22/08/2026
किसी भी पार्टी की सरकार हो पैटर्न यही होता हैं हमेशा से:
प्रधान मंत्री को गाली देना बहुत आसान हैं,फिर मुख्यमंत्री को गाली देना थोड़ा मुश्किल है,
फिर MP MLA को गाली देना बहुत मुश्किल हैं,मतलब गाली देना तो दूर यहां लोग जायज मांग हों उसको भी नहीं उठा सकते हैं,फिर बारी आती हैं जिला प्रमुख,जिला परिषद सदस्य,प्रधान ,पंचायत समिति सदस्य ,सरपंच ,वार्ड पंच की,इनको गाली देना तो असंभव हैं किसी के लिए भी क्योंकि ये सब वहीं लोकल में ही रहते हैं,लोकल ही रहने वाले होते हैं ।
तो कुल मिलाकर निष्कर्ष हैं कि जो जितने दूर हैं हमसे ,जिससे हम कभी मिल भी नहीं पाएं रुबरु,जिनसे रोज मिलना नहीं होता उनको गाली देना , अभद्र भाषा बोलना ,उनका विरोध करना ,उन पर बेतुके गैर मर्यादित आरोप लगाना आसान हैं।
लेकिन जो जन प्रतिनिधि अपने आस पास के हैं लोकल हैं उनसे एक सवाल करना ही बड़ा मुश्किल है,लोकल जन प्रतिनिधि को गाली देना , अभद्र भाषा बोलना,बेतुके गैर मर्यादित आरोप लगाना असंभव हैं।
लोगों की जुबान को ताला लग जाता हैं।
जबकि होना ये चाहिए कि वार्ड पंच सरपंच पंचायत समिति सदस्य जिला परिषद सदस्य प्रधान जिला प्रमुख MLA MP को हम सीधे तौर पर चुनते हैं,सवाल इनसे होने चाहिए।
ढाणी गांव कस्बे सबके विकास के लिए वार्ड पंच सरपंच पंचायत समिति सदस्य जिला परिषद सदस्य प्रधान जिला प्रमुख MLA MP ज्यादा जिम्मेदार हैं।
अगर सच में कोई आम जनता का भला चाहते हैं ,सच में निष्पक्ष निश्छल निस्वार्थ भाव से विकास चाहते हैं,सुधार चाहते हैं तो इनसे सवाल करो ,इनको घेरो।