद्युत प्रवाहित होती रहती है। यदि आप रिमोट से चलने वाले उपकरणों को स्विच ऑफ नहीं करते है और रिमोट से बंद करके उपकरणों को छोड़ देते हैं तो बिजली की खपत बढ़ जाती है, जिससे बिल बढ़ जाता है।

एक सर्वे के अनुसार 70 फीसदी लोग टी.वी. को मैन स्विच से ऑन-ऑफ न करके रिमोट से ऑन-ऑफ करते हैं। इससे टी.वी.ऑफ होने के बावजूद भी पॉवर सप्लाई चालू रहती है। इससे 21 इंच के टी.वी. में 15 वाट का करंट निरन्तर प्रवाहित होता रहता है एवं आपके मीटर को आगे बढ़ाता रहता है, जिसके कारण इन 70 फीसदी लोगों को हर महीने लगभग 200 रूपये और हर साल 1500 रूपये का अतिरिक्त भार सहना पड़ता है। इलेक्ट्रीशियन की सलाह के अनुसार एक व्यवसायी द्वारा 1200 वॉट क्षमता के एलईडी बल्ब अपने घर में लगाने के लिए खरीद लिए गए। इसी प्रकार एलईडी ट्यूबलाईट एवं ऊर्जा दक्ष पंखे लगा लिए तो उनके घर में बिजली की 30 प्रतिशत तक बिजली बचत हुई। बिजली विशेषज्ञों के अनुसार अब तो एल.ई.डी. जैसे उपकरण बाजार में आसानी से उपलब्ध हैं, उनके उपयोग से और अधिक बिजली की बचत और ज्यादा रोशनी प्राप्त हो सकती है।

हर महीने लगभग 75 रूपये की चपत

म्यूजिक सिस्टम, टी.वी., ए.सी., कम्प्यूटर आदि स्टैंडबाय मोड पर 5 से 15 वॉट तक बिजली की खपत करते हैं। अगर महीने भर भी टी.वी. बंद रहे जब भी 15 वॉट के हिसाब से एक दिन में 0.36 यूनिट व 30 दिन में 10.8 यूनिट बिजली खर्च होती है।

कम्प्यूटर

कम्यूटर के मॉनिटर एवं कापीअर्स को स्लीप मोड में रखने से लगभग 40 प्रतिशत ऊर्जा की बचत होती है। एलईडी मॉनिटर का प्रयोग करें यह पारंपरिक सी.आर.टी. मॉनिटर की तुलना में कम ऊर्जा खर्च करता है। यदि कम्प्यूटर को चालू रखना आवश्यक हो तो मॉनिटर अवश्य बंद रखें जो कि कुल ऊर्जा का 50 प्रतिशत से अधिक खर्च करता है। यदि एक कम्प्यूटर 24 घंटे चालू रखा जाए तो यह एक ऊर्जा दक्ष फ्रिज से अधिक विद्युत खर्च करता है। अतः उपयोग न होने पर कम्प्यूटर बंद रखें।

एलईडी बल्ब

वर्तमान में एलईडी बल्ब ऊर्जा बचत हेतु अतिउत्तम विकल्प है क्योंकि इनका उपयोग करके हम बिजली की बचत कर सकते हैं। एलईडी बल्ब बार-बार चालू/बंद करने से उनकी उम्र पर असर नहीं पड़ता है जबकि साधारण बल्ब जल्दी ही फ्यूज हो जाता है। एक 40 वाट के साधारण बल्ब के प्रकाश के बराबर के प्रकाश के लिए 4 से 5 वाट क्षमता के एलईडी बल्ब की आवश्यकता होती है। एलईडी बल्ब परंपरागत बल्ब की तुलना में लगभग 10 गुना अधिक प्रकाश देते हैं एवं इनकी टिकाऊ होने की अवधि सामान्य बल्ब की तुलना में लगभग 10 गुना अधिक है। यह कम ऊर्जा ग्रहण करते हैं और ज्यादा गर्म भी नहीं होते हैं।

सीलिंग फैन

वर्तमान में नियमित पंखों के स्थान पर बीईई फाईव स्टार रेटेड पंखे एवं उच्च दक्षता के पंखे उपलब्ध हैं जो कि ऊर्जा की बचत करने में सहायक होते हैं।

फ्रिज

फ्रिज को दीवार, सीधे सूर्य का प्रकाश अथवा अन्य ऊष्मा देने वाले उपकरणों के पास न रखें। फ्रिज के पीछे कंडेंसर क्वाईल पर जमी धूल के कारण मोटर को अधिक कार्य करना पड़ता है एवं बिजली ज्यादा लगती है, अतः क्वाइल्स को नियमित साफ करें। फ्रीजर की नियमित डीफ्रास्टिंग आवश्यक है जिससे कूलिंग करने हेतु फ्रिज को अधिक कार्य करना पड़ता है एवं इससे अधिक ऊर्जा का अपव्यय होता है। इसके अंदर के स्थान का पूर्ण उपयोग आवश्यक है किंतु भीतर खुली हवा के सरकुलेशन के लिए जगह छोड़ना जरूरी है। इससे ऊर्जा की बचत होती है। फ्रिज के दरवाजे की गास्केट में लीकेज नहीं होना चाहिए, जिसके कारण फ्रिज हमेशा अधिक ऊर्जा खर्च करता है एवं बिजली का बिल अधिक आता है।

एयर कंडीशनर्स (एसी)

26 डिग्री सेंटीग्रेड की सेटिंग पर न्यूनतम खर्च में अधिकतम समुचित आरामदेह वातानुकूलन प्राप्त होता है। पुराने एवं रिपेयर किए हुए एसी की दक्षता कम होती है। इसकी तुलना में नए ऊर्जा दक्ष एसी खरीदना बेहतर एवं किफायती है। एक अच्छा एसी लगभग 30 मिनट में एक कमरे को ठण्डक प्रदान कर देता है अतः टाइमर का प्रयोग कर एसी कुछ समय के लिए बंद कर दिया जा सकता है। इसके एयर फिल्टर्स में धूल जमा होने पर हवा का बहाव कम हो जाता है जबकि साफ फिल्टर्स से शीतलता शीघ्र प्राप्त होती है एवं बहुमूल्य ऊर्जा की बचत होती है। घर के आसपास हरियाली पेड़-पौधों की छांव रहने पर एसी द्वारा विद्युत की खपत में 40 प्रतिशत तक ऊर्जा की बचत की जा सकती है।

 #बालाघाटअनुसूचित जनजाति आयोग सदस्य श्री नेताम का 05 जून को दमोह-बिरसा आगमनमध्यप्रदेश राज्यअनुसूचित जनजाति आयोग के सदस्य...
04/06/2026

#बालाघाट
अनुसूचित जनजाति आयोग सदस्य श्री नेताम का 05 जून को दमोह-बिरसा आगमन

मध्यप्रदेश राज्यअनुसूचित जनजाति आयोग के सदस्य श्री भगतसिंह नेताम का 05 जून को दमोह-बिरसा आगमन हो रहा है। श्री नेताम 05 जून को प्रात: 06 बजे भोपाल से प्रस्थाान कर दोपहर 03 बजे दमोह-बिरसा पहुंचेंगें। श्री नेताम 06 जून को दमोह-बिरसा में आयोजित स्थानीय कार्यक्रमों में शामिल होंगें। श्री नेताम 07 जून को प्रात: 10 से दोपहर 12 बजे तक बिरसा के सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्द्र का निरीक्षण करेंगें और अपरान्ह 04 बजे ग्राम देवगांव में भगवान बिरसा मुंडा के मूर्ति अनावरण व अनुसूचित जनजाति सम्मेलन कार्यक्रम में शामिल होंगें और शाम 06 बजे गोंदिया के लिए प्रस्थाान करेंगें। श्री नेताम रात्रि 10 बजे गोंदिया से भोपाल के लिए रवाना होंगें और 08 जून को सुबह भोपाल पहुंचेंगें।

 #बालाघाटआकाशवाणी चौक से भूरा भगत चौक, कुटुंब न्यायालय एवं एमपीईबी कार्यालय के सामने किये गये अतिक्रमण को तीन दिन के भीत...
04/06/2026

#बालाघाट
आकाशवाणी चौक से भूरा भगत चौक, कुटुंब न्यायालय एवं एमपीईबी कार्यालय के सामने किये गये अतिक्रमण को तीन दिन के भीतर हटाने के निर्देश

अतिक्रमण हटाने के दौरान शासकीय कार्य में बाधा डालने वालों पर एफआईआर दर्ज

अतिक्रमण नहीं हटाने पर आदेश दिनांक से 02 हजार रुपये प्रतिदिन का दंड लगाया गया

बालाघाट शहर के आकाशवाणी चौक से भूरा भगत चौक तथा भूरा भगत चौक से कुटुम्ब न्यायालय एवं एमपीईबी कार्यालय के सामने तक किए गए अतिक्रमण को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। न्यायालय तहसीलदार बालाघाट द्वारा अतिक्रमणकारियों को पूर्व में नोटिस एवं बेदखली आदेश जारी किए जाने के बावजूद अतिक्रमण नहीं हटाया गया है। अतिक्रमणकारियों को चेतावनी दी गई है कि वे तीन दिनों के भीतर शासकीय जमीन पर किये गये अतिक्रमण हटा दें। अन्यथा उनका अतिक्रमण बलपूर्वक हटा दिया जायेगा।

बालाघाट तहसीलदार द्वारा बताया गया है कि संबंधित अतिक्रमणकारियों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज कर सुनवाई उपरांत 1 दिसंबर 2025 को बेदखली आदेश जारी किए गए थे। इसके बाद भी उनके द्वारा अतिक्रमण नहीं हटाए जाने पर अंतिम नोटिस जारी किया गया, लेकिन अतिक्रमण यथावत बना रहा। प्रशासन द्वारा 29 मई 2026 को राजस्व अमले के साथ अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई, लेकिन मौके पर अतिक्रमणकारियों द्वारा विरोध करते हुए शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न की गई। जिस पर रेवतनबाई मालवीय, अखिलेश मरकाम, कृष्णा मेश्राम, सरिता मेश्राम सहित अन्य अज्ञात अतिक्रमणकारियों के विरुद्ध कोतवाली थाना बालाघाट में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की धारा 132, 221 एवं 351(3)(5) के तहत अपराध दर्ज कराया गया है।

तहसीलदार न्यायालय द्वारा अतिक्रमण हटाने के लिए पारित आदेश के अनुसार 18 दिसंबर 2025 से अतिक्रमण नहीं हटाने पर प्रतिदिन 2 हजार रुपये की दर से अतिक्रमणकारियों पर दंड अधिरोपित किया गया है, जिसकी वसूली मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता 1959 की धारा 146 एवं 147 के तहत की जा रही है।

सभी अतिक्रमणकारियों को चेतावनी दी गई है कि यदि उनके द्वारा तीन दिनों के भीतर स्वयं अतिक्रमण नहीं हटाया जायेगा तो प्रशासन द्वारा बलपूर्वक अतिक्रमण हटाया जाएगा तथा कार्रवाई में होने वाला समस्त व्यय भी संबंधित अतिक्रमणकारियों से वसूल किया जाएगा।

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जिला जनसम्पर्क कार्यालय, कक्ष क्रमांक-209, 210, नवीन कलेक्ट्रेट भवन
Balaghat
481001

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