28/09/2024
‘उसे यह फ़िक्र है हरदम, नया तर्ज़े-जफ़ा क्या है।
हमें यह शौक़ है देखें सितम की इंतेहा क्या है॥’
वतन के लिए हंसते-हंसते अपनी जान क़ुर्बान करने वाले शहीद-ए-आज़म भगत सिंह की जयंती पर उन्हें शत्-शत् नमन।
िंह