04/10/2026
प्रेस विज्ञप्ति
“मतदाता का अधिकार, लोकतंत्र की बुनियाद” — CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर SDPI साहेबगंज जिला कमिटी का विरोध प्रदर्शन
बरहेट, 04 अक्टूबर 2026:
मुख्य निर्वाचन आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (SDPI), साहेबगंज जिला कमिटी ने आज बरहेट बाजार में शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने SIR (Special Intensive Revision), मतदाता सूची के पुनरीक्षण, निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता तथा निर्वाचन आयोग की जवाबदेही से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल उठाए।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि लोकतंत्र केवल चुनाव कराने से मजबूत नहीं होता, बल्कि प्रत्येक पात्र नागरिक के मताधिकार की सुरक्षा, पारदर्शी मतदाता सूची और निष्पक्ष निर्वाचन प्रक्रिया से उसकी विश्वसनीयता कायम रहती है।
The Indian Express की रिपोर्ट में सामने आए सवालों पर SDPI ने जताई गंभीर चिंता
SDPI साहेबगंज जिला कमिटी ने The Indian Express की 25 सितंबर 2026 की जांच रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि रिपोर्ट में निर्वाचन आयोग के आंतरिक कामकाज और कुछ महत्वपूर्ण निर्णयों को लेकर गंभीर सवाल सामने आए हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, निर्वाचन आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों के दौरान कम-से-कम 14 बार लिखित रूप से आपत्तियाँ दर्ज कीं। रिपोर्ट में कहा गया है कि दोनों निर्वाचन आयुक्तों ने कुछ महत्वपूर्ण फैसलों एवं आदेशों के संबंध में उन्हें पर्याप्त जानकारी नहीं दिए जाने को लेकर आपत्ति जताई थी।
रिपोर्ट में नए मतदाताओं के पंजीकरण, मतदाता सूची से नाम हटाने एवं बहाल करने तथा चुनावी मतदाता-डेटाबेस और सॉफ्टवेयर के नियंत्रण से जुड़े मामलों का भी उल्लेख किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, एक मामले में निर्वाचन आयुक्त सुखबीर सिंह संधू ने नए मतदाताओं से संबंधित Form-6 में किए गए बदलाव को “unauthorised and illegal” बताते हुए उसे हटाने की मांग की थी।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि दोनों निर्वाचन आयुक्तों ने चुनावी डेटा-सिस्टम में बदलाव और उसकी निगरानी से जुड़े कुछ मामलों को लेकर कैबिनेट सचिव के समक्ष भी अपनी आपत्तियाँ रखी थीं।
“सवाल उठे हैं तो जवाब भी सार्वजनिक होने चाहिए” — SDPI
SDPI साहेबगंज जिला कमिटी ने कहा कि यदि निर्वाचन आयोग के दो निर्वाचन आयुक्तों द्वारा महत्वपूर्ण निर्णयों को लेकर बार-बार लिखित आपत्तियाँ दर्ज की गई हैं, तो इन मामलों की स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी जांच आवश्यक है।
पार्टी ने कहा कि यह केवल निर्वाचन आयोग के आंतरिक कामकाज का विषय नहीं है, बल्कि देश के प्रत्येक मतदाता के विश्वास और लोकतांत्रिक व्यवस्था की विश्वसनीयता से जुड़ा मामला है।
SDPI ने मांग की कि संबंधित आपत्तियों, निर्णयों और प्रक्रियाओं से जुड़े तथ्यों को सार्वजनिक किया जाए, ताकि देश की जनता को वास्तविक स्थिति की जानकारी मिल सके।
SDPI की प्रमुख मांगें
1. मुख्य निर्वाचन आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार अपने पद से इस्तीफा दें।
2. The Indian Express की रिपोर्ट में सामने आई 14 लिखित आपत्तियों और उनसे संबंधित निर्णयों की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए।
3. SIR एवं मतदाता सूची पुनरीक्षण की पूरी प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जाए।
4. किसी पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची से हटाने से पहले उसे उचित सूचना और अपनी बात रखने का अवसर दिया जाए।
5. चुनावी डेटा एवं सॉफ्टवेयर तक पहुंच, उसके संचालन और उसमें किए जाने वाले बदलावों के संबंध में स्पष्ट कानूनी अधिकार, जिम्मेदारी और प्रभावी निगरानी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
6. निर्वाचन आयोग के महत्वपूर्ण निर्णयों में संवैधानिक एवं कानूनी प्रक्रियाओं तथा संस्थागत जवाबदेही का पूर्ण पालन किया जाए।
7. प्रत्येक पात्र नागरिक के मताधिकार की रक्षा सुनिश्चित की जाए और किसी भी योग्य मतदाता को अनुचित तरीके से मतदान के अधिकार से वंचित न किया जाए।
मौके पर मौजूद रहे पार्टी के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता
विरोध प्रदर्शन में SDPI साहेबगंज जिला अध्यक्ष अब्दुस समद, जिला कोषाध्यक्ष लाल मोहम्मद अंसारी, नाजिर अंसारी, अब्दुल गफ्फार, तैमुर अंसारी, उजीर अंसारी, उमर फारूक सहित पार्टी के दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यकर्ताओं ने लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को उठाते हुए निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता और मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा की मांग की।
SDPI: लोकतंत्र में सवाल पूछना नागरिक का अधिकार है
SDPI साहेबगंज जिला कमिटी ने कहा कि निष्पक्ष चुनाव, पारदर्शी मतदाता सूची और स्वतंत्र निर्वाचन व्यवस्था लोकतंत्र की बुनियादी शर्तें हैं। जब निर्वाचन प्रक्रिया से संबंधित गंभीर सवाल सामने आते हैं, तो उनका समाधान स्पष्ट जवाब, पारदर्शी जांच और जवाबदेही के माध्यम से होना चाहिए।
पार्टी ने कहा कि मतदाता के अधिकार और लोकतांत्रिक संस्थाओं की विश्वसनीयता से जुड़े मुद्दों पर SDPI शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाती रहेगी।
जारीकर्ता:
मो0 सऊद फैजी
जिला महासचिव
SDPI, साहेबगंज