14/08/2025
सोच बदलो गांव बदलो टीम द्वारा विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता के लिए समुदाय से अपील
विद्यालय में दो प्रकार की समिति होती हैं जिनके जरिए समुदाय विद्यालय से जुड़ता है और विद्यालय की व्यवस्थाओं को संचालित करने में सहयोग करता है
1 विद्यालय विकास एवं प्रबंधन समिति (एसडीएमसी) :-
कार्यकारिणी / विद्यालय विकास एवं प्रबंधन समिति का गठनः-
प्रधानाचार्य / प्रधानाध्यापक
पदेन अध्यक्ष
अभिभावकों में से एससी/एसटी के प्रतिनिधि
कार्यकारिणी सदस्य-2
अभिभावकों में से महिला प्रतिनिधि
कार्यकारिणी सदस्य-2
अभिभावकों में से अन्य प्रतिनिधि
कार्यकारिणी सदस्य-2
सामाजिक विज्ञान का अध्यापक प्रतिनिधि
कार्यकारिणी सदस्य-1
विज्ञान का अध्यापक प्रतिनिधि
कार्यकारिणी सदस्य-1
गणित का अध्यापक प्रतिनिधि
कार्यकारिणी सदस्य-1
पंचायत / शहरी स्थानीय निकाय के प्रतिनिधि सदस्य
कार्यकारिणी सदस्य-2
ऑडिट व वित्त विभाग का एक व्यक्ति (संस्था का लेखा कार्मिक /बी.ई.ई.ओ/ डीपीसी कार्यालय के लेखाकार / क० लेखाकार)
कार्यकारिणी सदस्य-1
शैक्षिक रूप से पिछड़े अल्पसंख्यक समुदाय का प्रतिनिधि
कार्यकारिणी सदस्य-1
महिला समूहों में से प्रतिनिधि सदस्य -
कार्यकारिणी सदस्य-1
ग्राम शिक्षा विकास समिति का सदस्य / शिक्षाविद्
कार्यकारिणी सदस्य-1
विज्ञान, मानविकी एवं कला/संस्कृति / क्राफ्ट की पृष्ठभूमि वाले (जिला परियोजना समन्वयक द्वारा मनोनीत प्रतिनिधि
कार्यकारिणी सदस्य-1
जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा मनोनीत अधिकारी
कार्यकारिणी सदस्य-1
विद्यार्थी प्रतिनिधि
कार्यकारिणी सदस्य-2
विधायक प्रतिनिधि
कार्यकारिणी सदस्य-2
(वरिष्ठतम व्याख्याता-उमावि में / वरिष्ठतम अध्यापक-मावि में) प्रधानाचार्य / प्रधानाध्यापक द्वारा नामित मुख्य शिक्षक (हेड टीचर )
पदेन सदस्य सचिव
कुल सदस्य 23
सामान्य निर्देशः-
1. समिति के सभी सदस्य संरचना के नियमानुसार मनोनीत किए जाएंगे।
2. प्रत्येक दो वर्षों में समिति का पुनर्गठन किया जायेगा।
3. किसी सदस्य के लगातार अनुपस्थित रहने स्थानांतरण या मृत्यु होने पर बैठक में कार्यवाही कर उनके स्थान पर नये सदस्य चयनित / मनोनीत किया जा सकेगा।
4. बैठक की पूर्व सूचना लिखित में दी जायेगी।
5. बैठक का आयोजन अमावस्या के दिन किया जायेगा जिससे सदस्यों की अधिकाधिक भागीदारी हो सके।
6. बैठक की कार्यवाही का विवरण संधारित किया जायेगा।
7. विद्यालय में वित्त सम्बन्धी कार्य करने के लिए बैठक में प्रस्ताव लिया जायेगा, कार्य होने के बाद अगली बैठक में इन कार्यों एवं व्ययों का अनुमोदन किया जायेगा।
8. क्रय समिति का गठन किया जाएगा।
2 विद्यालय प्रबंधन समिति (एस.एम.सी)
निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम, 2009 की धारा-21 एवं राज्य नियम-2011 के नियम 3 एवं 4 के अनुसार विद्यालय में समुदाय की सहभागिता व स्वामित्व बढ़ाने के लिए विद्यालय प्रबंधन समिति (एस.एम.सी.) का गठन किया गया है।
विद्यालय प्रबंधन समिति के दो भाग होते हैं, साधारण सभा और कार्यकारिणी समिति।
साधारण सभा में विद्यालय में अध्ययनरत प्रत्येक विद्यार्थी के माता-पिता/संरक्षक, समस्त अध्यापक, सम्बन्धित कार्यक्षेत्र में निवास करने वाले सभी जनप्रतिनिधि एवं समिति की कार्यकारिणी समिति में निर्वाचित / मनोनीत शेष सदस्य होते हैं।
साधारण सभा के सभी सदस्य अर्थात प्रत्येक बालक के माता-पिता एवं उस परिक्षेत्र के सभी जनप्रतिनिधि एसएमसी के सदस्य हैं। उन्हें एसएमसी के समस्त दायित्व एवं अधिकार प्राप्त हैं।
समिति के कार्यो को सुचारू रूप से चलाने के लिए समिति की एक 16 सदस्यीय कार्यकारिणी समिति होती है, जिसके निम्न पदाधिकारी होते हैं :-
1 अध्यक्ष
चयन प्रक्रिया
समिति की साधारण सभा द्वारा माता-पिता या संरक्षक सदस्यों में से कार्यकारिणी समिति हेतु निर्वाचित 11 सदस्यों में से कार्यकारिणी समिति के सदस्यों द्वारा निर्वाचित ।
2 उपाध्यक्ष
समिति की साधारण सभा द्वारा माता-पिता या संरक्षक सदस्यों में से कार्यकारिणी समिति हेतु निर्वाचित 11 सदस्यों में से कार्यकारिणी समिति के सदस्यों द्वारा निर्वाचित ।
3 सदस्य (11)
साधारण सभा द्वारा माता-पिता या संरक्षक सदस्यों में से कार्यकारिणी समिति हेतु निर्वाचित 11 सदस्य, जिनमें से कम से कम 6 महिलाएँ, 1 अनु.जाति व 1 अनु. जनजाति से संबंधित हो।
4 पदेन सदस्य (1)
ग्राम पंचायत/नगर पालिका के जिस वार्ड में विद्यालय स्थित है, उस वार्ड का वार्ड पंच/पार्षद ।
5 पदेन सदस्य सचिव (1)
प्रधानाध्यापक / प्रधानाध्यापिका के न होने पर वरिष्ठतम अध्यापक / प्रबोधक ।
6 निर्वाचित
विद्यालय के अध्यापकों द्वारा समिति हेतु निर्वाचित एक अन्य महिला अध्यापक / प्रबोधक (यदि उपलब्ध हो) अन्यथा पुरुष अध्यापक / प्रबोधक ।
7 मनोनीत सदस्य (2)
विद्यालय परिक्षेत्र के विधान सभा सदस्य द्वारा नामित ऐसे दो व्यक्ति (जिसमें । कम से कम एक महिला हो तथा एक माता-पिता या संरक्षक सदस्यों में से हो) जो ग्रामीण क्षेत्र हेतु उस राजस्व ग्राम / शहरी क्षेत्र हेतु उस वार्ड का निवासी हो जिसमें विद्यालय स्थित है अथवा समिति के माता-पिता या संरक्षक सदस्यों द्वारा मनोनीत स्थानीय शिक्षा शास्त्री अथवा विद्यालय का बालक। मनोनयन में प्रथम प्राथमिकता विधानसभा सदस्य द्वारा नामित व्यक्तियों को दी जावे, लेकिन मनोनयन से पूर्व विधानसभा सदस्य द्वारा नामित व्यक्तियों की उनसे लिखित में स्वीकृति ली जानी आवश्यक होगी। मनोनयन में द्वितीय प्राथमिकता विद्यालय परिक्षेत्र के निवासी राष्ट्रीय / राज्य स्तर पर पुरस्कार प्राप्त शिक्षक को दी जाए।
कुल सदस्य
16
सदस्यता की समाप्ति
कार्यकारिणी समिति के सदस्यों की सदस्यता निम्न स्थितियों में स्वतः ही समाप्त हो जायेगी :-
यदि सदस्य समिति की तीन क्रमिक बैठकों में अनुपस्थित रहे।
समिति के अन्तर्गत आने वाले किसी मुद्दे से सम्बन्धित भ्रष्टाचार में लिप्त हो।
किसी भी कारणवश सदस्य की संतान उस विद्यालय का विद्यार्थी ना रहे।
कानून द्वारा दोषी ठहराया गया हो।
कार्यकारिणी समिति
कार्यकारिणी समिति में माता-पिता या संरक्षक सदस्यों का निर्वाचन प्रत्येक 2 वर्ष में नामांकन प्रक्रिया पूर्ण होने पर 14 अगस्त से पूर्व साधारण सभा द्वारा किया जायेगा। प्रत्येक माह कार्यकारिणी समिति की एक बार बैठक बुलाना आवश्यक है।
एसएमसी / एसडीएमसी द्वारा किये जाने वाले कार्य
शिक्षकों एवं विद्यार्थियों की विद्यालय में नियमित उपस्थिति एवं विद्यार्थियों की शिक्षा के क्षेत्र में की गई प्रगति की जानकारी हेतु बैठकें करना।
विद्यालय में दोपहर के भोजन / मिड-डे-मील तथा दुग्ध योजना की गुणवत्ता एवं स्वच्छता, सम्मानजनक एवं समतायुक्त वितरण का ध्यान रखना।
विद्यालय की शैक्षिक गतिविधियों की नियमित समीक्षा कर अच्छी शिक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करना।
आउट ऑफ स्कूल बच्चों (OoSC) की पहचान करना व आयु अनुसार कक्षा में प्रवेश कराकर विशेष प्रशिक्षण की व्यवस्था करना।
बालिकाओं के लिए आवश्यक सुविधाएं जैसे शौचालय, स्वच्छता आदि सुनिश्चित करना तथा ड्रॉप आउट और अनामांकित बालिकाओं को विद्यालय से जोड़ते हुए ऐसा वातावरण निर्माण करना जहाँ सभी बालिकाएं सुरक्षित महसूस कर सकें।
विद्यालय में खेल मैदान, बाउण्ड्रीवॉल, कक्षा-कक्ष, सुविधाएँ, फर्नीचर एवं पेयजल आदि की व्यवस्था करना।
समय-समय पर विद्यार्थियों के स्वास्थ्य की जाँच करवाना।
विद्यालय के विकास हेतु विकास योजना तैयार करना और उसकी क्रियान्विति के लिए प्रयास करना
प्रेम रावत धनौरा
सोच बदलो गांव बदलो टीम