08/10/2022
आदिवासी शब्द दो शब्दों 'आदि' और 'वासी' से मिल कर बना है और इसका अर्थ मूल निवासी होता है। भारत की पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू जी बनी । भारत की जनसंख्या का 8.6% (10 करोड़ जो 2011 जनगणना के अनुसार हैं जिसमे धार्मिक अलग मान्यता की मांग के लिए नॉर्थ ईस्ट के 8 राज्य के लोगो ने जनगणना का बहिस्कार किया था उससे डाटा काम आया हैं) आज अगर जनगणना की जानती हैं जब देश की जनता 140 करोड़ हो गए हैं इस अनुसार आज आदिवासी लोगो की जनसंख्या 18.4 करोड़ के लगभग हैं जितना एक बड़ा हिस्सा आदिवासियों का है। पुरातन लेखों में आदिवासियों को अत्विका कहा गया है (संस्कृत ग्रंथों में)। महात्मा गांधी ने आदिवासियों को गिरिजन (क्योंकि अधिकतर आदिवासी लोग जंगल और पहाड़ों पर रहने वाले लोग हैं जो जल जंगल जमीन के सच्चे रखवाले हैं) कह कर पुकारा है और वो ऐतिहासिक श्रोत के अनुसार मानते थे की आदिवासी इंडिया के मूल निवासी हैं जो लाखो सालो से यहां रह रहे हैं। भारतीय संविधान में आदिवासियों के लिए 'अनुसूचित जनजाति' पद का उपयोग किया गया है। भारत के प्रमुख आदिवासी समुदायों में आंध, गोंड, खरवार, मुण्डा, खड़िया, बोडो, कोल, भील, कोली, सहरिया, संथाल, भूमिज, उरांव, लोहरा, बिरहोर, पारधी, असुर, भील, भिलाला,मीना,टाकणकार आदि हैं।