जनता के आस बरौली के विकास

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जनता के आस बरौली के विकास जनता के आस बरौली के विकास के करी

26/07/2026

मित्रों...!
आज किसी #कुर्सी का नहीं, #लोकतंत्र का कद ऊँचा हुआ है। आज किसी चेहरे की नहीं, करोड़ों #छात्रों के संघर्ष की जीत हुई है। और जो लोग यह भ्रम पाल बैठे हैं कि "फलाँ नेता रहेगा तभी #देश चलेगा..." उन्हें इतिहास का एक पन्ना पलटकर देख लेना चाहिए।
#हिंदुस्तान किसी एक चेहरे की साँसों से नहीं, 140 करोड़ हिंदुस्तानियों के हौसलों से धड़कता है!
याद रखिए...
#नेता आते हैं... नेता जाते हैं...
लेकिन #भारत न कभी रुका है, न कभी झुका है, और न कभी रुकेगा!
#जनता जब ठान लेती है,
तो सबसे ऊँची कुर्सी को भी जवाब देना पड़ता है।
नेता जनता से बनता है...
जनता किसी नेता से नहीं।
इसलिए देश को किसी एक व्यक्ति का नहीं, 140 करोड़ भारतीयों के आत्मविश्वास, #संविधान की ताकत और #लोकतंत्र की चेतना का भरोसा है।
सिंहासन बड़ा नहीं होता...
उसे बनाने वाली जनता बड़ी होती है।
व्यक्ति बदलेंगे...
पार्टियाँ आएँगी, जाएँगी...
लेकिन #राष्ट्र सर्वोपरि रहेगा।
#लोकतंत्र सबसे बड़ा रहेगा।
क्योंकि देश किसी #पार्टी या व्यक्ति से नहीं, 140 करोड़ भारतवासियों के विश्वास से चलता है!

भारत माता की जय!
जय हिंद! 🇮🇳

26/04/2026

मुख्यमंत्री फिर से विरोधाभासी बातें करते ही सदन में दिखे

सदन में विश्वास मत के प्रस्ताव के दौरान बोलते हुए बिहार के मुख्यमंत्री श्री सम्राट कुमार चौधरी उर्फ़ राकेश कुमार चौधरी उर्फ़ राकेश कुमार मौर्या उर्फ़ सम्राट कुमार मौर्या कहते दिखे कि उनको बिहार की १४ करोड़ जनता का आशीर्वाद प्राप्त है , किस यंत्र - थर्मामीटर की मदद से मुख्यमंत्री ने ये माप लिया ? क्या कुल आबादी के सभी १४ करोड़ लोगों ने वोट किया था ? क्या बिहार में १४ करोड़ मतदाता हैं ? क्या एनडीए ने चुनाव सम्राट चौधरी के नाम व् चेहरे पर लड़ा था ? जरूर मुख्यमंत्री जी की यादाश्त के साथ कोई केमिकल लोचा है !

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री अपनी उम्र , अपनी डिग्री के बारे में तो बात करते दिखे , पहली बार एफिडेविट भी किसी तरह से सही बोलते देखे - सुने गए , मगर अपनी उम्र , अपनी डिग्री को सही साबित करने , सत्यापित करने के पक्ष में कोई तार्किक - तथ्यपरक बात कहने से बचते दिखे ..

लालू जी के द्वारा जेल भेजे जाने की बचकानी बात कहते हुए प्रपंच के सहारे मुख्यमंत्री की कुर्सी हासिल करने वाले सम्राट चौधरी ये भूल गए भाजपा के ही लोग कहते हैं कि कानूनी व् न्यायिक प्रक्रिया विधि - विधान के अनुरूप चलती है , किसी के इशारे पर नहीं .. अगर इशारे पर चलती है तो फिर हम लोगों की ये बात साबित होती है कि लालू जी व् उनके परिवार को भी किसी के इशारे पर ही फंसाया गया है ....

मुख्यमंत्री अपने संबोधन में ये दंभ भरते तो दिखे कि उन्होंने नीतीश कुमार जी को मुख्यमंत्री बनाने में महती भूमिका निभायी .. मगर ये बताना भूल गए कि उन्होंने ही नीतीश कुमार जी को हटाने के लिए मुरेठा बांध कर प्रतिज्ञा ली थी , मगर बिना प्रतिज्ञा पूरी हुए मुरेठा खोल भी लिया था ..

मुख्यमंत्री अपने संबोधन में खुद पर हो रहे पर्सनल अटैक पर तिलमिलाते दिखे , मगर ये भूल गए कि कैसे उन्होंने एक बेटी के द्वारा अपने पिता को किडनी दिए जाने पर बेहद ही ओछी टिप्पणी की थी .. मुख्यमंत्री को शायद ये भी भान नहीं है कि राजनीतिक - सार्वजनिक जीवन में पर्सनल जैसा कुछ विशेष नहीं होता, सब कुछ पब्लिक के स्कैनर पर होता है और दाखिल हलफनामे के माध्यम से पब्लिक डोमेन में भी होता है , जहाँ गड़बड़ी होती है वहाँ सवाल उठता है और सवाल उठना - उठाना लाजिमी भी है .. मुख्यमंत्री के द्वारा दाखिल हलफनामों से ही सवाल खड़े हुए हैं , मुख्यमंत्री के द्वारा दाखिल हलफनामे ही विरोधाभासी हैं, ऐसी कई विसंगतियां हैं हलफनामों में , जिनका यथोचित जवाब मुख्यमंत्री अभी तक नहीं दे सके हैं ..

मुख्यमंत्री कहते दिखे "सत्ता किसी की बपौती नहीं होती" ऐसा कह मुख्यमंत्री कोई नयी बात नहीं कर रहे , ये जगजाहिर है जनता जिसे चुन कर भेजती है , वही सत्ता में काबिज होता है , मगर वर्त्तमान मुख्यमंत्री को तो जनता ने चुना ही नहीं , मुख्यमंत्री ये भूल गए कि वो मुख्यमंत्री का चेहरा तो थे नहीं , चेहरा तो कोई और था , जिसे साजिश के साथ बेबस - लाचार कर हटा दिया गया और मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैक - डोर से आ कर कब्ज़ा जमा लिया वर्तमान मुख्यमंत्री ने..

मुख्यमंत्री ने कहा कि " वो किसी की पाठशाला से नहीं हैं " .. बिल्कुल ठीक कहा , मुख्यमंत्री ने घाट - घाट घूम - घूम कर अवसरवादिता की राजनीति की पढाई की है , किसी एक पाठशाला में टिके ही नहीं , अभी जिस पाठशाला में हैं वहाँ कितने दिन टिकेंगे इसकी भी कोई गारंटी नहीं है ..

अपनी कुर्सी बचाने के लिए नीतीश कुमार जी की चापलूसी में मुख्यमंत्री ये कह गए कि लालू जी को नीतीश जी ने मुख्यमंत्री बनाया .. क्या लालू जी को जनता ने अपना वोट नहीं दिया था ? क्या सारा वोट नीतीश कुमार जी ने ही दे दिया था ? लालू जी के साथ सदैव अपार जनसमर्थन रहा और ये जगजाहिर है कि लालू जी जैसे बड़े और मजबूत जनाधार वाला जननेता न हुआ न भविष्य में होगा .. लालू जी की ऊंचाई तो खुद मुख्यमंत्री अपने उस वायरल वीडियो में स्वीकारते दिखे हैं , जिसमें वो कह रहे हैं कि वो लालू जी को गाली दे - दे कर ही नेता बने , जहाँ आज हैं वहाँ तक पहुँचे हैं .. खुद को खुद ही गालीबाज बताने - साबित करने वाले देश के पहले मुख्यमंत्री हैं जनाब ..

हे ‘सही आदमी’तुम उसी पार्टी में गए हो जिसके विरोध में पड़े वोटों के आधार पर तुम्हें राज्यसभा सांसद बनाया गया था! इसलिए प...
25/04/2026

हे ‘सही आदमी’

तुम उसी पार्टी में गए हो जिसके विरोध में पड़े वोटों के आधार पर तुम्हें राज्यसभा सांसद बनाया गया था!

इसलिए पहले सदस्यता त्याग तो देते तब पार्टी ज्वाइन करते!

भाजपा इस लेटर पर सिग्नेचर करने के लिए पिछले 21 साल से नीतीश कुमार के आगे झुकी रही लेकिन जैसे ही राजद कमजोर हुई नीतीश से ...
31/03/2026

भाजपा इस लेटर पर सिग्नेचर करने के लिए पिछले 21 साल से नीतीश कुमार के आगे झुकी रही लेकिन जैसे ही राजद कमजोर हुई नीतीश से फट से सिग्नेचर करवा ली। जेडीयू के 85 विधायक किस काम के जो अपने नेता को नहीं माना पाए। नीतीश जी के अँखिरी समय में इतना फजीहत होगा किसी ने नहीं सोचा होगा । आख़िर क्या मजबूरी रही होगी आपके और हमारे सोच से बाहर की चीज है।

ये बात लिख के रख लीजिए नीतीश जी राज्यसभा जायेंगे तो उनकी स्वास्थ्य ख़राब हो जाएगी। मुझे तो अफ़सोस इस बात का है की नीतीश जी दिल्ली से पटना आयेंगे तो किस आवास में रहेंगे क्योकि भाजपा को जैसे ही मौक़ा मिलेगा आवास खाली करा लेगी और नीतीश जी इसको नहीं झेल पाएंगे ।

मैं इसीलिए हमेशा कहता हूँ की राजनीति में विचारधारा आपका सबसे मजबूत रहना चाहिए वरना आपका भी अंत ऐसे ही होगा

🖊️मेरी कलम

ये है बिजेंद्र प्रसाद यादव जी इनकी उम्र लगभग 80 वर्ष है लगातार ये ऊर्जा मंत्री रह चुके हैं।बिजली की क्या स्तिथि है बिहार...
22/11/2025

ये है बिजेंद्र प्रसाद यादव जी इनकी उम्र लगभग 80 वर्ष है लगातार ये ऊर्जा मंत्री रह चुके हैं।

बिजली की क्या स्तिथि है बिहार में सब भली भांति जानते है स्मार्ट मीटर भी इनकी ही देन है।

अब इनको पांच पांच विभाग का मंत्री बनाया गया है जिसमें एक महत्वपूर्ण विभाग वित्त विभाग भी है जो इनको ही मिला है विकाश की गति क्या होने वाली है आप खुद समझ सकते है।

कभी किसी भावी मंत्री को किसी निर्दलीय प्रत्याशी का RO बनते देखे है जी !बेचारा प्रत्याशी हार गया RO साहब पंचायती राज मंत्...
22/11/2025

कभी किसी भावी मंत्री को किसी निर्दलीय प्रत्याशी का RO बनते देखे है जी !
बेचारा प्रत्याशी हार गया RO साहब पंचायती राज मंत्री बन गए। जय हो नीतीश कुमार की सरकार…
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भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए दुःखद खबर!आज दिनांक 𝟐𝟏 नवंबर 𝟐𝟎𝟐𝟓 को भारतीय रुपया पहली बार 𝟏 डॉलर के मुकाबले 𝟖𝟗.𝟕𝟎 के स्तर को...
22/11/2025

भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए दुःखद खबर!

आज दिनांक 𝟐𝟏 नवंबर 𝟐𝟎𝟐𝟓 को भारतीय रुपया पहली बार 𝟏 डॉलर के मुकाबले 𝟖𝟗.𝟕𝟎 के स्तर को पार कर गया है और 𝟗𝟎 को छूने की कगार पर है। ट्रेडिंग इकोनॉमिक्स और ब्लूमबर्ग के अनुसार, 𝐔𝐒𝐃/𝐈𝐍𝐑 𝟖𝟗.𝟕𝟎-𝟖𝟗.𝟕𝟏 पर पहुंच गया है – यह ऐतिहासिक गिरावट है।

दुनिया भर में 𝟐𝟎𝟐𝟓 में डॉलर कमजोर हुआ है। 𝐃𝐗𝐘 इंडेक्स साल भर में 𝟔-𝟏𝟏% तक गिरा है। यूरो (+𝟖-𝟏𝟎%), स्वीडिश क्रोना (+𝟏𝟓% तक), जापानी येन, ब्रिटिश पाउंड, नॉर्वेजियन क्रोन सभी डॉलर के मुकाबले मजबूत हुए हैं। मॉर्गन स्टैनली और रॉयटर्स की रिपोर्ट्स के मुताबिक, अधिकांश प्रमुख मुद्राएं डॉलर के खिलाफ 𝟐𝟎𝟐𝟓 में मजबूत रहीं, लेकिन सिर्फ भारतीय रुपया ही लगातार कमजोर हो रहा है।

याद कीजिए 𝟐𝟎𝟏𝟑 का दौर। जब रुपया 𝟔𝟎-𝟔𝟖 के स्तर पर था, तब गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने मनमोहन सिंह सरकार पर तीखे हमले किए थे:-

• “𝐔𝐏𝐀 सरकार और रुपया, दोनों में होड़ लगी है कि कौन ज्यादा गिरेगा!”
• “रुपये की गिरावट से प्रधानमंत्री की साख गिरती है, उनकी गरिमा कम होती है।”
• “मनमोहन जी मौन हैं, रुपया भी मौन हो गया है – दोनों की कीमत गिर रही है!”
• “देश की रक्षा और रुपये की कीमत से ज्यादा कुर्सी बचाने की चिंता है 𝐔𝐏𝐀 को।”

तब मोदी जी ने रुपये को राष्ट्रीय गौरव से जोड़ा था। आज जब रुपया 𝟖𝟗+ पर है, तब वही मोदी जी मौन हैं। क्या अब रुपये की गिरावट से प्रधानमंत्री की गरिमा नहीं गिरती? क्या अब यह सरकार की नाकामी नहीं है?

यह सिर्फ आंकड़ों की बात नहीं, हर भारतीय की जेब पर बोझ है – मंहगा पेट्रोल-डीजल, किराने की महंगाई, आयात महंगा। सवाल पैदा होता है: तब शोर मचाने वाले आज क्यों चुप हैं?

Upendra kushwaha पहले हीं 6 seat लेते टाइम एक MLC seat भी माँग लिए थे ताकि बेटे को मंत्री बना सकें। बिना कोई चुनाव लड़े ब...
21/11/2025

Upendra kushwaha पहले हीं 6 seat लेते टाइम एक MLC seat भी माँग लिए थे ताकि बेटे को मंत्री बना सकें। बिना कोई चुनाव लड़े बिना हार जीत के टेंशन के सीधा मंत्री। अब 6 महीना के अंदर NDA को इनके बेटा को MLC बनाना हीं पड़ेगा।
खुद उपेंद्र कुशवाहा सांसद(MLC), पत्नी विधायक, बेटा दीपक प्रकाश मंत्री (बिना चुनाव लड़े, बिना एक दिन भी चुनाव प्रचार किये)।
ऐसा हीं हाल जीतन राम मांझी का है आधा tickets तो अपने घर रिस्तेदारी में हीं बाँट लेते हैं और एक मंत्रालय बेटे को मिल हीं जाता है।
इनलोगों के पार्टियों के दूसरे विधायक मुँह देखते रह जाते हैं और 36 साल का लड़का मंत्री बन जाता है।
जनता नेता set कर रही है और नेता लोग अपना परिवार set कर रहे हैं। यह system चलता रहेगा।

जितानराम मांझी तो उपेंद्र कुशवाहा से भी 2 कदम आगे हैं।
जितनराम मांझी (केंद्रीय मंत्री, HAM के संरक्षक ),
HAM के अध्यक्ष और तीसरी बार मंत्री,
बहु दीपा कुमारी इमामगंज से विधायक,
बेटी सुनैना देवी के लिए मेयर का जुगाड़ बैठाये थे पर चुनाव हार गयी,
समधन ज्योति देवी बाराचट्टी से विधायक,
दामाद देवेंद्र मांझी, HAM के महासचिव और SC आयोग का उपाध्यक्ष

घिन आती है ऐसी सोच से
10/10/2025

घिन आती है ऐसी सोच से

"CJI बी.आर. गवई पर जूते फेंकने वाले वही लोग हैं, जो कभी सावित्रीबाई फुले पर पत्थर, कीचड़ और गोबर फेंका करते थे। सोच वही है, बस चेहरे बदल गए हैं।"

03/05/2025

अब कौन करेगा विकास
बरौली है तैयार
किस पर करे विश्वास
VS #महागठबंधन

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