09/01/2023
प्रातःस्मरणीय कर्मशीलता के प्रतीक, मेरे पिताजी- मेरे प्रेरणापुंज, वैकुंठवासी "स्व.श्री हनुमानारामजी कांवा की प्रथम पुण्यतिथि पर सादर नमन।
आपने मुझे हमेशा कड़ी मेहनत, सच्चाई, ईमानदारी व समर्पण भाव से जीवन जीने व आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। आपका आदर्श जीवन ही मेरी सबसे बड़ी सीख है। आपने प्रेम व स्नेहिल मार्गदर्शन से हमारा पालन पोषण करते हुए हमें जीवन की सही राह के रुप में सच्चाई, त्याग, सहयोग और सेवा का बेहतरीन मार्ग प्रशस्त किया।
पूजनीय पिताश्री आपके आदर्श जीवन के सिद्धांतों को आत्मसात कर सदैव आपके पदचिन्ह पर चलने के लिए प्रयासरत हूँ।आपके पदचिह्न पर चलने का संकल्प लिया है और वह धर्म निभाऊँगा।
आपका आदर्श जीवन ही मेरी सबसे बड़ी प्रेरणा है।
पूज्य पिताजी को सादर नमन एवं अश्रुपुरित श्रद्धांजलि !