13/02/2021
डॉ. अरुण कुमार (डायरेक्टर – साइंस रिसर्च क्लब, बाँदा व पोस्ट-डॉक्टोरल फेलो, मानवविज्ञान विभाग (शोध निर्देशक- प्रो.फरहद मलिक), म. गा. अ. हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा, महाराष्ट्र) को पुदुचेरी में हो रहे दो दिवसीय, 10वें अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक सम्मान से सम्मानित किया गया| यह सम्मान डॉ. अरुण कुमार को उनके शोध कार्य एवं “जनजातीय उद्यमकर्ता एवं सुनहरे भविष्य” शोधपत्र जो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के “आत्मनिर्भर योजना” के मजबूतीकरण से सम्बंधित प्रस्तुतीकरण है| अंतरराष्ट्रीय स्तर के इस आयोजन में पूर्व मुख्य सचिव, पुदुचेरी, अंतरराष्ट्रीय एवं श्रेष्ठ वैज्ञानिक, डॉ. शेखर बाबू (न्यूयॉर्क, यू.एस.ए.), डॉ. एम. राजेया कुमार (निचुपल्ली), डॉ. एम. कार्तिकेयन (चंद्रयान वैज्ञानिक, इसरो) के द्वारा अंतरराष्ट्रीय “युवा वैज्ञानिक” प्रतिष्ठित सम्मान-2021 द्वारा सम्मानित किया गया एवं डॉ. अरुण कुमार को जनजाति उद्यमी एवं पोषण स्वास्थ्य पर मुख्य अतिथि एवं श्रेष्ठ वैज्ञानिक डॉ. शेखर बाबू (न्यूयॉर्क, यू.एस.ए.) डॉ. एम. कार्तिकेयन (चंद्रयान वैज्ञानिक, इसरो) और डॉ. एम. राजेया कुमार (निचुपल्ली) द्वारा साथ में अंतरराष्ट्रीय शोध कार्य के लिए आमंत्रण भी प्राप्त हुआ | डॉ. अरुण कुमार को पूर्व में विवेक विज्ञान संचारक सम्मान, भारत गौरव सम्मान, रिसर्च एक्सीलेंस सम्मान-2021 व अन्य प्रतिष्ठित सम्मान प्राप्त हो चुके हैं | इन्होंने अपनी पीएच.डी. मानव विज्ञान विभाग (शोध निर्देशक- प्रो. राजेश कुमार गौतम), डॉ. हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय सागर हेतु बांदा जनपद में शोध कार्य को संपन्न किया और स्वास्थ्य एवं पोषण से सम्बंधित इस शोधपत्र को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत व प्रकाशित भी किया गया | यह शोध बांदा जिले के महिलाओं एवं बच्चों के स्वास्थ्य एवं पोषण सुधार पर आधारित है|